मुख्यमं
त्री ने 9.74 लाख लाभार्थियों को 176.59 करोड़ रूपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आई. आर.डी. टी सभागार में राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत माह मई 2026 की पेंशन वन क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित की। 09 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खाते में कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार की धनराशि का हस्तांतरण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने नशा मुक्त अभियान एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और देखभाल की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला सामाजिक कल्याण योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव, देरी और बाधा के योजनाओं का लाभ प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ देश में जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त राशन योजना जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। वहीं स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से वंचित वर्गों को स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिव्यांग कार्मिकों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है। स्वयं सहायता समूहों को ‘लखपति दीदी योजना’ एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’, ‘मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’, ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ तथा ‘अपणि सरकार पोर्टल’ के माध्यम से विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को वैश्विक पहचान मिली है, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। शारदा कॉरिडोर, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर एवं गोल्ज्यू कॉरिडोर पर भी कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना बढ़ी है तथा बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। होम-स्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलिपोर्ट एवं बिजली उत्पादन के क्षेत्र में दो से तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में विशेष श्रेणी राज्यों में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून एवं सख्त भू-कानून लागू किए गए हैं। सरकार द्वारा 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार सूत्रीय रणनीति पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने आयोगों, परिषदों एवं समितियों के सदस्यों से जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, श्री भरत चौधरी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती पार्वती दास,, श्री भूपाल राम टम्टा, सचिव श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री प्रकाश चन्द्र, विभिन्न्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष मौजूद थे।
मुख्यमंत्री आवास परिसर में 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री आवास परिसर स्थित राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस देहरादून में विकसित किए जा रहे 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ कृष्णा वट के पौधे का रोपण कर किया गया। इस उद्यान का विकास मधुमक्खियों, तितलियों एवं पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परागण एवं जैव विविधता को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्रकार के पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जा रहा है। उद्यान के आसपास कीटनाशकों एवं अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग को प्रतिबंधित रखा जाएगा, जिससे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
इस विशेष उद्यान के निर्माण से मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन में भी महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा। साथ ही आमजन में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी यह उद्यान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री द्वारा उद्यान प्रभारी श्री दीपक पुरोहित को इस प्रकार के उद्यान के विकास करने के निर्देश दिये गए थे। तत्पश्चात उपयुक्त प्रजातियों के पौधों के चयन एवं रोपण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया था।
उद्यान में जामुन, शहतूत, सहजन, कदम्ब, कपूर, गुड़हल, अमरूद, नीम, बाँस, बॉटल ब्रश, टिकामा, जीनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हमेलिया, इक्जोरा, लैंटाना, तुलसी, लैवेंडर, सूरजमुखी, रोजमेरी एवं पुदीना सहित अनेक प्रजातियों के पौधों का मिश्रित रूप से रोपण किया जा रहा है।
परिसर में स्थित जीर्ण-शीर्ण एवं वृद्ध वृक्षों के समीप नवीन पौधों के रोपण का कार्य भी प्रारम्भ किया गया है। इसके अतिरिक्त उच्च हिमालयी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले बांज, बुरांश, तेजपत्ता तथा पया प्रजाति के पौधों का रोपण भी विगत वर्ष से किया जा रहा है, जो वर्तमान में स्वस्थ वृद्धि के साथ परिसर की प्राकृतिक शोभा एवं विशिष्टता को बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने परिसर में संचालित पर्यावरणीय एवं जैव विविधता संवर्धन संबंधी कार्यों की सराहना करते हुए उद्यान विभाग को मधुमक्खी पालन गतिविधियों को मुख्यमंत्री आवास परिसर तथा निकटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विकसित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव श्री शैलेश बगौली, निदेशक उद्यान डॉ. आर.के. सिंह, श्री नरेन्द्र यादव मौजूद थे।
पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति मुख्यमंत्री ने बताई सामूहिक प्रयासों की जरूरत*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति संकल्पबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया है। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने सन्देश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति और जीवन शैली का प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। हमारे लोकपर्व, परम्पराएं और जनजीवन सदैव पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को सुदृढ़ करते रहे हैं। हरेला जैसे पर्व प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और संरक्षण की भावना को प्रदर्शित करते हैं।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें एकजुट होकर प्रकृति के संरक्षण की दिशा में भी चिन्तन करना होगा। पर्यावरण संरक्षण को जीवन से जुड़ा विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण उत्तराखण्डवासियों के स्वभाव में रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध वन सम्पदा, जैव विविधता और जीवनदायिनी नदियों के कारण देश में विशिष्ट पहचान है। राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों और जैविक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग तथा पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियां आज पूरी दुनिया के सामने हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की दिशा में संकल्पित होकर कार्य करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की भी मुख्यमंत्री ने जरूरत बताई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण, जल स्रोतों के संरक्षण, नदियों एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने के लिए सभी को आगे आना होगा। सामाजिक चेतना और सामूहिक प्रयासों से ही पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने में हम सफल हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में प्रदेशभर में संचालित पौधारोपण एवं स्वच्छता अभियान में भी सभी से सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
राज्य सरकार ने 2021 तक के राज्य आंदोलनकारियों के लम्बित आवेदनों के चिन्हीकरण हेतु अवधि में किया विस्तार, मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद हुआ आदेश जारी
राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कार्यालय में 2021 तक लंबित आवेदनों के निस्तारण की समयावधि में विस्तार किया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के पश्चात सचिव श्री शैलेश बगोली द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।
अब शासन द्वारा आवेदन पत्रों के निस्तारण की अवधि भी 24 जुलाई 2026 से 24 सितम्बर 2026 तक निर्धारित की गई है। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही हेतु शासनादेश की प्रति समस्त मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को प्रेषित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड आंदोलन से जुड़े सभी वास्तविक आंदोलनकारियों के सम्मान एवं पहचान के प्रति प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाते हुए पात्र व्यक्तियों को पर्याप्त अवसर प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की ₹ 213 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुम्भ मेला-2027 तथा नन्दादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों के साथ ही राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के तहत विभिन्न सड़कों के निर्माण तथा सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित योजनाओं व किसानों केी आर्थिकी में सुधार आदि के लिए कुल ₹ 213 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चमोली के वर्ष 2026 में नन्दादेवी राजजात यात्रा के अन्तर्गत नलगांव-भटियाणा मोटर मार्ग के किमी0 01 से 10 तक मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण किये जाने हेतु ₹ 8.68 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने के साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला व्यवस्था में पुलिस प्रशासन हेतु प्राविधानित धनराशि ₹ 35 करोड के प्रस्ताव पर स्वीकृति हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर के बिन्दुखेडा रायपुर मोटर मार्ग का हॉटमिक्स द्वारा पुर्ननिर्माण एवं सुदृढीकरण हेतु ₹ 3.95 करोड, एस.एच.-85 में रिस्पना पुल (चंचल डेरी) से धर्मपुर चौक तक सघन यातायात हेतु तीन लेन एलीवेटेड कोरिडोर निर्माण हेतु ₹ 3.37 करोड, जनपद अल्मोडा के विधान सभा क्षेत्र जागेश्वर में शहीद लॉस नायक श्री दिनेश सिंह (ध्याडी-मिरगांव-मानेश्वर) मोटर मार्ग के पुर्ननिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 4.92 करोड तथा जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड ऊखीमठ के अन्तर्गत ताला बंरगाली मोटर मार्ग में सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य हेतु ₹ 3.17 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोडा के विधान सभा क्षेत्र सल्ट में कुलान्टेश्वर महादेव में मेला स्थल के सौन्दर्यीकरण हेतु ₹ 50.08 लाख, जनपद चम्पावत के विधान सभा क्षेत्र चम्पावत में महिला प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना हेतु ₹ 60 लाख तथा जनपद पिथौरागढ़ की विधानसभा धारचूला के अन्तर्गत ग्राम सभा बौन में श्री हयों गुरु देव व गैरेंग मन्दिर सौन्दर्यीकरण व चार दीवारी मुख्य प्रवेश द्वार के कियान्वयन हेतु ₹ 85 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद रुद्रप्रयाग की अगस्तमुनि नगर पंचायत की छेनागाड पेयजल योजना के कियान्वयन हेतु ₹ 55.22 करोड तथा जनपद देहरादून की उत्तर शाखा के अन्तर्गत गंगोत्री विहार में नलकूप खनन, राईजिंग मेन एवं तत्सम्बंधी कार्यों हेतु ₹ 2.22 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद बागेश्वर के विधान सभा क्षेत्र बागेश्वर के अन्तर्गत देवलधार-माईथान-लेटी-गिरेछीना मोटर मार्ग निर्माण हेतु लागत ₹ 8.52 करोड़, जनपद अल्मोड़ा के विधान सभा क्षेत्र द्वाराहाट विकासखण्ड चौखुटिया के मांसी में रामगंगा नदी के दाये पार्श्व पर स्थित राम पादुका मन्दिर पर स्नाना घाट के निर्माण हेतु ₹ 37.60 लाख तथा विधान सभा क्षेत्र द्वाराहाट विकासखण्ड द्वाराहाट मांसी के अन्तर्गत ग्राम सकुनी में सुकेश्वर महादेव मन्दिर के जीर्णाेद्धार का अवशेष कार्य पूर्ण किये जाने हेतु ₹ 1.25 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद हरिद्वार के विधान सभा क्षेत्र पिरान कलियर के मेवड नागड के शमशान घाट में बाउंड्रीवाल के निर्माण हेतु ₹ 16.49 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में फसल कृषि कर्म के लिए कर्ज, वाणिज्यिक फसलों, उत्तराखण्ड सहकारी क्षेत्र/निगम की मिलों को ऋण मद हेतु प्राविधानित धनराशि रूपये ₹ 130 करोड के सापेक्ष ₹ 81.47 करोड की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र सितारगंज के ग्राम गुरुग्राम में मनीमोहन के घर से सुशील मण्डल के घर तक एवं बसगर मुख्य मार्ग के सुन्दर नगर होते हुए नाले के ओर मार्ग के निर्माण हेतु ₹ 88.76 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र सितारगंज के ग्राम रंजीतनर से ग्राम सुरेन्द्रनगर में तारकनाथ मन्दिर होते हुए मुख्य मार्ग का पुर्ननिर्माण कार्य हेतु ₹ 1.79 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने किया ताकुला रा०प्रा०वि० धौलरा का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० श्री विद्याधर वैष्णव के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद अल्मोडा के विधान सभा क्षेत्र सोमेश्वर विकासखण्ड ताकुला रा०प्रा०वि० धौलरा का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० श्री विद्याधर वैष्णव के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना में उत्तराखण्ड ने देशभर में लहराया परचम, चार प्रमुख श्रेणियों में प्राप्त किया प्रथम स्थान”
प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्धन एवं प्रमुख सचिव (ऊर्जा) डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु एक साथ चार पुरस्कार प्राप्त हुए।
आज नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह में माननीय श्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री द्वारा उत्तराखण्ड को सम्मानित किया गया।
उत्तराखण्ड की ओर से यह पुरस्कार उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) के प्रबंध निदेशक श्री जी. एस. बुदियाल द्वारा ग्रहण किया गया।
इस अवसर पर सभी राज्यों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव श्री सन्तोष कुमार सारंगी, आरईसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव, पीएफसी के कार्यकारी निदेशक (ईडी) श्री सौरभ जैन, सीईईडब्ल्यू (CEEW) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. अरुणाभ घोष, एंगेजमेंट लीड, सीईईडब्ल्यू के श्री पंकज करगेती तथा उरेडा के उप मुख्य परियोजना अधिकारी (Deputy CPO) श्री अखिलेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना अवार्ड समारोह में उत्तराखण्ड को औसत उपभोक्ता आधार (Low Consumer Base States) वाले राज्यों की श्रेणी में चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया गया। राज्य सरकार द्वारा अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे सतत् प्रयासों एवं जन-केंद्रित नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड ने पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।
उत्तराखण्ड को निम्नलिखित चार श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया:
1. सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन (Maximum Consumer Applications)
2. सर्वाधिक रूफटॉप सोलर संस्थापन (Maximum Solar Installations)
3. सर्वाधिक डिस्कॉम निरीक्षण (Maximum DISCOM Inspections)
4. सर्वाधिक विक्रेता पंजीकरण (Maximum Vendor Registrations)
यह सम्मान उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, उपभोक्ता जागरूकता, त्वरित सेवा वितरण तथा पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राप्त उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है।
UPCL द्वारा राज्यभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान, शिविरों, डिजिटल माध्यमों एवं स्थानीय स्तर पर विशेष प्रयासों के माध्यम से अधिकाधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने का कार्य किया गया। इसके साथ ही आवेदन स्वीकृति, तकनीकी निरीक्षण, नेट मीटरिंग एवं सौर संयंत्र स्थापना से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल एवं समयबद्ध बनाकर योजना के लाभों को आम नागरिकों तक पहुँचाया गया।
योजना के अंतर्गत पात्र उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु केन्द्र सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आ रही है तथा स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। उत्तराखण्ड में योजना के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
यह सम्मान केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि राज्य में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्टता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रेरणा है। निगम भविष्य में भी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रतिबद्ध रहेगा तथा अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना से जोड़कर उत्तराखण्ड को सौर ऊर्जा अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में स्थापित करने का प्रयास जारी रखेगा।
यह उपलब्धि न केवल उत्तराखण्ड के लिए गौरव का विषय है, बल्कि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति एवं सतत विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।
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