Halloween party ideas 2015

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को  मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए  उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, पशुपालन विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित 221 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग के अंतर्गत आज नवचयनित 221 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य में बीते साढ़े चार वर्षों में सरकार ने 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा यह पल युवाओं की वर्षों के परिश्रम और संघर्ष की सफलता का स्वर्णिम क्षण है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के चेहरों पर मुस्कान बताती है कि राज्य सरकार, सही दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य के युवा वर्तमान के साथ भविष्य की भी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई स्टार्टअप नीति, राज्य में नया स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और युवा प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक और तकनीकी रूप मजबूत किया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से युवा आज अपने सपनों को लेकर पहले से कई अधिक  आश्वस्त है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब युवाओं के सपनों और उनके माता-पिता के त्याग के साथ अन्याय होता था। पर आज रिकॉर्ड समय में भर्तियां पूरी हो रही हैं। पहले युवाओं को हताशा और निराशा मिलती थी, आज राज्य सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने का काम करती है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने देगी। उन्होंने कहा आज के दिन, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पूरे 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जो अपने आप में एक ऐतिहासिक दिन है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। राज्य सरकार ने देश में सबसे कड़ा कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आगे भी राज्य सरकार इसी रफ्तार, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर देती रहेगी। उन्होंने कहा विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खाली पदों को भी तुरंत भरा जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा सभी अभ्यर्थियों से सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र को अपना ध्येय मानकर हर गरीब, हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान करने की बात कही। उन्होंने कहा नए अभ्यार्थी केवल सरकारी कर्मचारी नहीं हैं बल्कि उत्तराखंड के विकास के सहभागी भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश, विकसित भारत-2047 के महान संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस अमृतकाल में सभी ने मिलकर इस महायज्ञ में सक्रिय भागीदारी निभानी है और राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देना है।


कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड में एक समय ऐसा था जब लोग सरकारी नौकरी का सपना देखा करते थे, पर आज टैलेंटेड युवा अपनी मेहनत से सरकारी नौकरी पा रहा है। तय समय में युवाओ को नियुक्ति पत्र भी मिल रहे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हजारों युवा को बिना किसी शिकायत के सरकारी नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने राज्य के बच्चों के भविष्य को संवारने का काम किया है। उन्होंने बताया कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के प्रशिक्षण प्रखण्ड के अन्तर्गत चयनित 173 अनुदेशकों, 04 वैयक्तिक सहायकों  एवं पशुपालन विभाग में चयनित 09 वैयक्तिक सहायक को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं।


कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिना सिफारिश के नियुक्तियां हो रही हैं। आज मेहनती बच्चों को ही पारदर्शिता से नौकरियां मिल रही हैं। बीते 2 वर्षों में शहरी विकास विभाग में  215 लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। आज शहरी विकास विभाग में चयनित 35 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र वितरण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा आज युवा मुख्यमंत्री श्री धामी पर भरोसा करते हैं। 


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, विधायक श्रीमती सविता कपूर, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री राजेंद्र अणथ्वाल, श्री भूपेंद्र कंडारी, सचिव श्री नितेश झा, अपर सचिव सी. रविशंकर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


*15 नवम्बर 2026 तक सभी सड़कें हों गड्ढा मुक्त, आपदा एवं स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष फोकस*


*कैंचीधाम बाईपास कल से होगा संचालित, श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी राहत*




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मानसून सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून प्रारम्भ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, जनसुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण तैयारी रखें।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के बाद 15 नवम्बर, 2026 तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शेष कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए। पुलों, कल्वर्टों एवं ड्रेनेज सिस्टम की जांच कर आवश्यक मरम्मत कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं तथा सभी नालों एवं जल निकासी मार्गों की सफाई मानसून से पूर्व सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने डेंगू, मलेरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जीवनरक्षक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनपदों में गर्भवती महिलाओं की अद्यतन सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से प्राप्त कर नियमित रूप से अपडेट रखें। संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए निकटवर्ती अस्पतालों के आसपास ठहरने की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर हेली एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।




मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भूस्खलन संभावित स्थलों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों, नदी तटों एवं भू-कटाव वाले क्षेत्रों का अद्यतन मानचित्र तैयार किया जाए। साथ ही ऐसे गांवों, स्कूलों, अस्पतालों एवं अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सूची भी तैयार की जाए जो आपदा की दृष्टि से संवेदनशील हैं। चारधाम यात्रा मार्ग सहित राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर संवेदनशील स्थलों का विशेष निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण किया जाए। जेसीबी, पोकलैंड, डंपर, क्रेन एवं अन्य आवश्यक मशीनरी को पहले से ही संवेदनशील स्थानों पर तैनात रखा जाए। जहां मानसून के दौरान सड़कें बार-बार बाधित होती हैं, वहां वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सभी प्रभावी सचिव अपने-अपने जनपदों का भ्रमण कर मानसून के दृष्टिगत जनपदों में की गई तैयारियों का निरीक्षण करेंगे। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक एवं सूचना बोर्ड लगाए जाएं तथा प्रत्येक तहसील में राहत एवं बचाव सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र एवं जिला नियंत्रण कक्षों के बीच 24×7 समन्वय स्थापित किया जाए। मौसम संबंधी अलर्ट ग्राम स्तर तक त्वरित रूप से पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए तथा पर्यटकों एवं यात्रियों को समय पर मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने मानसून से पूर्व अतिक्रमण हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि जल निकासी एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दौरान विद्युत, पेयजल, सड़क, दूरसंचार एवं अन्य मूलभूत सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित न हों। इसके लिए सभी संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। एसटीपी एवं पुलों के आसपास की विद्युत लाइनों का सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाए।



कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण उत्पन्न होने वाली जाम की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में कैंचीधाम बाईपास कल से आवागमन के लिए प्रारम्भ किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को यातायात में बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए।



 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ, यूएलएमएमसी तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के समन्वित प्रयासों, तकनीक आधारित कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे सतत नवाचारों का परिणाम है।


इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन ने मानसून सीजन के दृष्टिगत की गई सभी तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। 


बैठक में कैबिनेट मंत्री आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक , उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन श्री विनय कुमार रोहिला, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री रविनाथ रमन, श्री धीराज गर्ब्याल, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री सी. रविशंकर, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर श्री दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर श्री आनंद स्वरूप एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।



मुख्यमंत्री  श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मेरी योजना’ पुस्तक ऑडियो क्लिप का अनावरण*


 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा तैयार की गई ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तक में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही स्थान पर संकलित किया गया है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के साथ-साथ स्वरोजगार, कौशल विकास, शिक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार नवाचार करें तथा शासनादेशों को भी आमजन की समझ के अनुरूप सरल भाषा में जारी किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे अधिक समय तक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार लगातार नए कानूनों और नीतियों से देश की तरक्की को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड को विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है तथा केंद्र सरकार राज्य के विकास कार्यों के लिए निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इसके परिणामस्वरूप सड़क, रेल, हवाई संपर्क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की कार्यशैली के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है और प्रति व्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, महक क्रांति योजना, एरोमा वैली, मिशन एप्पल तथा अन्य रोजगारपरक योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित कर रही है। 


इस मौके पर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन श्री दीपक कुमार ने कहा कि ये ऑडियो संस्करण, आकाशवाणी सहित अन्य रेडियो स्टेशन पर प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले विभाग मेरी योजना पुस्तक के चार संस्करण प्रकाशित कर चुका है। साथ ही इसका डिजिटल संस्करण भी जारी किया जा चुका है।


इस अवसर पर महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।



*शहरी विकास मंत्री ने की कुंभ परियोजनाओं की समीक्षा, निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण*

*श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ करें कार्य*

हरिद्वार:




शहरी विकास मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने सोमवार को हरिद्वार पहुंचकर कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की तथा विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ मेले से जुड़े सभी कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि आगामी कुंभ मेला दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित रूप में संपन्न हो सके।


शहरी विकास मंत्री ने सीसीआर भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कुंभ मेला-2027 से संबंधित अवस्थापना विकास कार्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विभागों की जिम्मेदारी है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ करें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण होने चाहिए। कुंभ मेले के आयोजन में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग अपने कार्यों की नियमित निगरानी करे तथा प्रगति की सतत समीक्षा सुनिश्चित करे।


श्री कैड़ा ने कहा कि कुंभ मेले में देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। ऐसे में उनके लिए सुगम आवागमन, सुरक्षित वातावरण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


उन्होंने सड़कों, पुलों, घाटों, पार्किंग स्थलों तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी समय रहते सुदृढ़ करने पर बल दिया।


शहरी विकास मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और वर्षा ऋतु से पहले अधिकतम प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए वर्तमान समय का अधिकतम उपयोग करते हुए परियोजनाओं को गति प्रदान की जाए।


उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना में तकनीकी, प्रशासनिक अथवा अन्य किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होती है तो उसे तत्काल सक्षम अधिकारियों एवं शासन के संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके और कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।


श्री कैड़ा ने कहा कि गंग नहर पर निर्माणाधीन घाटों के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के लिए क्लोजर अवधि बढ़ाए जाने हेतु उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री से वार्ता कर आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाएगा।


शहरी विकास मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार कुंभ मेला-2027 को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ मेला की तैयारियों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।


श्री कैड़ा ने कहा कि वह शीघ्र ही पुनः हरिद्वार आकर कुंभ मेला-2027 से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि अगली समीक्षा तक सभी विभाग अपने-अपने कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करें।


उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु हरिद्वार से सकारात्मक अनुभव लेकर जाए तथा देश-दुनिया में उत्तराखंड की उत्कृष्ट छवि स्थापित हो, इसके लिए सभी विभागों को समर्पित भाव से कार्य करना होगा।


*मेलाधिकारी ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट*


बैठक में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कुंभ मेला-2027 के लिए स्वीकृत कार्यों की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित की गई है तथा उनकी नियमित निगरानी एवं समीक्षा की जा रही है।


उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन घाटों के कार्यों को समय पर पूर्ण कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर गंगा नहर की आगामी क्लोजर अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।


*शंकराचार्यों को सादर आमंत्रण एवं अखाड़ों से निरंतर संवाद*


बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए शहरी विकास मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने कुंभ मेला-2027 के लिए शंकराचार्यों को भी सादर आमंत्रित किया है। इसके अतिरिक्त सभी अखाड़ों एवं आश्रमों से निरंतर संवाद स्थापित कर उनके सुझाव एवं मार्गदर्शन प्राप्त किए जा रहे हैं।


उन्होंने कहा कि संत समाज, अखाड़ों एवं धार्मिक संस्थाओं का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे कुंभ मेले के सफल आयोजन का मार्ग और अधिक प्रशस्त हुआ है।


*निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण*


अपने हरिद्वार भ्रमण के दौरान शहरी विकास मंत्री ने सीसीआर-2 भवन तथा एडमिन रोड के निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।


बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुंभ मेला) श्री आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी श्री आकाश जोशी, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा, अधीक्षण अभियंता यूपीसीएल श्री प्रदीप कुमार, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम श्री जी.एस. तोमर, अधीक्षण अभियंता सिंचाई श्री मनोज सिंह, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान श्री यशवीर मलिक, उप निदेशक सूचना श्री मनोज श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

संत श्री मुरलीधर जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही श्रीरामचरितमानस कथा में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं संत रामेश्वरानन्द जी महाराज का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद एवं उद्बोधन* 

विश्व महासागर दिवस के अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने श्रद्धालुओं एवं राहगीरों की सेवा हेतु शीतल जल प्याऊ का लोकार्पण किया*


ऋषिकेश:

mahasagar diwas celebrated  at parmarth niketan


विश्व महासागर दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने मानवता को झकझोरने वाला संदेश दिया कि आज पृथ्वी का सबसे विशाल हृदय, उसके महासागर, मौन होकर भी एक करुण पुकार कर रहे हैं। यह पुकार किसी एक देश, एक समाज या एक पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव सभ्यता के लिए है।


संत श्री मुरलीधर जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही श्रीरामचरितमानस कथा के दिव्य अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं संत रामेश्वरानन्द जी महाराज का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पूज्य स्वामी जी ने कहा कि हम इन दिनों भक्ति, प्रेम और करुणा के महासागर प्रभु श्रीराम की कथा का श्रवण कर रहे हैं, परंतु उसी समय संसार के वास्तविक महासागर हमारी की असंवेदनशीलता के कारण प्रदूषण की पीड़ा में हैं।


पूज्य स्वामी जी ने कहा, महासागर केवल जलराशि नहीं हैं। वे पृथ्वी की श्वास हैं, उसकी चेतना हैं, उसके फेफड़े हैं। यदि महासागरों में प्लास्टिक, रसायन और कचरा भर जाएगा, तो मानवता की सांसें भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगी।


उन्होंने कहा कि आज मनुष्य ने विकास के नाम पर सुविधा तो अर्जित कर ली, पर संवेदना खो दी। हम एक प्लास्टिक की बोतल कुछ मिनटों के लिए उपयोग करते हैं, लेकिन उसका दुष्प्रभाव सैकड़ों वर्षों तक महासागरों और समुद्री जीवन को भुगतना पड़ता है। जो प्लास्टिक समुद्र में फेंका जाता है, वही सूक्ष्म कण बनकर भोजन, जल और वायु के माध्यम से पुनः हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता है।     प्रकृति का नियम स्पष्ट है, जो हम पृथ्वी को देते हैं, वही किसी न किसी रूप में लौटकर हमारे पास आता है।


पूज्य स्वामी जी ने समुद्र मंथन की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे शास्त्रों में समुद्र को रत्नों का स्रोत बताया गया है। समुद्र मंथन से चैदह रत्न निकले थे, अमृत निकला था, लक्ष्मीजी प्रकट हुई थीं। परंतु आज हमारे स्वार्थ और उपभोग की संस्कृति ने समुद्रों को ऐसा बना दिया है कि वहां से रत्न नहीं, बल्कि प्लास्टिक, प्रदूषण और पर्यावरणीय संकट निकल रहा है। यह केवल समुद्र का नहीं, हमारी चेतना का प्रदूषण है।


उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल महासागरों की सफाई की नहीं, बल्कि हमारी मानसिकता की सफाई की है। जब तक हमारा अंतर्मन लोभ, अति-उपभोग और असंवेदनशीलता से मुक्त नहीं होगा, तब तक बाहरी प्रदूषण समाप्त नहीं हो सकता। पर्यावरणीय संकट वास्तव में आध्यात्मिक संकट है। पृथ्वी को बचाने के लिए केवल नीतियां नहीं, बल्कि करुणा, कृतज्ञता और उत्तरदायित्व की आवश्यकता है।


पूज्य स्वामी जी ने कहा कि जहां कथा होती है, वहां प्रेम का वातावरण बनता है, वहां संवेदना जागती है, वहां मनुष्य स्वयं को प्रकृति से जुड़ा हुआ अनुभव करता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में यह संकल्प ले कि वह एकल-उपयोग प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे, जल का सम्मान करेंगे और प्रकृति के प्रति     कृतज्ञ रहेंगे तो महासागरों की रक्षा का एक वैश्विक आंदोलन खड़ा हो सकता है।


उन्होंने कहा, समुद्र हमारे कचरे का अंतिम ठिकाना नहीं, हमारे अस्तित्व का मूल स्रोत हैं। यदि महासागर जीवित रहेंगे तो पृथ्वी जीवित रहेगी, यदि पृथ्वी जीवित रहेगी तो मानवता का भविष्य सुरक्षित रहेगा।


विश्व महासागर दिवस के अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने सभी नागरिकों, युवाओं, नीति-निर्माताओं और आध्यात्मिक संस्थाओं से आह्वान किया कि वे प्रकृति को संसाधन नहीं, संबंध मानें, उपभोग नहीं, उपासना का विषय मानें। उन्होंने कहा कि समय आ गया है जब हम यूज एंड थ्रो की संस्कृति को छोड़कर यूज एंड ग्रो की संस्कृति अपनाएं, जहां विकास का अर्थ विनाश नहीं, संरक्षण हो।


पूज्य स्वामी जी ने कहा, जब भी आप किसी नदी, समुद्र या जलधारा को देखें, उसे केवल जल मत समझिए। उसमें भविष्य की पीढ़ियों का जीवन प्रवाहित हो रहा है। महासागरों की रक्षा करना केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा करना है।


 डोईवाला में दर्दनाक हादसा: मिट्टी की ढांग गिरने से मजदूर की मौत, एक घायल

 डोईवाला:



आज दिनांक 08.06.2026 को डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सौंग नदी केशवपुरी, डोईवाला में मिट्टी की ढांग गिरने से दो व्यक्ति घायल है सूचना पर कोतवाली डोईवाला से पुलिस बल आवश्यक/ बचाव कार्यवाही हेतु रवाना किया गया, डोईवाला पुलिस मौके पर पहुंची तो सौंग नदी केशवपुरी मे एक घायल व्यक्ति जिसका नाम जोगेन्द्र पुत्र रामबीर निवासी धनारी थाना धनारी जिला सम्भल उ0प्र0 उम्र 20 वर्ष को जनता के द्वारा पहले ही चिकित्सालय पहुँचा दिया गया व दूसरा व्यक्ति जिसकी हालत गम्भीर थी नाम हृदेश पुत्र किशनलाल निवासी सगरा थाना मुजरिया जिला बदायूँ हाल पताः- फतेहपुर माजरी डोईवाला उम्र 20 वर्ष को पुलिस द्वारा हिमालयन अस्पताल जौलीग्रान्ट भिजवाया गया। चिकित्सको द्वारा हृदेश उपरोक्त को मृत घोषित कर दिया गया। मृतक के परिजन भी मौके पर पहुच गये, मृतक के पंचायतनामा की कार्यवाही की जायेगी, शव को मोर्चरी मे रखवा दिया गया है । घटना के सम्बन्ध में मौके पर मौजूद व्यक्तियो/प्रत्यक्षदर्शी व मृतक के परिजनो से घटना की जानकारी ली गयी तो ज्ञात हुआ कि यह लोग यहां पर मजदूरी का काम करते है, दिन मे थकान लगने के कारण यह दोनो व्यक्ति मिट्टी की ढांग के नीचे छांव मे आराम कर रहे थे, अचानक मिट्टी की ढांग गिर गयी जिससे उक्त दोनो व्यक्ति ढांग गिरने से मलबे के नीचे दब गये। जिसमे एक व्यक्ति हृदेश उपरोक्त की मृत्यु हो गयी व दूसरा व्यक्ति जोगेन्द्र का उपचार शेड अस्पताल डोईवाला में चल रहा है । 


*मृतक का नाम/ पता* 

----------------------------------------

हृदेश पुत्र किशनलाल निवासी सगरा थाना मुजरिया जिला बदायूँ हाल पताः- फतेहपुर माजरी डोईवाला उम्र 20 वर्ष


*घायल का नाम/पता*

------------------------------------

जोगेन्द्र पुत्र रामबीर निवासी धनारी थाना धनारी जिला सम्भल उ0प्र0 उम्र 20 वर्ष

बैंकिंग प्रक्रिया पर सवालः पात्रता जांचे बिना पहले दिया ऋण, अब घर नीलामी नोटिस, डीएम ने मांगी रिपोर्ट*

*बुजुर्ग पिता से मकान की रजिस्ट्री पत्नी के नाम कर खर्चा देने से मुकरा बेटा, भरण पोषण एक्ट में वाद दर्ज,*

*85 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत पर डीएम सख्त, निगम और निजी भूमि पर अवैध कब्जे की जांच के निर्देश*

*बाल स्वास्थ्य पर डीएम का फोकसः क्रोनिक रोगों से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश,*

*शहर के आंतरिक मार्गो का सुधारीकरण, पुलों के प्रोटेक्शन व नदियों के चैनलाइजेशन में लाएं तेजी*

*डीएम के निर्देशः डार्क स्पॉट मुक्त हो शहर और कस्बे, महिलाओं के लिए सुरक्षित बने माहौल*


देहरादून :

DM Ashish dehradun

DM dehradun ashish chauhan



जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सोमवार को आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने 194 नागरिकों की शिकायतें सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर शिकायतों को लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रत्येक विभाग नागरिकों की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करे।


समाधान दिवस में भूमि धोखाधड़ी, अतिक्रमण, सीमांकन, ऋण माफी, विधिक सहायता, आर्थिक सहायता तथा पेयजल जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मधुमेह, हृदय रोग, किडनी रोग, कैंसर और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की सूची तैयार कर विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने तथा उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क संपर्क से वंचित गांवों में गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और प्रसव से पूर्व अस्पताल पहुंचाने के लिए माइक्रो स्तर की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।


मानसून के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के बजट स्वीकृत करते हुए शहर के आंतरिक मार्गों को ब्लैकटॉप कर सुरक्षित बनाने, जिले के 11 प्रमुख पुलों की मरम्मत, सुरक्षा कार्य एवं निचले क्षेत्रों में नदियों के चौनलाइजेशन का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। नगर निगम को अवैध डंपिंग जोनों की सूची फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत करने को कहा गया।


महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने जिले के प्रमुख शहरों और कस्बों में डार्क स्पॉट चिन्हित कर वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागों को निष्प्रयोज्य सामग्री की शीघ्र नीलामी, कार्यालयों में स्वच्छता, नियमित निरीक्षण तथा लंबित पेंशन एवं एसीपी मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मामलों में कोई भी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।

 

समाधान दिवस में विभिन्न व्यक्तिगत शिकायतों पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। मातावाला बाग निवासी 85 वर्षीय सोमप्रकाश द्वारा मकान एवं नगर निगम भूमि पर अवैध कब्जे तथा धन उगाही की शिकायत पर मुख्य नगर आयुक्त को जांच के निर्देश दिए गए।

 

श्यामपुर निवासी रमाशंकर सिंह ने बताया कि उनका पुत्र सरकारी सेवा में है और उन्हें हर महीने 10-15 हजार खर्चा देने की बात पर धोखे से मकान की रजिस्ट्री अपनी पत्नी के नाम करवा दी। अब खर्चा देने से इनकार कर रहा है। जिससे उनके सामने जीवन यापन करने की विकट समस्या खडी हो गई है। इस पर एसडीएम को भरण पोषण अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

 

यमुना विहार निवासी दिव्यांग रोबिन डिक्रूज के संपत्ति विवाद एवं उत्पीड़न संबंधी मामले में एसडीएम सदर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मकान ऋण की अदायगी में असमर्थता के कारण बैंक द्वारा नीलामी नोटिस जारी किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बैंक की ऋण स्वीकृति प्रक्रिया पर प्रश्न उठाते हुए एडीएम एवं लीड बैंक अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि आवेदक ऋण जमा करने में सक्षम नही था तो बैंक ने किस आधार पर ऋण आवंटित किया।


राजेश्वर नगर में जल निकासी की समस्या, बालावाला की पेयजल योजना, ऋषिकेश में बडकोट माफी, झीलवाला व रानीपोखरी क्षेत्र में पर्यटन विभाग की भूमि के कथित अवैध विक्रय तथा ठाकुरपुर स्थित खेल मैदान की सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं एक महिला के उत्पीड़न संबंधी मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से विधिक सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराने को कहा गया। समाधान दिवस में विधवा आशा देवी ने प्रधानमंत्री आवास तो सविता बनवाल ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को स्वतः संज्ञान लेते हुए नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।


समाधान दिवस के मौके पर अपर जिलाधिकारी(वि.रा) केके मिश्रा, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।                      



 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री केदार सिंह स्टेडियम, नागथात, देहरादून में आयोजित जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्री केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। 

jaunsar bhavar sanskriti uttarakhand cm dhami


मुख्यमंत्री ने इस दौरान समरजेंस मोटर मार्ग का चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य किए जाने, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने, वि.ख. चकराता के बागी -खेड़ा -कोटा- तपलाड मार्ग में यमुना नदी पर 60 मी. स्पैन पुल का निर्माण कार्य किए जाने, चकराता के क्यारापुल - डामटा - म्यूँडा मोटर मार्ग के कि.मी. 22 से छामरी एवं जाखणी तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, विकासखंड कालसी के अंतर्गत ग्राम सकरोल से ग्राम भोड़ा-भालनू एवं उटेल होते हुए द्वितीय सिद्ध पीठ श्री महासू महाराज थैना तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य , वि.ख. चकराता के अंतर्गत ग्राम खबऊ के अन्तर्गत खेड़ा रमारका- कुन्ना - बुराष्टी में यमुना नदी से पम्पिंग पेयजल योजना बनाए जाने, वि.ख चकराता के जगथान बुरायला मार्ग से ग्राम उदांवा तक सडक निर्माण को PMGSY में प्रस्तावित किए जाने एवं क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा की।


मुख्यमंत्री ने श्री महासू देवता को नमन करते हुए कहा कि जौनसार बावर सांस्कृतिक पुनरूत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से इस उत्सव के माध्यम से धरोहर को बचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा जौनसार भाबर प्राकृतिक सुंदरता के साथ अपनी मेहनतकश, सरल और स्वाभिमानी जनता के लिए जाना जाता है। यहां की लोक संस्कृति, एकता की भावना को बढ़ावा एवं भविष्य की पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा जौनसार- बावर में उन्हें उत्तराखण्ड की मूल आत्मा के साक्षात दर्शन होते हैं। जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ, सरलता, आत्मीयता और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है। 


मुख्यमंत्री ने कहा जौनसार के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी महान परंपराएं  उत्तराखंड, के साथ पूरे देश का गौरव हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। देश में जनजातीय समुदायों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी अनेक योजनाएँ लागू की गईं हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आदिवासी समाज की नीतियां और नियति दोनों बदली हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव के माध्यम से संस्कृति व विरासत को एक मंच देने का प्रयास किया है। सरकार ने प्रतिवर्ष जनजातीय खेल महोत्सव आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान  के अंतर्गत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित किया है। जिसके तहत इन गांवों में सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी हर बुनियादी सुविधा पहुंचाकर इनका कायाकल्प करने का काम किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से जनजातीय बच्चों को निःशुल्क विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा की सुविधा मिल रही है। बाजपुर और चकराता में भी नए एकलव्य आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य जारी है। जनजातीय समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए सरकार, प्राथमिक स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति भी प्रदान कर रही है। शैक्षिक विकास के लिए वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए ₹ 50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड की स्थापित की गई है  जौनसार बावर क्षेत्र में सड़कों, पानी और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। चकराता के विकास के लिए राज्य सरकार ने लगभग 39 करोड़ रुपये की 56 योजनाओं को मंजूरी दी थी। इनमें से 51 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। शेष 5 योजनाओ को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। पूरे क्षेत्र की सड़कों को मजबूत करने के लिए 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं पर काम चल रहा है। 


मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और 707A का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर जारी है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड के पास भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है।  न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। जिससे भविष्य में पानी की कभी कमी नहीं होगी। श्री महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य विकास के लिए 120 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक मास्टर प्लान पर विकास कार्य भी गतिमान है। 


इस अवसर पर विधायक श्री मुन्ना सिंह चौहान ,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु चौहान, दायित्वधारी श्री गीता राम गौड़, मेला समिति के अध्यक्ष श्री नरेश चौहान, महासचिव मेला समिति श्री नरेन्द्र तोमर, श्री खुशीराम जोशी, श्री जयपाल सिंह तोमर, श्री शूरवीर सिंह तोमर, श्री बलवीर सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण SIR कार्यक्रम के तहत सचिवालय में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी. आर. सी. पुरुषोत्तम ने गणना फॉर्म सौंपा।

SIR counting form to leaders Uttarakhand


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अवगत कराया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के शुद्धिकरण हेतु यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। आगामी 7 जुलाई तक एक माह के समय में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के गणना फार्मों को बीएलओ एप्प के माध्यम से डिजिटिलाइज किया जाएगा। 



इस अवसर पर सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास मौजूद रहे।


उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत सोमवार से प्रदेश के सभी मतदाताओं को गणना फार्म बांटने का कार्य प्रारम्भ हो गया है। इसी क्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (एम) के प्रदेश महासचिव राजकुमार पुरोहित, बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश सचिव श्री जसपाल सिंह को गणना फार्म वितरण किया गया।


REAP परियोजना से मिली उड़ान, ‘हिलान्स’ ब्रांड का सरसों तेल बाजार में बना भरोसेमंद नाम*


*उत्कृष्ट गुणवत्ता के दम पर बाजार में मजबूत पहचान बना रही सरसों तेल यूनिट : सोनम गुप्ता*


*14 ग्राम संगठन, 120 समूह और 764 महिलाएं लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई इबारत*


देहरादून;

kalsi women changes destiny  by making mustard oil


देहरादून जनपद के कालसी विकासखंड स्थित हरीपुर गांव में महिलाओं की मेहनत, लगन और सामूहिक नेतृत्व ने ग्रामीण उद्यमिता का एक प्रेरणादायक मॉडल स्थापित किया है। विकास महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा संचालित कोल्ड एवं हॉट प्रेस्ड सरसों तेल यूनिट आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की सफल मिसाल बनकर उभरी है।


ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (ग्रामोत्थान) REAP के अंतर्गत सितंबर 2024 में स्थापित इस यूनिट ने न केवल महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर बाजार में अपनी अलग पहचान भी बनाई है।


*10 लाख की लागत से स्थापित हुई यूनिट*

विकास महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन ने REAP परियोजना के सहयोग से 10 लाख रुपये की लागत से सरसों तेल यूनिट स्थापित की। इसमें 6 लाख रुपये परियोजना सहायता, 3 लाख रुपये बैंक ऋण तथा 1 लाख रुपये महिलाओं के स्वयं के अंशदान से जुटाए गए।


आज यह यूनिट ग्रामीण महिलाओं के लिए आय का स्थायी स्रोत बन चुकी है। यहां लकड़ी की घानी से कोल्ड प्रेस्ड तथा मशीन के माध्यम से हॉट प्रेस्ड तकनीक से शुद्ध सरसों तेल का उत्पादन किया जा रहा है, जिसकी मांग कालसी और विकासनगर क्षेत्र के साथ-साथ देहरादून शहर तक पहुंच चुकी है।


*764 महिलाओं को मिला आर्थिक सशक्तिकरण का मंच*

विकास महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत 14 ग्राम संगठन, 120 स्वयं सहायता समूह और 764 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। यूनिट के संचालन, उत्पादन, पैकेजिंग और विपणन गतिविधियों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी है।


यूनिट से प्रतिमाह लगभग 70 हजार रुपये की आय अर्जित हो रही है, जबकि स्थापना से अब तक 24 से 25 लाख रुपये मूल्य का सरसों तेल बेचा जा चुका है। इसके अतिरिक्त यूनिट में चार से पांच महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार भी प्राप्त हुआ है।


*‘हिलान्स’ ब्रांड को बाजार में मिली पहचान*

महिलाओं द्वारा तैयार किया जा रहा सरसों तेल ‘हिलान्स’ ब्रांड के नाम से बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। उत्पाद की गुणवत्ता और शुद्धता के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।


इस सफलता का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि “हाउस ऑफ हिमालय” द्वारा यूनिट से 1700 लीटर सरसों तेल की खरीद की गई, जिससे महिलाओं को पांच लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई। वहीं, प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की को भी यहां से सरसों तेल की नियमित आपूर्ति की जा रही है।


वर्तमान में कोल्ड प्रेस्ड तेल 300 रुपये प्रति लीटर तथा हॉट प्रेस्ड तेल 240 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है।


*सरसों की खल भी बढ़ा रही आमदनी*

तेल उत्पादन के दौरान निकलने वाली सरसों की खल भी महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन गई है। फेडरेशन द्वारा इसे किसानों और पशुपालकों को 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है, जिससे आय के नए अवसर सृजित हुए हैं।


*ऑनलाइन मार्केटिंग से बढ़ा कारोबार*

फेडरेशन की सदस्य रीना चौहान बताती हैं कि समूह द्वारा तैयार सरसों तेल की बिक्री अब ऑनलाइन माध्यमों से भी की जा रही है। ‘हिलसम’ वेबसाइट के जरिए उपभोक्ताओं तक उत्पाद सीधे पहुंच रहा है। इसके अलावा विकास भवन, सरकारी कार्यक्रमों तथा विभिन्न सीएलएफ केंद्रों के माध्यम से भी उत्पादों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि यूनिट की जियो-मैपिंग की प्रक्रिया भी प्रगति पर है, जिससे भविष्य में उपभोक्ता सीधे यूनिट तक पहुंचकर उत्पाद खरीद सकेंगे।


*महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी यह पहल*

रीना चौहान का कहना है कि REAP परियोजना ने ग्रामीण महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और पहचान भी प्रदान की है। आज महिलाएं स्वयं उत्पादन से लेकर विपणन तक की जिम्मेदारी संभाल रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।


*आत्मनिर्भर गांव की ओर मजबूत कदम*

जिला परियोजना प्रबंधक रीप, सोनम गुप्ता के अनुसार कालसी ब्लॉक में स्थापित यह सरसों तेल यूनिट ग्रामीण उद्यमिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को स्थानीय बाजार, हाउस ऑफ हिमालय, विकास भवन तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।


यह पहल मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखंड और महिला सशक्तिकरण के विजन को धरातल पर साकार करती दिखाई दे रही है। हरीपुर की महिलाओं ने साबित कर दिया है कि अवसर और संसाधन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा भी बन सकती हैं।


देहरादून;

Bricks disaster risk reduction meeting odisha


 प्राकृतिक आपदाओं और वर्षा जनित संकटों की दृष्टि से बेहद संवेदनशील उत्तराखंड ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। भारत की अध्यक्षता में ओडिशा के पुरी में 3 से 5 जून 2026 तक आयोजित *BRICS Disaster Risk Reduction (DRR)* working group की द्वितीय तकनीकी बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की मुक्त कंठ से सराहना की गई।


तीन दिवसीय इस अहम बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया सहित 11 ब्रिक्स सदस्य एवं साझेदार देशों के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य आपदा जोखिम न्यूनीकरण, मजबूत अवसंरचना, सामुदायिक आधारित पूर्व चेतावनी प्रणाली, पूर्वानुमान आधारित त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और आपदा प्रबंधन के लिए सतत वित्तीय व्यवस्थाओं पर अनुभवों का आदान-प्रदान करना था।


सम्मेलन में विभिन्न देशों ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अपने नवाचार और सफल मॉडल साझा किए। इसी क्रम में *उत्तराखंड की ओर से सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी (आईपीएस) और यूएलएमएमसी के निदेशक शांतनु सरकार* ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। दोनों अधिकारियों ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नेतृत्व में विकसित आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता विकास, तकनीकी नवाचार और प्रभावी प्रतिक्रिया तंत्र पर विस्तृत प्रस्तुति दी।


प्रस्तुति के दौरान उत्तराखंड की भौगोलिक जटिलताओं, हिमालयी परिस्थितियों, भूस्खलन, अतिवृष्टि, ग्लेशियर झीलों, सड़क अवरोध और तीर्थयात्रा से जुड़े जोखिमों को विस्तार से रखा गया। साथ ही राज्य में विकसित बहु-एजेंसी समन्वय प्रणाली, पूर्व चेतावनी तंत्र और त्वरित राहत-बचाव व्यवस्था को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।


विशेष रूप से *सिल्क्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन और धराली आपदा* प्रबंधन कार्यों को उत्तराखंड के सफल आपदा प्रबंधन मॉडल के रूप में सामने रखा गया। सम्मेलन में मौजूद प्रतिनिधियों ने इन अभियानों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में धैर्य, तकनीक, प्रशासनिक समन्वय और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।


बैठक में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पूर्व चेतावनी प्रणाली, जोखिम न्यूनीकरण उपायों और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की विशेष सराहना की गई। वहीं, उत्तराखंड एसडीआरएफ की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट आपदा प्रतिक्रिया मॉडल के रूप में रेखांकित किया गया।


सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी ने कहा, “ _मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आपदा प्रबंधन को लेकर संवेदनशील और सक्रिय दृष्टिकोण के कारण राज्य में जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता निर्माण और एजेंसियों के बीच समन्वय को लगातार मजबूत किया जा रहा है। वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।”_ 


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में आपदा प्रबंधन केवल राहत और बचाव तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए पूर्व तैयारी, स्थानीय समुदायों की भागीदारी, प्रशिक्षित बलों की उपलब्धता और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।


आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के निर्देशन में राज्य में संचालित गतिविधियों को भी प्रतिनिधियों के साथ साझा किया गया। यूएलएमएमसी निदेशक शांतनु सरकार ने कहा, “ _भू-स्थानिक तकनीक, रिमोट सेंसिंग, डेटा एनालिटिक्स और पूर्व चेतावनी तंत्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण को अधिक प्रभावी बना रहे हैं। भविष्य की आपदा चुनौतियों से निपटने में तकनीक आधारित समाधान निर्णायक भूमिका निभाएंगे।”_ 


सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियों में ब्रिक्स देशों के बीच आपदा जोखिम न्यूनीकरण में सहयोग को मजबूत करना, तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देना, सामुदायिक स्तर पर तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए साझा रणनीतियां विकसित करना और वैश्विक आपदा प्रबंधन सहयोग को नई दिशा देना शामिल रहा।


 *BRICS Disaster Risk Reduction (DRR)* working group की बैठक में उत्तराखंड के मॉडल को मिली सराहना को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह *उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ* और अन्य एजेंसियों के सतत प्रयासों को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।


सिलीगुड़ी : 

Book "mein hindu hun", veer sawarkar north bangal



वीर सावरकर जयंती के पावन अवसर पर फिल्ममेकर एवं लेखक श्रेय राजदेव द्वारा लिखित पुस्तक “मैं हिंदू हूं: सफर स्वयंसेवक का” का विमोचन नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी परिसर, सिलीगुड़ी में किया गया।

इस अवसर पर अनेक गणमान्य अतिथि, बुद्धिजीवी, समाजसेवी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने वीर सावरकर के विचारों एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से रत्नेश त्यागी, नरेंद्र प्रसाद, अमरेंद्र पांडेय, बिनायक सुंदास, नंद किशोर गोयल, अधिराज, अमित सहित कई प्रतिष्ठित अतिथि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पुस्तक विमोचन के दौरान श्रेय राजदेव ने कहा कि यह पुस्तक एक स्वयंसेवक की यात्रा, अनुभवों और वैचारिक समझ को दर्शाती है। पुस्तक में सांस्कृतिक पहचान, राष्ट्रवाद, सामाजिक एकता और भारतीय मूल्यों जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने युवाओं के बीच भारतीय संस्कृति एवं सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान साहित्य, राष्ट्र निर्माण तथा वीर सावरकर की विचारधारा पर चर्चा की गई। उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए लेखक को शुभकामनाएं दीं और पुस्तक को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी का वातावरण देशभक्ति एवं सांस्कृतिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम का समापन अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के बीच संवाद, चर्चा एवं स्मृति चित्रों के साथ हुआ।

 उत्तराखंड की वीरभूमि अल्मोड़ा के वीर सपूत लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जी ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।



उनका अदम्य साहस, कर्तव्यपरायणता एवं राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट समर्पण सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। राष्ट्र उनकी वीरता, त्याग और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।


जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादियों की तलाश में चलाए जा रहे सेना के विशेष सर्च अभियान ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ के दौरान अल्मोड़ा के पांच असम रजिमेंट के युवा सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के बलिदान होने की दुखद सूचना से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।


मात्र 24 वर्ष की आयु में देश सेवा करते हुए उनका बलिदान क्षेत्र के लिए गर्व और पीड़ा दोनों का विषय बन गया है। राजौरी के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में चल रहे अभियान के दौरान लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी गहरी खाई में फिसल गए। गंभीर चोटों के कारण उन्होंने वीरगति प्राप्त की। 


रविवार की दोपहर तीन बजे बलिदानी का पार्थिव शरीर आर्मी हेलीपैड पहुंचा। जहां सैनिकों ने उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इस दौरान कई लोग मौजूद थे जिन्होंने अपने क्षेत्र के वीर जवान को नमन किया और उनके वीरता के जयकारे लगाए।


कैप्टन बीरेश्वर गोस्वामी मूल रूप से बगवालीपोखर क्षेत्र के निवासी थे। उनका परिवार वर्तमान में पांडेखोला में निवास करता है। उनके पिता प्रमोद नाथ गोस्वामी भनोली तहसील में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी व माता सरस्वती देवी बल्सा, हवालबाग में शिक्षका के पद पर कार्यरत है।


बलिदानी का एक बड़ा भाई अमित गोस्वामी है जो सरकारी विभाग में कार्यरत है। कम उम्र में सेना में अधिकारी बनने वाले बीरेश्वर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और देशभक्ति के लिए जाने जाते थे।


सैन्य कल्याण अधिकारी सेवानिवृत्त विजय मनराल ने बताया कि बलिदानी बीरेश्वर गोस्वामी काे सैन्य सम्मान दिया गया है। 


 टिहरी गढ़वाल:





आज दिनांक 07 जून 2026 को प्रातः लगभग 08:30 बजे डीसीआर टिहरी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि तोताघाटी के समीप एक बस दुर्घटनाग्रस्त होकर सड़क पर पलट गई है। सूचना प्राप्त होते ही निरीक्षक कवीन्द्र सजवान के नेतृत्व में SDRF पोस्ट ढालवाला एवं ब्यासी की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।


घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि बद्रीनाथ से ऋषिकेश की ओर आ रही चारधाम यात्रा बस संख्या UK04 PA 0418 सड़क पर ही पलट गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस के ब्रेक फेल होने के कारण यह दुर्घटना हुई। बस में कुल 39 यात्री सवार थे।


दुर्घटना में 03 से 04 यात्रियों को सामान्य चोटें आईं, जिन्हें 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से उपचार हेतु ऋषिकेश अस्पताल भेजा गया। शेष सभी यात्री सुरक्षित हैं।


SDRF टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया तथा स्थानीय प्रशासन एवं अन्य आपातकालीन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता प्रदान की गई।

 आज का राशिफल

दिनाँक-07 जून 2026,

दिन रविवार

Rashifal


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। स्वाभिमान को ठेस लग सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक कष्ट संभव है।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक काम करने की इच्छा रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। सुख के साधन प्राप्त होंगे। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

मानसिक शांति रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। समय अनुकूल है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। शारीरिक कष्ट संभव है। धार्मिक अनुष्ठान पूजा-पाठ इत्यादि का कार्यक्रम आयोजित हो सकता है। कोर्ट-कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

आज कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यापार अच्‍छा चलेगा। नौकरी में मातहतों से कहासुनी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। कुसगंति से बचें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। किसी दूसरे व्यक्ति की बातों में न आएं।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। भाइयों का सहयोग मिलेगा। परिवार में मांगलिक कार्य हो सकता है। शरीर में कमर व घुटने आदि के दर्द से परेशानी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। शत्रुभय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ रहेगा। शेयर मार्केट से लाभ होगा। शत्रु पस्त होंगे। सुख के साधनों की प्राप्ति पर व्यय होगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

किसी वरिष्ठ प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार से लाभ होगा। किसी मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कष्ट व भय सताएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। भागदौड़ अधिक रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। राजभय रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। यात्रा में जल्दबाजी न करें। निवेश सोच-समझकर करें।

मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

आज नौकरी में आपकी प्रशंसा होगी। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक कार्यों में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। चोट व रोग से बचें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। व्यापार ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा।

राशि फलादेश


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

दूर से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। घर में मेहमानों का आगमन होगा। कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। यश बढ़ेगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। किसी बड़ी समस्या से मुक्ति मिल सकती है। किसी न्यायपूर्ण बात का भी विरोध हो सकता है। कुबुद्धि हावी रहेगी। चोट व रोग से बचें। विवाद न करें

application for padam awards 2027


देहरादून;


qq322अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के. के. मिश्रा ने अवगत कराया कि आगामी गणतंत्र दिवस 26 जनवरी, 2027 के अवसर पर प्रदान किए जाने वाले देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों—पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री—के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अपर सचिव, मंत्रिपरिषद अनुभाग, उत्तराखण्ड शासन के अर्द्धशासकीय पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि भारत सरकार द्वारा पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन एवं संस्तुतियां ऑनलाइन आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक व्यक्ति अथवा संस्थाएं गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।

पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश भारत सरकार के अर्द्धशासकीय पत्र संख्या 1/7/2026-Public, 12 मार्च, 2026 में निर्धारित किए गए हैं। नामांकन के साथ संबंधित व्यक्ति का नाम, पूर्ण विवरण, व्यक्तित्व एवं कृतित्व, उपलब्धियां, सेवाएं तथा अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। इसके अतिरिक्त अंग्रेजी भाषा में अधिकतम 800 शब्दों का दो पृष्ठीय साइटेशन भी संलग्न किया जाना आवश्यक है।

प्राप्त प्रस्तावों को मंत्रिपरिषद विभाग की ई-मेल secy-gopan-ua@nic.in पर केवल Microsoft Office Word Format में प्रेषित किया जाना है। शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 12 जून, 2026 निर्धारित की गई है।


अपर जिला अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जनपद स्तर पर आवेदन एवं संस्तुतियां 10 जून, 2026 तक ही जिला कार्यालय, देहरादून में स्वीकार की जाएंगी। उन्होंने पात्र व्यक्तियों, संस्थाओं एवं नागरिकों से समयावधि के भीतर अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अपील की है।

उत्तराखण्ड में BLO को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

- SIR के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर “BLO ऐप” से करेंगे गणना फॉर्म को डिजिटलाइज*

- *प्रदेश में तैनात हैं 11733 बूथ लेवल ऑफिसर*

देहरादून;




उत्तराखण्ड  में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान कार्य में जुटे बूथ लेवल ऑफिसर्स को मोबाइल डाटा रिचार्ज हेतु आयोग द्वारा हर बीएलओ को ₹350 का भुगतान किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम की विशेष पहल पर प्रदेश के सभी 11733 बीएलओ को मोबाइल रिचार्ज हेतु भुगतान के बाबत आदेश जारी कर दिए गए हैं। 


मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो गई गई। इस दौरान बीएलओ 8 जून से 7 जुलाई तक घर- घर जाकर मतदाताओं को गणना फॉर्म बांटेंगे। इस एक माह के फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं से प्राप्त भरे हुए गणना फॉर्म्स को “बीएलओ ऐप” के माध्यम से डिजिटलाइज किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में BLO को मोबाइल डाटा प्लान की कमी ना आए इसी बात को ध्यान में रखते हुए बीएलओ को एक माह का मोबाइल रिचार्ज प्लान हेतु धनराशि देने का निर्णय लिया गया है।

देहरादून :


*बहुमंजिला भवन समेत दो निर्माणों पर चला सीलिंग अभियान, नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस, आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई*

illegal connstruction sealed by MDDA


राजधानी देहरादून में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम ने तुन्तोवाला और मेहुवाला माफी क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे दो अवैध निर्माणों को सील कर दिया। इनमें एक बहुमंजिला भवन भी शामिल है। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि राजधानी में सुनियोजित शहरी विकास को प्रभावित करने वाले किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी नीति के तहत लगातार निरीक्षण अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों को चिन्हित किया जा रहा है जो बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत बनाए जा रहे हैं।


एमडीडीए की टीम ने शुक्रवार को तुन्तोवाला स्थित मोनाल इन्क्लेव और मेहुवाला माफी के चन्द्रताल क्षेत्र में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों स्थानों पर निर्माण गतिविधियां प्राधिकरण की अनुमति के बिना संचालित होती पाई गईं। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों निर्माणों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।


पहले मामले में अनुप चौहान एवं मुन्नी गीता द्वारा मोनाल इन्क्लेव के निकट तुन्तोवाला, मेहुवाला माफी क्षेत्र में किए जा रहे निर्माण को अवैध पाया गया। जांच में सामने आया कि निर्माण कार्य के लिए प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को सील कर दिया।


वहीं दूसरी कार्रवाई में राजीव जैन द्वारा मेहुवाला माफी स्थित चन्द्रताल क्षेत्र के निकट बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन को सील किया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार भवन निर्माण निर्धारित मानकों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके चलते विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए भवन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। शुक्रवार को की गई कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। अभियान के दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा, प्राधिकरण के सुपरवाइजर तथा अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं और दोनों निर्माणों को सील किया।


शहर में बढ़ते अनियोजित निर्माणों को लेकर एमडीडीए लगातार सतर्कता बरत रहा है। एमडीडीए अधिकारियों का कहना है कि बिना योजना के किए गए निर्माण न केवल मास्टर प्लान को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में यातायात व्यवस्था, पार्किंग, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी अतिरिक्त दबाव पैदा करते हैं। ऐसे निर्माण कई बार आपदा और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को भी बढ़ा देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने अपने निगरानी तंत्र को और मजबूत किया है। विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है। जिन मामलों में नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। 


*अवैध निर्माणों के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति - बंशीधर तिवारी*

प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है। बिना अनुमति अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। तुन्तोवाला और मेहुवाला माफी में दो अवैध निर्माणों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की गई है। हमारा उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुनियोजित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। अवैध निर्माण भविष्य में आधारभूत सुविधाओं, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनते हैं। सभी नागरिक भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


*अवैध निर्माणों की नियमित की जा रही है मॉनिटरिंग - मोहन सिंह बर्निया*

प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। जहां भी बिना अनुमति या मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को दो मामलों में की गई सीलिंग इसी अभियान का हिस्सा है। आमजन से अनुरोध है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें, ताकि अनावश्यक कानूनी कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।

 खटीमा;



       सूबे के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लोहियाहेड हेलीपैड व कैंप कार्यालय में  जनता व जनप्रतिनिधियों  से मुलाकात कर जनसमस्याएं सुनी तथा समस्याओं का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा जन समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है,इसलिए जनता की समस्याओं का शीघ्रता से समाधान किया जाए।


इसके उपरान्त पर्यावरण दिवस पर माननीय मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय परिसर लोहियाहेड में पौधारोपण कर  पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा हमें पौधारोपण ही नहीं उनका संरक्षण भी करना है।

माननीय मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक फलदार पौधे लगाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि जनपद में अभियान चलाकर 04 लाख पौधे लगाए जाएंगे।


  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा,प्रदेश उपाध्यक्ष भाजयुमो सतीश भट्ट, महामंत्री रमेश जोशी,अमित कुमार पांडे, रनदीप पोखरिया,भवानी भंडारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति,अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी गौरव पांडे सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित थे।



 डोईवाला:


dhirendra panwar media committe deputy chairman


 पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ओएसडी रहे धीरेंद्र पवार को धामी सरकार में एक हम जिम्मेदारी से नवाजा गया है पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समय में बहुत अधिक सक्रिय रहे हैं धामी सरकार ने अपने मीडिया सलाहकार समिति में उपाध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी दे दी है


सत्यवाणी ब्यूरो

हरिद्वार,



विश्व पर्यावरण दिवस पर जहा आज वृहद स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है वही वर्ष भर भी छोटी पहल से भी हम पर्यावरण संरक्षण में अहम योगदान दे सकते है।


जैसे गैर जीव निम्नीकरण ,जैविक अजैविक कूड़ा प्रबंधन जिसकी शुरुआत और नियमित पालन हर घर में आसानी से किया जा सकता हैं।


इस विधि का विगत पांच वर्षो से नियमित पालन कर रही श्रवण नाथ मठ जवाहर लाल नेहरू पी जी महाविद्यालय की शिक्षिका डा.पदमावती तनेजा घरों में जैव निम्नीकरण प्रक्रिया ना केवल स्वयं अपनाती है बल्कि अन्य लोगो और विद्यार्थियों को भी जागरूक करती है।


फल सब्जियों के छिलके, चाय पत्ती,आदि  से घर पर ही खाद बनाती है जिसका प्रयोग वो घर के गमलों और किचन गार्डेन में उपयोग करती है।


साथ ही बचे हुए खाद को से महाविद्यालय परिसर के बागवानी हेतु प्रदान करती है।साथ ही प्लास्टिक ,पॉलीथीन को गत्ते के कूड़ेदान में एकत्र कर नगर निगम पर्यावरण मित्रो को देती है जिसेसे कूड़ा  प्रथक्करण में आसानी होती है।


बकौल डा पदमावती तनेजा पर्यावरण असुंतलन ,वैश्विक तापमान में वृद्धि पृथ्वी और मानव जीवन के लिए हानिकारक सिद्ध हो रहे है ।ऐसे में सभी को जागरूक होकर कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उपाय भी करने होंगे।


उन्होंने चार धाम और गंगा स्नान आने वाले श्रद्धालुओं से भी पर्यावरण दिवस पर विशेष अनुरोध किया की वे अपने साथ प्लास्टिक की बोतल का प्रयोग ना करे वा स्टील , तांबे की बोतलों का ही प्रयोग करें।

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.