Halloween party ideas 2015

 

 रुद्रप्रयाग के डीएम के साथ बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की


रूद्रप्रयाग: 


 बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी ) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने लगातार दूसरे दिन भी केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।  उल्लेखनीय है कि 15 अप्रैल को मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र ने केदारनाथ पहुंच कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।इसी क्रम में आज मंदिर समिति अध्यक्ष केदारनाथ धाम यात्रा के अहम पड़ाव गौरीकुंड पहुंचे। 


अजेंद्र ने गौरीकुंड में मां गौरामाई मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान स्थानीय जनता ने बीकेटीसी अध्यक्ष के सम्मुख गौरा माई मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण व विस्तार की मांग रखी। इसके साथ ही लोगों ने तप्त कुंड से गौरा माई मंदिर परिसर के लिए पैदल मार्ग का निर्माण करने की मांग भी रखी। लोगों ने पौराणिक महत्व के उमा महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार का मुद्दा भी उठाया। 


इस पर अजेंद्र ने शीघ्र ठोस पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने पौराणिक तप्त कुंड परिसर का निरीक्षण भी किया। 

उन्होंने अधिकारियों को मौके पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिये। 

 

इसी क्रम में मंदिर समिति अध्यक्ष ने श्री त्रिजुगीनारायण मंदिर पहुंचे। भगवान त्रिजुगीनारायण जी तथा अखंड ज्योति के दर्शन करने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण को लेकर स्थानीय लोगो से चर्चा की। 


मंदिर समिति अध्यक्ष ने सोनप्रयाग में भी यात्रा व्यवस्थाएं देखी। मंदिर समिति के विश्राम गृह का भी निरीक्षण किया।

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता माया राम गोस्वामी, अर्जुन कृष्ण गैरोला, गौरीकुंड मंदिर प्रबंधक कैलाश बगवाड़ी, विश्राम गृह सोन प्रयाग प्रबंधक माहेश्वर शैव, अजय शर्मा आदि मौजूद रहे।


उधर, भ्रमण के बाद अजेंद्र ने कलेक्ट्रेट में रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मनुज गोयल के साथ यात्रा तैयारियों को लेकर विस्तृत बैठक की और विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। 





अजेंद्र ने गौरीकुंड - केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए अधिक से अधिक संख्या में दुकानें/ ढाबे खोलने और केदारनाथ धाम में यात्रियों के रुकने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टेंट कॉलोनी स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया। जिस पर जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में इस वर्ष बड़ी संख्या में यात्रियों के उमड़ने की संभावना को देखते हुए मंदिर में दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। 



Post a Comment

www.satyawani.com @ 2016 All rights reserved

www.satyawani.com @ 2016 All rights reserved
Powered by Blogger.