*ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की नियमित मॉनिटरिंग और सर्वे के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिए सख्त निर्देश*
देहरादून, 10 अक्टूबर।
प्रदेश में विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को दूरभाष के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेशभर में फसलों को हुए नुकसान की नियमित मॉनिटरिंग करने, प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय सर्वे कराने तथा क्षति का विस्तृत आकलन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारी पूरी गंभीरता और तत्परता से कार्य करें।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में कृषि एवं बागवानी फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
उद्यान फसलों में जनपद अल्मोड़ा के चौखुटिया एवं लमगड़ा विकासखंड में बागवानी फसलों को 15 से 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। वहीं, जनपद चंपावत के चंपावत, पाटी, लोहाघाट एवं बाराकोट विकासखंड में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति दर्ज की गई है। जनपद नैनीताल के हल्द्वानी, कोटाबाग एवं रामनगर क्षेत्रों में बागवानी फसलों को लगभग 10 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसी प्रकार, जनपद हरिद्वार के बहादराबाद एवं लक्सर क्षेत्रों में लगभग 5 हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है। यहां करीब 30 पेड़ गिरने के साथ ही तीन पॉलीहाउस भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। जनपद देहरादून के रायपुर विकासखंड में फसलों को लगभग 10 से 15 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में करीब 20 प्रतिशत तथा टिहरी गढ़वाल के घनसाली क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन किया गया है। इसके अतिरिक्त, पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार क्षेत्र के अंतर्गत नैनीडांडा एवं रिखणीखाल विकासखंड में फसलों को लगभग 30 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
कृषि खरीफ 2026 की फसलों में 8372.31 हैक्टेयर कृषि आपदा से प्रभावित हुई है। कृषि फसलों की स्थिति के संबंध में जनपद ऊधम सिंह नगर के बाजपुर एवं गदरपुर क्षेत्रों में लगभग 7,730 हेक्टेयर क्षेत्र में धान और गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। वहीं, जनपद हरिद्वार की बहादराबाद, बादशाहपुर एवं जमालपुर न्याय पंचायतों में लगभग 600 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें मुख्य रूप से धान की फसल शामिल है। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया हुआ है, उनकी क्षति संबंधी रिपोर्ट बीमा कंपनी को भेज दी गई है। प्रारंभिक सर्वे किया जा चुका है विभागीय कार्मिक और राजस्व विभाग के साथ संयुक्त सर्वे की कार्यवाही गतिमान है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए और सर्वे कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
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