Halloween party ideas 2015

 एनजीए की वंशिका कुमारी को 'उत्तराखंड बाल गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया


निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी (एनजीए), खैरीं कलां ऋषिकेश की कक्षा

Uttarakhand bal gaurav samman

12 की छात्रा वंशिका कुमारी को उनकी खेल उपलब्धियों के लिए 'उत्तराखंड बाल गौरव सम्मान' से नवाजा गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान देहरादून के आईआरडीसी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान  मुख्यमंत्री के कर कमलों से प्रदान किया गया। इस अवसर पर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना और महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल भी मंच पर उपस्थित रहीं।


विद्यालय में वंशिका की इस उपलब्धि पर हर्ष और उल्लास का माहौल है। एनजीए के संचालक पूज्य संत बाबा जोध सिंह महाराज जी ने वंशिका को आशीर्वाद स्वरूप नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. सुनीता शर्मा, हेडमिस्ट्रेस श्रीमती अमृतपाल डंग, प्रशासनिक अधिकारी श्री विनोद बिजल्वान, खेल विभाग के शिक्षक दिनेश पैन्यूली और पूनम चौहान सहित सभी शिक्षकों ने वंशिका को शुभकामनाएं दीं।


खेल विभाग के शिक्षक दिनेश पैन्यूली ने बताया कि वंशिका को 18 दिसम्बर को देहरादून के आईआरडीसी ऑडिटोरियम में यह सम्मान उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए दिया गया है। उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय रग्बी प्रतियोगिताओं, टेनिस बॉल क्रिकेट, तथा जिला व स्कूली स्तर की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कई पदक जीते हैं।


वंशिका वर्तमान में निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी (निशुल्क) विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रही हैं और कृष्णा कॉलोनी, आईडीपीएल की निवासी हैं। उनकी सफलता ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। विद्यालय परिवार ने वंशिका को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। 



  देहरादून:


Aangan badi job in uttarakhand soon


 प्रदेश की 6559 महिलाओं को जल्द ही रोजगार मिलने जा रहा है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को प्रदेश में 374 आंगनबाड़ी कार्यकत्री और 6185 सहायिकाओं के रिक्त पदों पर नियुक्ति करने के लिए निर्देश जारी किए हैं । विभाग अगले दो दिन में इसकी विज्ञप्ति जारी कर सकता है । 

गुरुवार को राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम स्थित राष्ट्रीय खेल सचिवालय में विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने यह जानकारी दी । उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग सभी जनपदों में आंगनबाड़ी केंद्रो का उच्चीकरण किया गया था, जिसके बाद वहां तैनात सहायिकाएं आंगनबाड़ी बन गई थी। इससे सहायिकाओं के काफी पद रिक्त हो गए थे। रेखा आर्या ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों में कुल 6185 सहायिकाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के 374 पद रिक्त हैं । हाल ही में हुई कैबिनेट में आंगनबाड़ी भर्ती नियमावली में संशोधन करके उसका शासनादेश जारी किया गया था, जिससे इन पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हुआ। मंत्री ने बताया कि विभाग को अगले एक-दो दिन के अंदर विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं । इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए जाएंगे और आवेदन करने के लिए महिला अभ्यर्थियों को करीब 30 दिन का समय दिया जाएगा । विभाग के अधिकारियों को यह भर्ती प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।



*5 दिन के भीतर भेजें प्रस्ताव* 


महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर नंदा गौरा योजना व अन्य योजनाओं की समीक्षा की । इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केद्रों के नए मानकों के मुताबिक वहां पाइप वाटर, ड्रिंकिंग वॉटर, बिजली और शौचालय की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में वर्चुअल जुड़े सभी 13 जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को 5 दिन के भीतर सभी आंगनबाड़ी केद्रों में इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने संबंधित प्रस्ताव निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि तुरंत बजट जारी कर दिया जाएगा । मंत्री रेखा आर्या ने नंदा गौरा योजना में अब तक आए आवेदनों की समीक्षा की और सभी जनपदों को 31 दिसंबर तक ज्यादा से ज्यादा आवेदन मंगाने और लाभार्थियों की संख्या बीते साल के मुकाबले बढ़ाने के निर्देश भी दिए। जिन आवेदनों को किसी कमी के चलते वापस किया गया है उन सभी आवेदकों  को से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करके समय रहते आवेदन दोबारा मंगाने के निर्देश भी मंत्री ने जारी किए हैं।  बैठक में प्रदेश में प्रस्तावित 3940 आंगनवाड़ी भवनों  के निर्माण की भी समीक्षा की गई । उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी, अगर किसी जगह पर आंगनवाड़ी केंद्र के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो रही है तो उसे किसी ऐसी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए जहां केंद्र की जरूरत हो और जमीन उपलब्ध हो।



*अब आपको मंजिल तक पहुंचाएगी महिला सारथी* 


देहरादून, 19 दिसम्बर । उत्तराखंड की सड़कों पर आप जल्द ही एक नया नजारा कर पाएंगे जब आपको ओला उबर की तर्ज पर महिला सारथी यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचती नजर आएंगी। महत्वाकांक्षी महिला सारथी परियोजना का पायलट प्रोजेक्ट जल्द ही देहरादून जिले में शुरू होने वाला है । 


महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि इसमें ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा या परित्यक्ता हों। महिलाओं को परिवहन विभाग ड्राइविंग का प्रशिक्षण देगा और उनके ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाएंगे। इन महिलाओं के लिए ही वाहनों की व्यवस्था एक संस्था के सीएसआर फंड और निर्भया योजना के फंड से की जानी प्रस्तावित है। इसमें लाभार्थी महिलाओं को कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। इन गाड़ियों के संचालन के लिए एक पूरी तरह प्रोफेशनल मोबाइल एप बनाया जाएगा, उसमें यूजर इंटरफेस तकरीबन वैसा ही होगा जैसा आजकल ऑनलाइन गाड़ियां बुक करने वाली कमर्शियल कंपनियों के एप में होता है। मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि वाहनों में महिला चालकों की सुरक्षा के मद्देनजर कई फीचर शामिल होंगे। इन वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग नियमित रूप से होगी ताकि महिला चालक या सवारी में से किसी को भी सुरक्षा संबंधी समस्या होने पर तुरंत मदद मिल सके। इस योजना में पुलिस और परिवहन विभाग भी शामिल होंगे, इसलिए इन विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ जल्द ही एक प्रेजेंटेशन किया जाएगा । पायलट प्रोजेक्ट के लिए देहरादून में पहले ही महिलाओं को ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 


बैठक में सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक प्रशांत आर्या, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी, आरती बलोदी, उदय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।

 *मुख्यमंत्री ने सतपुली झील के साथ पौड़ी जिले में किया 172 करोड़ 65 लाख की 24 योजनाओं का किया लोकार्पण एंव शिलान्यास।*

CM Dhami inaugurated satpuli lake


*56 करोड़ की लागत से होगा सतपुली झील का निर्माण, स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार अवसर-मुख्यमंत्री*




मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को पौड़ी जिले के सतपुली में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए पूर्वी नयार नदी में बनने वाली बहुउद्देशीय सतपुली झील का शिलान्यास सहित लगभग 172 करोड़ 65 लाख की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जिसमें123 करोड़ 53 लाख की 04 योजनाओं का शिलान्यास व 49 करोड़ 12 लाख की 20 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। 


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने  विकासखण्ड बीरोंखाल के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज भरोली खाल व बीरोंखाल में नवीन भवन का निर्माण कराए जाने, विकासखण्ड एकेश्वर व कल्जीखाल के मध्य नयार पाटीसैण व असवालस्यूँ के मध्य पश्चिमी नयार नदी के ऊपर मोटर पुल निर्माण कराए जाने, विकासखण्ड एकेश्वर मुख्यालय में मिनी स्टेडियम का निर्माण , रवांसा नदी के ऊपर निर्मित पीपलडोंगा पुल से 500 मीटर ऊपर की ओर बैराज का निर्माण, ताड़केश्वर महादेव में पुलिस चौकी की स्थापना किए जाने की घोषणा की। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लगभग 172 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। यह योजनाएं क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। सतपुली झील का निर्माण पूरा होने से यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी का यह तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक बताया था, और इस कार्य की शुरुआत हो चुकी है। आज जिस झील का शिलान्यास किया गया है उसका लाभ आने वाली कई पीढ़ियों को भी होगा। उन्होंने कहा प्रदेश में सड़क, हवाई कनेक्टिविटी के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास किया जा रहा है। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में वृहद स्तर पर निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या को जड़ से समाप्त करने की दिशा में निरंतरता से कार्य कर रही है। प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय उद्योगों में भी युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी मातृशक्ति हर क्षेत्र में क्रांति ला रही है। मातृशक्ति द्वारा तैयार उत्पाद आज बड़ी-बड़ी कंपनियों को भी फेल कर रहे हैं, जिनकी डिमांड विदेशों तक होने लगी है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए भी हम संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में 5000 एकड़ से अधिक भूमि से अतिक्रमण हटाया है। उन्होंने कहा 2025 के जनवरी माह में हम प्रदेश में यूसीसी लागू करने जा रहे है। बहुत जल्द हम राज्य की जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सख्त भू कानून लाने वाले हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल की विकास पुस्तिका का विमोचन किया। 


कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने क्षेत्र में विकास योजनाओं की स्वीकृति के मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं से क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे। 


इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र अंथवाल, विधायक लैन्सडौन दिलीप महंत, भाजपा जिलाध्यक्ष कोटद्वार वीरेंद्र रावत, जिलाध्यक्ष पौड़ी सुषमा रावत, विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, ब्लॉक द्वारीखाल के प्रशासक महेन्द्र राणा, प्रशासक कल्जीखाल बीना राणा, प्रशासक पोखड़ा प्रीति देवी, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह  एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 

पीपी एक्ट में प्रकरण डालकर अपनी जिम्मेदारियों से नहीं हो सकते विभाग विमुखःडीएम 


सभी  एसडीएम 21 दिन में निपटाएं उनके यहां प्रचलित पीपी एक्ट के प्रकरणः डीएम


पीपी एक्ट अतिक्रमण पर प्रवर्तन न करने का कोई एक्सक्यूज नही, पीपी एक्ट सरकारी भूमि पर नही भवन होता है लागू। 


विभागीय भूमि पर चिन्हित अतिक्रमण को नोटिस देकर सीधे करें कार्रवाईः डीएम


सभी विभाग 15 जनवरी से पूर्व अपनी भूमि से हटाए चिह्नित अतिक्रमण


बैठक में प्रतिभाग न करने पर अधि.अभि एनएच, ईओ हरर्बटपुर का वेतन प्रतिबन्धित 

देहरादून :

DM sakein bansal


 जिलाधिकारी सविन बंसल ने देर शाम  ऋषिपर्णा सभागार में राजस्व एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक  कर सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने और विभागीय लैंड बैंक तैयार करने के संबंध में एक समीक्षा बैठक आयोजित की।

बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई करें। सरकारी सम्पत्तियों पर अतिक्रमणों के  मामले पीपी एक्ट में  सुनने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पीपीएक्ट के प्रकरण सरकारी भूमि पर नही बल्कि भवन पर लागू होता है, पीपीएक्ट का कोई भी बहाना स्वीकार नही किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी उपजिलाधिकारियों पीपी एक्ट के 21 दिन में निस्तारण करें। बैठक में कोई भी पीपी एक्ट में मामला न दिखे। उन्होेंने कहा कि पीपी एक्ट का हवाला डालते हुए अपनी जिम्मेदारियों से विमुख नही हो सकते हैं, अतिक्रमण पर प्रभावी कार्यवाही किया जाना जरूरी है इसके लिए विभाग प्रभावी कार्य करें। साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके द्वारा चिन्हित किए गए अतिक्रमण को 15 जनवरी से पूर्व हटा लिया जाए। बैठक में प्रतिभाग न करने पर एक्सियन एनएच  एवं  अधिशासी अधिकारी हरर्बटपुर का वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों से अपनी संपत्तियों पर अतिक्रमण की स्थिति पर की गई कार्यवाही की जानकारी प्राप्त करते हुए तुरंत  नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए ।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी विभाग अपनी-अपनी संपत्तियों  से हटाए गए अतिक्रमण का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करें।लैंड बैंक तैयार करने के लिए भूमि का सही और अद्यतन डेटा सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभाग समन्वय स्थापित करके अपनी कार्ययोजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करें। जिलाधिकारी ने भूमि विवादों के समाधान के लिए राजस्व और न्यायिक विभाग को तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कब्जाधारियों को नोटिस देकर समयसीमा के भीतर भूमि खाली कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्य के लिए एक समयबद्ध योजना बनाई गई है, जिससे सरकारी संपत्तियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह, अपर नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून बीर सिंह बुदियाल, उप जिलाधिकारी कालसी गौरी प्रभात,  नगर आयुक्त ऋषिकेश शैलेन्द्र सिंह नेगी सदर हरिगिरी, मुख्यालय शालिनी नेगी, चकराता योगेश मेहर, विकासनगर विनोद कुमार, डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, ऋषिकेश स्मृता परमार, न्याय कुमकुम जोशी, सहित सम्बधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्यसचिव ने जारी किए निर्देश


देहरादून:

Uttarakhand products used in govt departments


राज्य सरकार के अधीन विभिन्न विभाग और सरकारी कार्यालयों में आयोजित होने समारोहों, बैठकों के लिए स्थानीय समूहों के उत्पाद खरीदे जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। 

मुख्य सचिव की ओर से गुरुवार को जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तराखंड में अलग - अलग विभागों के सहयोग से विभिन्न प्रकार के स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, महिला कृषकों और एकल महिला उद्यमियों द्वारा कई प्रकार के उच्च गुणवत्ता युक्त स्थानीय उत्पाद बनाए जा रहे हैं। उत्तराखंड सरकार भी विभिन्न शासकीय कार्य्रकमों, बैठकों, समारोह में उपहार देने के लिए स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता के आधार पर क्रय करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में सभी विभाग, कार्यालय अपने अधीन होने वाले कार्यक्रमों, समारोहों के लिए स्थानीय उत्पादों की खरीद करेंगे। इससे समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही, लोगों को भी गुणत्ता पूर्ण उत्पाद हासिल हो सकेंगे। 


*स्थानीय उत्पादों का ब्रांड हाउस ऑफ हिमालयाज*

विहित है कि प्रदेश सरकार ने गत वर्ष स्थानीय उत्पादों का अम्ब्रेला ब्रांड 

हाउस आफ हिमालयाज भी लांच किया है। इसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों, दिसंबर 2023 के दौरान देहरादून में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट के दौरान हुआ था। वर्तमान में हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के तहत  आठ श्रेणी में कुल 35 उत्पादों को शामिल किया गया है। इसमें मिलेट्स बिस्किट, मुन्स्यारी, चकराता, हर्षिल की राजमा, चौलाई, तोर दाल, पहाड़ का परंपरागत लाल चावल, झंगोरा, गहथ, काले भट्ट, चाय, तेल, पर्सनल केयर, हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद शामिल हैं। 

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हरिद्वार

Swami dayanand agitation against illegal minning

 आखिरकार सरकार ने न्यायालय का सम्मान करते हुए,ड्रेजिंग के नाम पर अनुमति दिए गए खनन कार्य को रद्द कर दिया है।


जिस कारण अवैध खनन को रोकने के लिए अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे मातृ सदन आश्रम के महंत ब्रह्मचारी दयानंद ने मंगलवार 17 दिसंबर 2024 को देर रात जिला प्रशासनिक अधिकारियों से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। 


उपमंडल मजिस्ट्रेट अजय वीर सिंह और क्षेत्राधिकारी सिटी जूही मनराल के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम आश्रम परिसर पहुंची और जिला मजिस्ट्रेट कामेंद्र सिंह द्वारा गंगा नदी के तीन स्थानों पर की जा रही ड्रेजिंग को रोकने के निर्देश से अवगत कराया।


उपमंडल मजिस्ट्रेट अजय वीर सिंह ने बताया कि "ब्रह्मचारी दयानंद को ड्रेजिंग कार्य बंद करने के प्रशासनिक आदेश से अवगत कराया गया, जिसके बाद महंत ने जूस पीकर अपना आंदोलन समाप्त किया।"


ब्रह्मचारी दयानंद ने एक बयान में कहा कि चूंकि स्थानीय प्रशासन ने ड्रेजिंग के नाम पर अनुमति दी गई खनन कार्य को रद्द कर दिया है, इसलिए उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है।


गौरतलब है कि ब्रह्मचारी दयानंद ड्रेजिंग नीति के तहत किए जा रहे उत्खनन पर आपत्ति जताते हुए 7 दिसंबर से जगजीतपुर स्थित मातृ सदन आश्रम में आंदोलन कर रहे थे। गौरतलब है कि स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कनखल के जगजीतपुर में गंगा किनारे 1997 में मातृ सदन आश्रम की स्थापना की थी। तब से लेकर अब तक मातृ सदन आश्रम गंगा की पवित्रता और उससे जुड़े पर्यावरण संबंधी मुद्दों को लेकर कई आंदोलनों का गवाह रहा है। पहला आंदोलन 1998 में दो आश्रमवासियों स्वामी गोकुलानंद सरस्वती और स्वामी निगमानंद ने कुंभ मेला भूमि में उत्खनन पर रोक लगाने के लिए शुरू किया था। अश्वनी निगमानंद ने 2011 में 114 दिनों का आमरण अनशन किया था, जबकि स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद ने 2018 में गंगा और पर्यावरण के लिए 111 दिनों का ऐसा ही आंदोलन किया था। दोनों संत आंदोलन के दौरान शहीद हो गए। स्वामी दयानंद ने पिछले 11 दिनों से भोजन त्याग दिया था तथा केवल पानी, नींबू और चुटकी भर नमक ही ग्रहण कर रहे थे।

 




गौतम अडानी-भाजपा गठजोड़ के भ्रष्टाचार तथा मणिपुर में लगातार हो रही हिंसा के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री करन माहरा के नेतृत्व मे विशाल प्रदर्शन के साथ कांग्रेसजनों ने किया राजभवन मार्चः- मथुरादत्त जोशी


देहरादून ;


गौतम अडानी और उनके सहयोगियों पर अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाये गये आरोपों के बाद भाजपा-अडानी गठजोड के भ्रष्टाचार, धोखाधडी और छल की कथित जालसाजी तथा मणिपुर हिंसा के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने आज देशभर में राजभवन मार्च कार्यक्रम आयोजित किये।

इसी कार्यक्रम के तहत आज राजधानी देहरादून में कंाग्रेसजनों ने उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष श्री करन माहरा के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय देहरादून से राजभवन तक मार्च कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेतागणों, विधायकों, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, एआईसीसी सदस्य, पीसीसी सदस्य, अनुषांगिक संगठन, विभाग व प्रकोष्ठों के अध्यक्ष व पदाधिकारी, जिला एवं महानगर अध्यक्ष, ब्लाक, नगर, मंडल अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों सहित हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रदेश अध्यक्ष श्री करन माहरा के नेतृत्व में कंाग्रेसजनों ने प्रदेश कार्यालय से नारेबाजी के साथ राजभवन की ओर कूच किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने किया।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री करन माहरा ने कहा कि गौतम अडानी और उनके सहयोगियों पर अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाये गये आरोपों ने भ्रष्टाचार, धोखाधडी और छल की कथित जालसाजी का पर्दाफाश किया है। इन आरोपों ने सरकारी योजनाओं की ठेकेदारी में रिश्वतखोरी, मनी लान्ड्रिंग और बाजार में हेरफेर के एक पैटर्न को उजागर किया है, जो भारतीय व्यापार और वित्त की प्रतिष्ठा को धूमिल करते हैं। यह घटना भारत के कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियामक निगरानी के सम्बन्ध मे चिंता का विषय है। घरेलू और अन्तर्राष्ट्रीय निवेशकों के बीच विश्वास की हानि गम्भीर चिंता का विषय है। इससे भारत में पूंजी के संभावित पलायन से आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और समग्र विकास बाधित हो सकता है। गौतम अडानी पर लगे भ्रष्टाचार के मामले को संसद में उठाने पर केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा संसदीय चर्चा को जानबूझकर रोकना और इस मुद्दे पर मौन रहना अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से बचने का संकेत है। उन्होंने कहा कि एक ओर देश की जनता विगत कई वर्षों से लगातार महंगाई की मार झेल रही है, अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों मंे भारी गिरावट होने के बावजूद केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने 11 वर्ष के कार्यकाल में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत 450 रू0 से बढ़ाकर 1100 रू0 करके गरीब और अल्प आय वर्ग के परिवारों के बच्चों के पेट पर चोट करने का काम किया है। आश्चर्यजनक बात तो यह है कि रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल एवं आम जरूरत के सामानों के दामों में विगत वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा दोगुने से अधिक की वृद्धि करने पर लोग मौन हैं। मोदी सरकार द्वारा अपने मित्र औद्योगिक घरानों को निजी लाभ पहुंचाने के लिए विगत 10 वर्षों में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत में लगभग 600 रू0 से अधिक की भारी वृद्धि की है जिससे कुछ निजी औद्योगिक घरानों को होने वाले लाभांश का फायदा करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रूपये प्रतिमाह मे हो रहा है तथा देश का आम आदमी महंगाई की मार झेलने का मजबूर है। ये वही तेल कम्पनियां व औद्योगिक घराने हैं जिनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी को चुनावी बॉड के माध्यम से कई हजार करोड़ रूपये का चंदा प्राप्त हुआ है। चुनिंदा औद्योगिक घरानों को अनधिकृत रूप से पहुंचाया गया लाभ ही चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के धन के प्रवाह का स्रोत प्रतीत होता है।

श्री करन माहरा ने यह भी कहा कि लगभग दो वर्ष से मणिपुर राज्य निरंतर हिंसा, गोलीबारी, कर्फयू और व्यापक अराजकता के एक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। मणिपुर हिंसा में अब तक कई लोगों की जाने चली गई हैं और वहां के लोग एक अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं। संकट की गम्भीरता के बावजूद भाजपा की केन्द्र और राज्य सरकार इस स्थिति को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। प्रधानमंत्री ने अभी तक मणिपुर का दौरा तक नहीं किया है जबकि पूरी तरह अयोग्य मुख्यमंत्री अभी तक सत्ता में काबिज हैं जिससे इस गंभीर स्थिति के प्रति भाजपा की उदासीनता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में देशभर में महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार, हत्या और जघन्य अपराधों की बाढ़ सी आई है। उत्तराखण्ड जैसे राज्य में औसतन प्रति माह एक बलात्कार और हत्या की घटना घटित हो रही है। दो वर्ष पूर्व उत्तराखण्ड राज्य में हुए अंकिता भंडारी जघन्य हत्याकांड में शामिल वी.आई.पी. का नाम अभी तक उजागर नहीं हो पाया है तथा राज्य में लगातार सामूहिक बलात्कार व हत्या की घटनाओं में सत्ताधारी दल के लोगों की संलिप्तता उजागर हो रही है।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री करन माहरा ने उत्तराखण्ड राज्य में राज्य सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहे अवैध खनन व अवैध शराब के कारोबार पर बोलते हुए कहा कि राज्य में अवैध खनन का कारोबार राज्य सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहा है। राज्य की नदियों में भारी मात्रा में हो रहे अवैध खनन से न केवल पौराणिक नदियों का स्वरूप बिगाडा जा रहा है अपितु यह पर्यावरण के लिए भी चिन्तनीय है। अवैध खनन में लिप्त अपराधियों के हौसले जिस प्रकार बुलंद है, इससे यह संदेश जा रहा है कि अवैध खनन में लिप्त कारोबारियों को उच्च स्तरीय राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है जो कि पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत ही गम्भीर चिन्ता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में नशीले पदार्थों व शराब के अवैध कारोबार में लगातार वृद्धि हो रही है तथा प्रदेश के नवयुवकों को नशे की आग में झोंका जा रहा है। राज्य सरकार की आबकारी नीति पूर्ण रूप से शराब माफिया को संरक्षण देने, शराब की तस्करी को बढ़ावा देने तथा उत्तराखण्ड के गांवों में हर घर तक शराब पहुंचाने वाली है। भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार ने जनभावनाओं के विपरीत आबकारी नीति बनाने का काम किया है। भाजपा की राज्य सरकार द्वारा जिस शराब नीति को प्रदेश में लागू किया गया है उससे निश्चित रूप से प्रदेश में शराब माफिया और शराब की तस्करी को बल मिल रहा है।

प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में सशक्त भू कानून न होने के चलते सरकार पर भू-माफिया पूरी तरह हाबी हैं। राज्य सरकार द्वारा भू-कानून के लिए गठित की गई समिति द्वारा राज्य में सख्त भू-कानून लागू करने के सुझाव के साथ दो वर्ष पूर्व अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी गई है परन्तु राज्य सरकार द्वारा भू-माफियाओं के दबाव में भू-कानून समिति द्वारा दिये गये सुझावों पर अमल नहीं किया जा रहा है जिसके कारण बाहरी राज्यों से आये भू-माफिया द्वारा बेखौफ जमीनों की खरीद-फरोख्त कर स्थानीय लोगों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है।

कांग्रेस पार्टी ने मांग की कि गौतम अडानी और उनके सहयोगियों पर अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच के लिए जे.पी.सी. का गठन किया जाय। मणिपुर हिंसा के लिए जिम्मदार राज्य सरकार को बर्खास्त किया जाय। अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी का नाम उजागर किया जाय तथा राज्य में अवैध खनन व शाराब माफिया पर रोक लगाने के लिए कडे कदम उठाने के साथ ही कठोर भू कानून बनाया जाय।

प्रदर्शन एवं राजभवन मार्च के दौरान कांग्रेसजनों ने प्रदेश अध्यक्ष श्री करन माहरा के नेतृत्व में सामूहिक गिरफतारी दी जिसके उपरान्त सभी कांग्रेसजनों को गिरफतार कर पुलिस लाईन ले जाया गया।

राजभवन कूच कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, एआईसीसी सचिव व सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन मथुरादत्त जोशी, मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, गोविन्द सिंह कुजवाल, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी, विधायक विक्रम सिंह नेगी, हरीश धामी, आदेश चौहान, तिलकराज बेहड़, ममता राकेश, रवि बहादुर, रणजीत सिंह रावत, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी, राजेन्द्र शाह, याकूब सिद्धिकी, गोदावरी थापली, जोत सिंह गुनसोला, राजकुमार, राजपाल बिष्ट, जयेन्द्र रमोला, युवा अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर, प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, डॉ0 प्रतिमा सिह, राजेश चमोली, गरिमा माहरा दसौनी, महेन्द्र सिंह नेगी, अमरजीत सिंह, डॉ0 जसविन्दर सिंह गोगी, जिलाध्यक्ष कुंवर सजवाण, विनोद नेगी, मोहित उनियाल, राकेश राणा, मुकेश नेगी, राजीव चौधरी, दिनेश चौहान, विनोद डबराल, अमन गर्ग, राजेन्द्र चौधरी, विरेन्द्र पोखरियाल, नवनीत सती, गिरीश पपनै अनिल नेगी, सरिता नेगी, लालचन्द शर्मा, अरूणा कुमार, गौरव चौधरी, नजमा खान, आशा शर्मा, उर्मिला थापा, नीनू सहगल, ललित फर्स्वाण, विकास नेगी, दर्शन लाल, विशाल मौर्य, नवीन रामोला, भगवती सेमवाल, अमरजीत सिंह,, याकुब सिद्धिकी, महेन्द्र नेगी गुरूजी, पिया थापा, प्रदीप थपलियाल, मोहन काला, सुलेमान अली, अभिनव थापर, रीता पुष्पवाण, संदीप चमोली, विजय रतूडी मोन्टी, अजय रावत, आयुश सेमवाल, नवनीत कुकरेती, राजवीर सिंह, मनीष राणा, उत्तम असवाल, सुनीता प्रकाश, सोनिया आनन्द, सुनित राठौर, संदीप चमोली, अवधेश पंत, हेमा पुरोहित, टीटू त्यागी, आशीष नौटियाल, पुष्पा पंवार, चन्द्रकला नेगी, अनुराधा तिवारी, संजय कद्दू, दीप बोहरा, डॉ0 प्रदीप जोशी, आनन्द बहुगुणा, पायल बहल, राजवीर खत्री, राकेश सिंह मियां, राकेश नेगी, विरेन्द्र पंवार, अर्जुन पासी, मो0 फारूख, रॉबिन त्यागी, अनूप कपूर, आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।



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