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फार्मा इंडस्ट्री की समस्याओं का होगा समाधान, दूर होंगी दिक्कतें

फार्मा के क्षेत्र में उत्तराखंड को अग्रणी राज्यों में किया जाएगा शुमार


राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में फार्मा इंडस्ट्री का योगदान अहम साबित हो सकता है, इसके लिए सूबे में फार्मा इंडस्ट्री को मजबूत करने की आवश्यकता है। राज्य में फार्मा उद्योग की अपार सम्भावनाएं है और इस क्षेत्र में राज्य को अग्रणी बनाया जा सकता है। सूबे में फार्मा उद्योग के सामने कई सारी समस्याएं हैं जिनका सरकार द्वारा शीघ्र समाधान कर दिया जायेगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। 


यह बात सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने मंगलवार को एसोसिएशन ऑफ देवभूमि फार्मा इंडस्ट्री उत्तराखंड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही। डॉ रावत ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में फार्मा इंडस्ट्री का योगदान अहम साबित हो सकता है, इसके लिए फार्मा उद्योग से जुड़े लोगों एवं सरकार को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतरष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित, असरदार और हाई क्वालिटी वाली दवाओं की जबरदस्त डिमांड है। 

ऐसे में राज्य की फार्मा इंडस्ट्री के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है। फार्मा एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा इंडस्ट्री से जुड़ी समस्याओं पर उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री की तमाम समस्याओं को दूर किया जायेगा। इसके लिए शीघ्र उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जायेगी, जिसमें एसोसिएशन के पदाधिकारियों सहित फार्मा उद्योग से संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों को बुलाया जायेगा। ताकि बैठक में संबंधित समस्याओं का निराकरण किया जा सकेगा। डॉ. रावत ने कहा कि औषधि निर्माताओं को फर्म संचालन के लिए अनवरत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना, केन्द्रीय योजना के अंतर्गत कॉमन ड्रग टेस्टिंग लैब के लिए भूमि उपलब्ध कराना, सेनिटाईजर निर्माण हेतु फर्मो को अन्य राज्यों से एल्कोहल खरीदने की छूट प्रदान करना, निर्माण इकाई से निकलने वाले हानिकारक कचरे को पर्यावरण बोर्ड से अधिकृत संस्था के माध्यम से नष्ट करवाने सहित आधा दर्जन से अधिक समस्याओं को दूर करने के लिए विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिये गये हैं।

कार्यक्रम में सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. पंकज पाण्डेय,  एसोसिएशन ऑफ देवभूमि फार्मा इंडस्ट्री उत्तराखंड के संरक्षक अशोक विण्डलास, अध्यक्ष संदीप जैन, महासचिव अनिल शर्मा, उपाध्यक्ष प्रमोद सकलानी, आर.के. जैन, कुलदीप सिंह, औषधि नियंत्रक हेमन्त सिंह नेगी, सहायक औषधि नियंत्रक सुरेन्द्र भण्डारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं फार्मा इंडस्ट्री से जुड़े लोग उपस्थित रहे। 


उच्च शिक्षा में प्रवेश से वंचित नहीं रहेंगे छात्र-छात्राएंः डॉ. धन सिंह रावत

दिसम्बर माह में सभी राजकीय विश्वविद्यालय आयोजित करेंगे दीक्षांत समारोह


देहरादून:

सूबे के राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में किसी भी छात्र-छात्राओं को प्रवेश से वंचित नहीं रखा जायेगा, जरूरत पड़ने पर उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं की आवश्यकताओं को देखते हुए सीटें बढ़ाई जायेगी, इसके लिए अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्वीकृत निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं। विभाग में रिक्त पदों के सापेक्ष जल्द डीपीसी कराने एवं छात्र-छात्राओं को जल्द टैबलेट वितरित कराने को कहा गया है।


उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित डीएमएमसी सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में डॉ. रावत ने कहा कि राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कोई भी छात्र प्रवेश से वंचित नहीं रहेगा। जरूरत पड़ने पर उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सीट बढ़ा दी जायेगी, जिसके लिए अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को राजकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विभिन्न निर्माणाधीन निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कर शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये।

 डॉ. रावत ने सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को शेष रह गये परीक्षा परिणामों को शीघ्र घोषित करने, माह दिसम्बर में दीक्षांत समारोह का आयोजन करने एवं छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को जल्द डीजी लॉकर में अपलोड करने को कहा, उन्होंने कहा कि शैक्षणिक प्रमाण पत्रों एवं परीक्षा परिणामों को लेकर छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए विश्वविद्यालयों को जवाबदेही तय करनी होगी। विभागीय मंत्री ने बताया कि विभाग में लम्बे समय से रिक्त चल रहे विभिन्न पदों पर जल्द डीपीसी कर अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिये। उन्होंने राज्यभर में खोले गये नये महाविद्यालयों में तत्काल फैक्ल्टी तैनात करने को शासन के अधिकारियों को कहा, इसके अलावा विभाग के अंतर्गत समूह-ग एवं समूह-घ के रिक्त पदों को आवश्यकतानुसार उपनल के माध्यम से भरने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। विभागीय मंत्री ने राजकीय महाविद्यालयों में करीब एक लाख छात्र-छात्राओं को टैबलेट वितरण को लेकर विभगीय प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिये। 

बैठक अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा राधा रतूड़ी, सचिव दीपेन्द्र चौधरी, कुलपति श्रीदेव सुमन विवि डॉ. पी.पी. ध्यानी, कुलपति कुमाऊं विवि प्रो. एन.के. जोशी, कुलपति दून विवि प्रो. सुरेखा डंगवाल, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. पी.के. पाठक, अपर सचिव एम.एम. सेमवाल, कुलसचिव दून विवि डॉ. एम.एस. मद्रवाल, कुलसचिव उत्तराखंड मुक्त विवि एच.एस. नयाल, सोबन सिंह जीना विवि से डॉ. डी.एस. बिष्ट, उप सचिव एस.एस. त्रिपाठी, अनु सचिव ब्योमकेश दुबे, भवानी राम आर्य, राखी भटनागर, मयंक बिष्ट, मनोज सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें 



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