Halloween party ideas 2015


*मंत्री अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ रंगो का त्यौहार होली धूमधाम से मनाई* 


*लोकगायक रूहान भारद्वाज, करिश्मा शाह, पदम गुंसाई ने दी रंगारंग प्रस्तुति, चटपटे लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया


ऋषिकेश;

Holi milan  premchand agarwal


बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में होली मिलन समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल जी ने कार्यकर्ताओं के साथ फूलों की होली खेली। इस दौरान पीएम मोदी से सराहना पा चुके लोकगायक रूहान भारद्वाज, करिश्मा शाह, पदम गुंसाई और उनकी टीम ने अपने बैंड के साथ प्रस्तुति दी। इस अवसर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ कार्यकर्ताओं ने चटपटे लजीज व्यजनों का लुत्फ उठाया। 


बुधवार को कैम्प कार्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि होली पवित्रता का त्यौहार है। इस पर्व की महत्वता यह है कि इसमें गले शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाया जाता है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आवाहन किया है कि होली पर वोकल फॉर लोकल को अपनाएं। 


डा. अग्रवाल ने कहा कि होली पर्व पर अपने आसपास रंग बनाने वाले, गुजिया जैसे अन्य पकवान बनाने वालों से ही सामान खरीदे। इससे स्थानीय लोगों को भी अपने रोजगार के जरिए जहां कमाने का अवसर मिलेगा। साथ ही भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में ओर अग्रसर होगा। 


डा. अग्रवाल ने कहा कि होली पर्व पौराणिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक के साथ-साथ आमोद-प्रमोद के लिये मनाया जाने वाला खुशियों का त्यौहार है। रंग, गुलाल डालकर अपने इष्ट मित्रों, प्रियजनों को रंगीन माहौल से सराबोर करने की परम्परा है, जो वर्षों से चली आ रही है।


इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ फूलों की होली खेली। साथी एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली पर्व की बधाई दी।


इस मौके पर जिलाध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल, निवर्तमान जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता साह, मण्डल अध्यक्ष वीरभद्र सुरेंद्र कुमार, सुमित पंवार, दिनेश पयाल, पुनीता भंडारी, रिंकी राणा, पूनम डोभाल, सुमन रावत, पिंकी धस्माना, सुधा असवाल, ममता रतूड़ी, ममता सकलानी, नितिन सक्सेना, सुरेंद्र बिष्ट, समा पंवार, शिव कुमार गौतम, पार्षद रीना शर्मा, सोबन कैंतुरा, राज्य आंदोलनकारी कमला नेगी, सोनी रावत, सीमा रानी, जगावर सिंह, लक्ष्मी गुरूंग, अनिता राणा, विवेक शर्मा, रंजन अंथवाल, प्रवीन रावत, अनिता प्रधान आदि सैकड़ो की संख्या में महिलाएं उपस्थित रहे।


 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा के सरकारी आवास पर आयोजित पारंपरिक होली मिलन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली पर्व प्रेम, सौहार्द तथा आपसी एकता का प्रतीक है। होली का पर्व हमारे समाज में सांस्कृतिक एकता और समरसता को भी सुदृढ़ करता है। 

Holi 2025 at CM Dhami house


मुख्यमंत्री ने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह सामाजिक मेलजोल को प्रगाढ़ करने और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करता है। यह पर्व हमें आपसी भेदभाव भुलाकर एकता के सूत्र में बांधने की प्रेरणा देता है। उत्तराखंड की पारंपरिक बैठकी और खड़ी होली हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक हैं, जो समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश देता हैं।


*प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है उत्तराखंड*


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की एस.डी.जी. (सतत विकास लक्ष्य) रिपोर्ट 2023-24 में उत्तराखंड की सर्वाेच्च रैंकिंग प्राप्त करने की उपलब्धि राज्य सरकार के समर्पित प्रयासों का परिणाम है, जिससे प्रतीत होता है कि उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।


*उत्तराखण्ड यू.सी.सी लागू करने वाला बना देश का पहला राज्य।*


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने इसे समाज में समानता और न्याय की दिशा में एक बड़ा सुधार बताते हुए कहा कि यह जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप है। लंबे समय से इस पर चर्चा चल रही थी, और अब उत्तराखंड ने इसे लागू कर देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल पेश की है। 


उन्होंने कहा कि यह अवसर उत्तराखंड के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष के लिए भी ऐतिहासिक है। उत्तराखंड में समाज में समानता स्थापित करने के लिए, समान नागरिक संहिता लागू हो गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करके राज्य सरकार संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ बी.आर. अंबेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों को सच्ची भावांजलि दी है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यू.सी.सी. से राज्य में प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक और नागरिक अधिकार एक समान हो गए हैं। साथ ही सभी धर्म की महिलाओं को भी समान अधिकार मिल गए हैं। इसके लिए उन्होंने पूरे उत्तराखंडवासियों की ओर से प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

 

*सशक्त भू-कानून लागू करने की ऐतिहासिक पहल*


मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लागू सशक्त भू-कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उत्तराखंडवासियों की लंबे समय से उठ रही मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा, यह कानून प्रदेश के संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहर और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लाया गया है। इससे राज्य के लोगों की जमीन सुरक्षित रहेगी और अनियंत्रित भूमि खरीद-बिक्री पर रोक लगेगी।


समारोह में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने प्रतिभाग किया। सभी अतिथियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक संगीत व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साक्षी बनें। लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया, जिसमें अतिथियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता रही।


इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी,बीजेपी प्रदेश प्रभारी श्री दुष्यंत गौतम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व राजसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष श्री विनय रोहिल्ला, दिल्ली के विधायक श्री मनोज शौकीन आदि उपस्थित थे।

 

आज का राशिफल

*दिनांक:- 13/03/2025, गुरुवार*

चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष, 

फाल्गुन

Rashifal today 13 march 2025



*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮* 


 *होलिका दहन (भद्रोपरांत)


*सत्यव्रत पूर्णिमा 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


ऋणकर्ता पिता शत्रुमाता च व्यभिचारिणी ।

भार्या रूपवती शत्रुः पुत्रः शत्रुरपण्डितः ।।

।। चा o नी o।।


अपने ही घर में व्यक्ति के ये शत्रु हो सकते है...

उसका बाप यदि वह हरदम कर्ज में डूबा रहता है.

उसकी माँ यदि वह दुसरे पुरुष से संग करती है.

सुन्दर पत्नी

वह लड़का जिसने शिक्षा प्राप्त नहीं की.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -: पुरुषोत्तमयोग :- अo-15


श्रोत्रं चक्षुः स्पर्शनं च रसनं घ्राणमेव च ।,

अधिष्ठाय मनश्चायं विषयानुपसेवते ॥,


यह जीवात्मा श्रोत्र, चक्षु और त्वचा को तथा रसना, घ्राण और मन को आश्रय करके -अर्थात इन सबके सहारे से ही विषयों का सेवन करता है॥,9॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी।। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। बाहरी सहायता से कार्यों में गति आएगी। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में चैन रहेगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। शारीरिक कष्ट की आशंका है, अत: लापरवाही से बचें। प्रसन्नता बनी रहेगी।


🐂वृष

चोट व दुर्घटना से शारीरिक हानि की आशंका है। विवाद को बढ़ावा न दें। अतिउत्साह हानिप्रद रहेगा। कुसंगति से बचें। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी उलझन में फंस सकते हैं। विवेक से निर्णय लें। सार्वजनिक स्थान पर लोगों का ध्यान नहीं खींच पाएंगे। धैर्य रखें।


👫मिथुन

राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। धार्मिक कृत्यों में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। व्यस्तता रहेगी। थकान महसूस होगी। किसी लंबे प्रवास की योजना बनेगी। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा।


🦀कर्क

नई योजना बनेगी। पुराने किए गए निर्णयों का लाभ अब प्राप्त होगा। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। नए कार्यकारी अनुबंध हो सकते हैं। नौकरी में चैन रहेगा। घर में तनाव रह सकता है। चिंता में वृद्धि होगी।


🐅सिंह

यात्रा लाभदायक रहेगी। काफी समय से रुका हुआ धन प्राप्ति के योग हैं। भरपूर प्रयास करें। आय में वृद्धि होगी। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। जल्दबाजी न करें।


🙎कन्या

किसी अपने ही व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। फालतू खर्च होगा। असमंजस रहेगा। निर्णय लेने की क्षमता कम होगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। अशुभ समय।


⚖तुला

बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। प्रतिद्वंद्वी पस्त होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कोई रुका हुआ कार्य पूर्ण होने के योग हैं।


🦂वृश्चिक

घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। लंबे प्रवास की योजना बनेगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। कारोबार में अनुकूलता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी से बचें।


🏹धनु

संबंधियों तथा मित्रों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से मनोनुकूल लाभ होगा। स्वास्थ्य कमजोर होगा। किसी बाहरी व्यक्ति पर भरोसा न करें।


🐊मकर

दु:खद समाचार मिल सकता है। भागदौड़ रहेगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। मानसिक बेचैनी रहेगी। प्रियजनों के साथ रिश्तों में खटास आ सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। अपरिचितों पर अंधविश्वास न करें। कारोबार ठीक चलेगा। आय होगी। धैर्य रखें।


🍯कुंभ

शैक्षणिक व शोध इत्यादि कार्यों के परिणाम सुखद रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आयोजन हो सकता है। नौकरी कार्य में उत्साह व प्रसन्नता से सफलता प्राप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेशादि लाभदायक रहेंगे। भाग्य का साथ रहेगा। जल्दबाजी न करें।


🐟मीन

स्थायी संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा, साक्षात्कार व करियर संबंधी कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में प्रशंसा प्राप्त होगी। यात्रा लाभदायक रहेगी। जोखिम न उठाएं। थकान महसूस होगी।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

    सत्यवाणी परिवार की ओर से होली की हार्दिक शुभकामनाएं



Holika dahan

 
13 मार्च 2025 को सूर्योदय से लेकर सुबह 10:35 तक रहेगी



पूर्णिमा तिथि 13 मार्च भद्रा करण, सुबह 10:35 से आरंभ होकर रात्रि 11:26 तक रहेगा।
 होलिका दहन 13 मार्च रात 11:26 के बाद ही होगा।

 व्रत की पूर्णिमा भी 13 मार्च को होगी। दहन का मुहूर्त रात्रि 11 बजकर 26 मिनट से रात्रि 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।
होलिका पूजन के लिये सुबह 10 :35 से 1:30 तक का समय रहेगा या फिर 3 बजे के बाद।
इस बीच राहु काल का योग है।


आज , पूर्णिमा के दिन  होली का त्योहार फाल्गुन मास में मनाया जाता है.  भक्त  प्रह्लाद की भक्ति को दर्शाता और असत्य पर सत्य की विजय  का प्रतीक यह त्यौहार  अनंत काल से मनाया जा  रहा है.  जीवन  में हर्ष और उल्लास का रंग भरने वाले इस त्यौहार  पर दुश्मन और दोस्त  भी गले लग जाते है

 

 भगवान् नरसिंह की पूजा का विशेष महत्त्व  है . इस दिन स्त्रियां इस कामना से दिन भर व्रत  रखती है कि  बुराई रुपी होलिका  जल जाये और  भक्त प्रह्लाद बच जाएँ।


 कथा और कारण-


हिरण्कश्यप  के पुत्र प्रह्लाद को  उसके पिता द्वारा सदैव हरि  भक्ति के कारण प्रताड़ित किया गया.  उन्ही प्रताड़ना में से एक प्रतड़ना के अंतर्गत  प्रह्लाद की बुआ जिसे  अग्नि में ना जलने का वरदान प्राप्त था, वह प्रह्लाद को गोदी में लेकर  अग्नि में बैठ गयी.  परन्तु भक्त की पुकार से नारायण ने  अपने भक्त को बचा लिया और होलिका का दहन हो गया. उसी का प्रतिरूप प्रतिवर्ष भारत  में होलिका दहन के रूप में मनाया जाता है. इससे अगले दिन फाग के दिन रंगों  से एक दूसरे के साथ खेलते हुए  लोग अपनी ख़ुशी जाहिर करते है.



होलिका पूजन की तैयारियां होलाष्टक लगते ही शुरू हो जाती है , जब गाय  के गोबर से बड़क्ले  और अनेक प्रकार की आकृतियां  बनाकर  सुखाई  जाती है.  उन्हें आज के दिन मिष्ठान , हल्दी, सूत , गेंहू की बाली , मिष्ठान , रंग , फल, दीप , धूप , आदि के साथ होलिका पर अर्पित किया जाता है. और होलिका की 3 या 7 बार  परिक्रमा की जाती है.




देहरादून:



 भारतीय जनता पार्टी महानगर देहरादून के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने अपने कार्यभार के प्रथम दिन में हम सब के आदर्श संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण की एवं भाजपा के आदर्श एकात्म मानववाद के पुरोधा पंडित श्री दीनदयाल उपाध्याय जी एवं उत्तराखंड के गांधी परम श्रद्धेय  श्री इंद्रमणि बडोनी जी की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर कोटि-कोटि नमन किया उसके बाद उत्तराखंड के शहीदों को कचहरी परिसर में पुष्पांजलि के माध्यम से उनकी शहादत को याद करते हुए  नमन किया।

 देहरादून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल एवं बार काउंसिल के सदस्य अनिल पंडित सहित कई अधिवक्ताओं के द्वारा महानगर के अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल का स्वागत अभिनंदन भी किया गया।

साथ ही महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने बताया कि संगठन के द्वारा मुझे पुनः जो जिम्मेदारी मिली है उस जिम्मेदारी को समर्पण एवं  निष्ठा के साथ निर्वाहन करना है हमने पिछले कार्यकाल में भी सेवा भाव से संगठन के दिशा निर्देश अनुसार महानगर देहरादून को संगठनात्मक स्तर से आगे लाने का काम किया है और आने वाले समय में भी यही कार्यशैली अपनाई जाएगी। 

कार्यक्रम में राजपुर विधानसभा के माननीय विधायक श्री खजाना दास जी ने भी सभी महापुरुषों की प्रतिमा पर पुष्पांजलि करी उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को कोटि-कोटि नमन किया और पुनः सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल को शुभकामनाएं दी।


कार्यक्रम में सुरेंद्र राणा विजेंद्र थपलियाल  मंडल अध्यक्ष पूनम बुटोला आशीष शर्मा जयपाल बाल्मीकि विपिन खंडूरी मनीष पाल पार्षद वैभव अग्रवाल रोहन चंदेल विमला गौड  बबलू बंसल राहुल पंवार अंशिता शर्मा पवन त्रिपाठी संतोष नागपाल अनूप गोयल आदि सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



 

धामी सरकार का बड़ा फैसला, मधुमक्खी पालन से स्वरोजगार को बढ़ावा, रुपये 350 प्रति मौनबॉक्स से बढ़ाकर रुपये 750 प्रति मौनबॉक्स किया गया*


*कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार


देहरादून:



 उत्तराखंड सरकार ने मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन देने और भूमिहीन किसानों व नवयुवकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 

अब मधुमक्खीपालन योजना के तहत पर-परागण के लिए दी जाने वाली राज सहायता को रुपये 350 प्रति मौनबॉक्स से बढ़ाकर रुपये 750 प्रति मौनबॉक्स कर दिया गया है। 

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने इस फैसले के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। 

    कृषि मंत्री ने कहा कि मधुमक्खी पालन केवल शहद उत्पादन का साधन नहीं, बल्कि यह कृषि क्षेत्र में पर-परागण की प्रक्रिया को बढ़ाकर फसलों की उत्पादकता में वृद्धि करने का एक महत्वपूर्ण जरिया भी है।


 विशेष रूप से सेब और लीची जैसी फसलों में मधुमक्खियों की उपस्थिति से अधिक पैदावार मिलती है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने से उत्तराखंड के कृषि और बागवानी क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और कृषकों की आर्थिक स्थिति सुधारने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। 

मधुमक्खी पालन से किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी, स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


*सरकारी सहायता से किसानों और मौनपालकों को होंगे ये प्रमुख लाभ:* 

*कृषि क्षेत्र में सुधार:* मधुमक्खियां फूलों से पराग इकट्ठा कर फसलों के प्राकृतिक पर-परागण में मदद करती हैं, जिससे पैदावार में वृद्धि होती है। 

*बागवानी फसलों को मिलेगा लाभ:* सेब, लीची, बादाम, सरसों और अन्य फल-फूल आधारित फसलों में उत्पादन बढ़ेगा। 

*शहद उत्पादन से अतिरिक्त आय:* किसानों को मधुमक्खी पालन से शहद, मोम और अन्य मधु उत्पादों से अतिरिक्त आमदनी होगी।

*राज सहायता से किसानों का आर्थिक बोझ कम होगा:* रुपये 750 प्रति मौनबॉक्स की सहायता मिलने से किसानों को मौनबॉक्स खरीदने में आर्थिक राहत मिलेगी। 

*स्वरोजगार को बढ़ावा:*  यह योजना भूमिहीन नवयुवकों और बेरोजगारों को रोजगार का अवसर प्रदान करेगी। 

*पर्यावरण संतुलन में योगदान:* मधुमक्खियां जैव विविधता बनाए रखने और पर्यावरण को संतुलित करने में मदद करती हैं

 देहरादून :

Non-affialated madarse uttarakhand


उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राज्य सरकार द्वारा बिना आवश्यक स्वीकृति के संचालित अवैध चल रहे मदरसों को बंद करने के कदम का स्वागत करता है। 


यह निर्णय राज्य की इस प्रतिबद्धता के अनुरूप है कि सभी शैक्षिक संस्थान निर्धारित मानकों और नियमों का पालन करें, विशेष रूप से बच्चों के कल्याण और शैक्षिक अधिकारों की सुरक्षा के मामले में।


इस विकास के मद्देनजर, उत्तराखण्ड बाल अधिकार आयोग ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है, कि उनके द्वारा यह सुनिश्चित किया जाये कि इन अवैध मदरसों में वर्तमान में पढ़ाई कर रहे सभी बच्चों को तुरन्त मान्यता प्राप्त और उपयुक्त स्कूलों में शिक्षा प्रदान की जाए। आयोग यह जोर देता है कि बच्चों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार नजदीकी और उपयुक्त स्कूलों में स्थानांतरित किया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति सभी बच्चों के लिए समावेशी, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल देता है, और आयोग इस प्रक्रिया में इसके कड़े कार्यान्वयन की अपील करता है।


इसके अतिरिक्त, आयोग ने अन्य राज्यों से आकर मदरसा में पढ़ने वाले बच्चों का शीघ्र स्थानांतरण करने का आह्वान किया है, ताकि उनकी शिक्षा में कोई विघ्न न आये। 


बच्चों को मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला दिया जा सकता है, और जहां आवश्यक हो, उनकी सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सुभाष चन्द्र बोस जैसे छात्रावास वाले विद्यालयों में उनका दाखिला करवाया जा सकता है।


उत्तराखण्ड बाल अधिकार आयोग पुनः यह दोहराता है कि हर बच्चे का कल्याण सर्वोपरि है और उनको गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार किसी भी स्थिति में बाधित नहीं किया जा सकता। आयोग इन उपायों के कार्यान्वयन की निगरानी जारी रखेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी बच्चे को उनकी शिक्षा के अधिकार से वंचित न किया जाए।


उक्त के क्रम में आयोग द्वारा महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को पत्र प्रेषित करते हुए शिक्षा से वंचित हो रहे बच्चों को निकटवर्ती सरकारी विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कराते हुए 31 मार्च, 2025 से से पूर्व आयोग को विस्तृत आख्या उपलब्ध करवाने हेतु निर्देश दिये गये है, जिसकी प्रति सचिव, विद्यालयी शिक्षा एवं समस्त जिलाधिकारी को भी प्रेषित की गयी है।

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