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 रिसेप्‍शनिस्‍ट पर बनाता था ग्राहकों से संबंध बनाने का दबाव, नहीं मानी बात तो अंकित को मौत के घाट उतार दिया.

बाप का रसूख बेटे के सर चढ़कर बोला वो भी इतना कि अपने हाथ खून में रंग लिए।

हरिद्वार की जनता आक्रोश से भरी है, शर्म आ रही है ऐसे नौजवानों पर जिन्होंने धर्मनगरी की गरिमा को तार तार कर दिया।


 गंगा भोगपुर स्थित रिसॉर्ट में संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई पौड़ी गढ़वाल अंकिता भंडारी के मामले का आखिरकार खुलासा हो गया जिसमे गिरफ्तार किए गए आरोपित पुलकित आर्य, अंकित और सौरभ भाष्कर  हरिद्वार के रहने वाले है उहोने जुर्म कबूल लिया और पूरे मामले का सच बताया।


पुलिस पूछताछ मे जो जानकारी सामने आई है उसमे अंकिता भंडारी का वनतारा रिजार्ट गंगा भोगपुर में रिसेप्सनिष्ट का कार्य करती थी और वह १८ सितम्बर से लापता थी |


वहीं रिजॉट कर्मियों से पूछताछ की गई तो उन्‍होंने बताया कि 18 सितंबर को अंकिता काफी परेशान थी। उन्‍होंने बताया कि अंकिता रात करीब आठ बजे पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भाष्कर और अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता के साथ गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। 

उस रात लौटने के बाद तीनों आरोपितों ने स्‍टाफ को अंकिता के रूम खाना देने नहीं भेजा, बल्कि खुद अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता उसके कमरे में खाना लेकर गया था।

पुलिस पूछताछ में पता चला कि रिसॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य और अन्‍य आरोपित अंकिता पर कस्टमर से सम्बन्ध बनाने का दबाव बनाते थे। यह बात अंकिता ने अपने कुछ साथियों को बता दी थी।

 इसी को लेकर अंकिता और आरोपितों के बीच विगत 18 सितंबर को विवाद हुआ था। जिसके बाद आरोपित उसे अपने साथ दोपहिया वाहन में घुमाने के लिए ले गए।


रास्‍ते में तीनों आरोपितों के बीच दोबारा कहासुनी हुई। इस दौरान उनके बीच हाथापाई भी हुई। जिससे अंकिता को धक्‍का लगा और वो नहर में गिर गई।

 आरोपित अंकिता को ऐसे ही छोड़ वापस रिसॉर्ट आ गए और सबको नई कहानी सुनाई, लेकिन पुलिस पूछताछ में ओरापितों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। हालांकि अभी तक अंकिता का शव बरामद नहीं हो पाया है।

शव की तलाश हेतु एसडीआरएफ द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।


Sdrf in searching of Ankita dead body


 पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल यशवन्त सिंह चौहान को सौंपी थी। जिसका शुक्रवार को खुलासा कर दिया गया।


रिजॉर्ट से मिले सीसीटीवी फुटेज से पूरे मामले का पता चला। जिसके आधार पर मामले में रिजॉर्ट ओनर पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भाष्कर और अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता की संलिप्‍तता सामने आई। सीसीटीवी में अंकिता इन तीनों के साथ रिजॉर्ट से जाती दिखी।


इसके बाद पुलकित आर्य पुत्र डाक्‍टार विनोद आर्य निवासी स्वदेशी भवन आर्यनगर थाना ज्वालापुर हरिद्वार उम्र करीब 35 वर्ष, अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता पुत्र राजेन्द्र कुमार गुप्ता निवासी 42 ए दयानंद नगरी थाना ज्वालापुर हरिद्वार उम्र करीब -19 वर्ष और सौरभ भाष्कर पुत्र शक्ति भाष्कर निवासी 18 ए सूरजनगर थाना ज्वालापुर हरिद्वार उम्र करीब 35 वर्ष को हिरासत में लिया गया।


तीनों से पूछताछ की गई तो उन्‍होंने अपराध कबूल कर लिया। इकबाले जुर्म करते हुए आरोपित सौरभ ने बताया कि 18 सितंबर की शाम पुलकित व अंकिता रिजॉर्ट में थे तब दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस पर पुलकित ने कहा कि अंकिता गुस्से में है इसे लेकर ऋषिकेश चलते हैं।


चारों एक बाइक और एक स्‍कूटी से रिजॉर्ट से निकले। हम लोग बैराज होते हुए एम्स के पास पंहुचे। तब बैराज चौकी से करीब 1.5 किमी दूर पुलकित अंधेरे में रुका तो हम भी रुक गए। उसके बाद वह हमने शराब पी और मोमो खाए।

हम अंकित व पुलकित चीला रोड पर नहर के किनारे बैठे हुए थे। तभी दोबारा अंकिता व पुलकित के बीच विवाद हुआ। पुलकित ने कहा कि अंकिता हमें अपने साथियों के बीच बदनाम करती है। हमारी बातें अपने साथियों को बताती है कि हम उसे कस्टमर से सम्बन्ध बनाने के लिये कहते हैं।


इस पर अंकिता गुस्सा हो गयी और उससे हमारी झड़प हो गयी। तब अंकिता ने कहा कि मैं रिजॉर्ट की हकीकत सबको बता दूंगी और इतना कहकर उसने पुलकित का मोबाइल नहर में फेंक दिया। इस पर हमें गुस्सा आ गया। हम नशे में थे, पता नहीं चला कि हम क्या कर रहे हैं। अंकिता हमसे हाथापाई करने लगी तो हमने गुस्से में उसे धक्का दे दिया और वह नहर में गिर गई।


हम घबरा गए और प्लान के तहत रिजॉर्ट पहुंचकर शैफ मनवीर से अंकिता के बारे में पूछने पर कहा कि वह हमारे साथ नहीं थी। प्लान के तहत अंकित ही खाना लेकर अंकिता के कमरे मे गया और खाना रखकर आ गया। अगली सुबह पुलकित और अंकित गुप्ता हरिद्वार चले गये और हरिद्वार से पुलकित ने नया मोबाइल और अपने जियो का डमी सिम खरीदा।


प्लान के तहत पुलकित ने हमारे रिजॉर्ट में काम करने वाले सौरव बिष्ट को कहा कि अंकिता को कमरे में जाकर उसका फोन ले आओ ताकि सौरव बिष्ट कमरे में जाये और हमें बताये की अंकिता कमरे में नहीं है और न ही फोन है। और यही हुआ। पुलकित ने ही अंकिता की गुम होने की एफआइआर दर्ज कराई।

पंचपुरी में अपराधियों के हौसले बुलंद है, नशे की गिरफ्त और अपराध की तरफ बढ़ रहे है युवक युवतियां। 

क्या ऐसी मानसिकता हरिद्वार धर्म नगरी में  धीरे धीरे पनप रहे  गंभीर अपराधों की तरफ इशारा  तो नही कर रहीं है? अगर यह सत्य है तो शासन प्रशासन, पुलिस इंटेलिजेंस कहाँ है?  बहुत सी कहानियां आएंगी सामने परंतु अंकिता कभी नही आएगी। 


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