ऋषिकेश :
राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में उत्तराखंड वन विभाग और डब्ल्यू डब्ल्यू एफ इंडिया द्वारा गिद्ध संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक गिद्ध को सैटेलाइट जीपीएस टैग लगाकर जंगल में छोड़ा गया। शुक्रवार को यह प्रक्रिया डब्ल्यू डब्ल्यू एफ की रैप्टर टीम के वरिष्ठ पशु चिकित्सा विशेषज्ञों और राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों की निगरानी में पूरी की गई। इस दौरान 50 ग्राम का जीपीएस टैग लगाकर गिद्ध को कोयलपुरा चौकी क्षेत्र से उड़ान भराई गई।
विभाग और डब्ल्यू डब्ल्यू एफ इंडिया पिछले तीन वर्षों से रैप्टर प्रजातियों पर शोध कार्यक्रम चला रहे हैं। शोध के पहले चरण में छह गिद्धों को टैग किया जा चुका है। दूसरे चरण में कुल 12 गिद्धों को टैग करने का लक्ष्य है, जिनमें यह पहला गिद्ध है जिसे मोतीचूर रेंज में छोड़ा गया है।
इस सैटेलाइट टैगिंग के माध्यम से गिद्धों की निगरानी की जाएगी, जिससे उनके मूवमेंट, भोजन के स्रोत, ठहराव स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त होगी। यह डेटा भविष्य में गिद्ध संरक्षण रणनीति को और मजबूत बनाने में मददगार साबित होगा।
कार्यक्रम के दौरान डब्ल्यू डब्ल्यू एफ इंडिया की प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. सेजल बोरा, डॉ. जी. अरिंद्रन, डॉ. आई.पी. बोपन्ना, सनी जोशी, प्रतीक देसाई, वार्डन सरिता भट्ट, डॉ. विवेकानंद सती, महेश सेमवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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