सेलाकुई :
वर्ष प्रतिपदा के पावन अवसर पर रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा सेलाकुई नगर में भव्य एवं अनुशासित पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए समाज में राष्ट्रभक्ति, संगठन और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन बड़े दिव्य और भव्य स्वरूप में संपन्न हुआ |जिसमें नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया |
पथ संचलन की शुरुआत राजकीय इंटर कॉलेज सेलाकुई से हुई, जो निगम रोड, मुख्य बाजार, जमनपुर होते हुए सिडकुल गेट तक पहुंचा। पूरे मार्ग में स्वयंसेवकों की अनुशासित पंक्तियां और देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला, जिससे नगर का माहौल उत्सवमय बन गया।
पथ संचलन से पूर्व आयोजित बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता सह विभाग प्रचारक सौरभ ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए “पंच परिवर्तन” के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय नववर्ष केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नई चेतना और नए संकल्पों का प्रतीक है।
उन्होंने विक्रमी संवत की ऐतिहासिक महत्ता बताते हुए कहा कि इसकी स्थापना सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को पराजित करने के बाद की थी। साथ ही उन्होंने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भगवान राम के राज्याभिषेक, स्वामी दयानंद सरस्वती के जन्म तथा डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जन्मदिवस जैसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक प्रसंगों से जुड़ी हुई है।
वक्ता ने संघ की प्रमुख परंपराओं गुरु दक्षिणा और आद्य सरसंघचालक प्रणाम का उल्लेख करते हुए इसे स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता और संगठन के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से अपने-अपने क्षेत्रों में समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को और अधिक गति देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शताब्दी वर्ष के महत्व पर भी चर्चा की गई और “पंच परिवर्तन” को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बताया गया।
कार्यक्रम में माननीय नगर संघचालक जयदीप बिजल्वाण ने आशीर्वचन दिए। इस दौरान नगर कार्यवाह योगेश सेमवाल , ज्ञान सिंह राणा , प्रकाश भट्ट , संजय कंडारी , संजय सहगल , शिवांश , अभिषेक सैनी, अभिनव , विनय , धर्मेंद्र , जयकृत , पंकज किशोर , गोपाल सहित अनेक स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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