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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज लखनऊ में 'आजादी@75- नया शहरी भारत: शहरी परिदृश्य में बदलाव' सम्मेलन-सह-एक्सपो का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री राजनाथ सिंह, श्री हरदीप पुरी, श्री महेंद्र नाथ पांडे, श्री कौशल किशोर, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने डिजिटल रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत बनाये गये घरों की चाबी उत्तरप्रदेश के 75 जिलों के 75 हजार लाभार्थियों को सौंपी। उन्होंने उत्तरप्रदेश में योजना के लाभार्थियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत भी की। उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन और अमृत के तहत उत्तरप्रदेश की 75 शहरी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन/शिलान्यास किया। इसके साथ ही लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, झांसी और गाजियाबाद समेत सात शहरों के लिये फेम-II के तहत 75 बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के विभिन्न प्रमुख मिशनों के तहत क्रियान्वित 75 परियोजनाओं के ब्यौरे वाली एक कॉफी-टेबल बुक भी जारी की। प्रधानमंत्री ने लखनऊ के बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में श्री अटल बिहारी वाजपेयी पीठ की स्थापना की घोषणा की।

आगरा की श्रीमती विमलेश से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री को उक्त लाभार्थी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें लाभ हुआ है। साथ ही गैस सिलेंडर, शौचालय, बिजली, पानी के कनेक्शन और राशन-कार्ड आदि योजनाओं से भी उन्हें लाभ मिला है। प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि वे सरकारी योजनाओं से लाभ उठायें और अपने बच्चों, खासतौर से अपनी बेटियों को पढ़ायें।

दूध बेचने वाली कानपुर की राम जानकी जी से बात करते हुये प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या उन्हें स्वामित्व योजना का लाभ मिला है। राम जानकी जी ने बताया कि उन्होंने 10 हजार का ऋण लिया था और उसे अपने व्यापार में लगाया है। प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि वे डिजिटल लेन-देन द्वारा अपने व्यापार को बढ़ायें।

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी ललितपुर की श्रीमती बबिता से उनकी आजीविका और योजना के अनुभव के बारे में सवाल किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जन धन खाते से लाभार्थियों के खातों में सीधे पैसा भेजने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी से सबसे ज्यादा फायदा निर्धन लोगों को होता है। प्रधानमंत्री ने श्रीमती बबिता से कहा कि वे स्वामित्व योजना से लाभ उठायें। प्रधानमंत्री ने सभी लाभार्थियों के साथ बहुत सरलता और आत्मीयता से बातचीत की। यह बातचीत बहुत अनौपचारिक और सहज वातावरण में हुई।

उपस्थितजनों को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्यादातर सम्पत्तियां घर के पुरुषों के नाम पर हैं। इस बात को मद्देनजर रखते हुए ठोस कदम उठाये जाने की जरूरत के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना में 80 प्रतिशत घरों की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर की जा रही है या वे उसकी संयुक्त स्वामी हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लखनऊ ने अटल जी के रूप में एक विजनरी, मां भारती के लिए समर्पित राष्‍ट्रनायक देश को दिया है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि आज उनकी स्मृति में, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में अटल बिहारी वाजपेयी पीठ की स्थापना की जा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की तुलना में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित घरों की संख्या में अत्‍यधिक वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत शहरों में 1 करोड़ 13 लाख से ज्‍यादा घरों के निर्माण को मंजूरी दी है। इसमें से 50 लाख से ज्‍यादा घर बनाकर, उन्‍हें गरीबों को सौंपा भी जा चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरे जो साथी, झुग्गी-झोपड़ी में जिंदगी जीते थे, उनके पास पक्‍की छत नहीं थी, ऐसे तीन करोड़ परिवारों को लखपति बनने का अवसर मिला है। श्री मोदी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश में जो करीब-करीब 3 करोड़ घर बने हैं, आप उनकी कीमत का अंदाजा लगाइए। ये लोग लखपति बने हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपी में मौजूदा सरकार से पहले, पहले की सरकारों ने योजनाओं को लागू करने के लिए अपने पैर पीछे खींचे थे, क्योंकि 18000 से अधिक घरों को मंजूरी दी गई थी, किंतु उस समय 18 घरों का निर्माण भी नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि योगी आदित्यनाथ की वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद, 9 लाख से अधिक आवास इकाइयां शहरी गरीबों को सौंप दी गईं और 14 लाख इकाइयां निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। ये घर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि शहरी मिडिल क्‍लास की परेशानियों और चुनौतियों को भी दूर करने के लिए हमारी सरकार ने काफी महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानि- रेरा कानून ऐसा एक बड़ा कदम रहा है। इस कानून ने पूरे हाउसिंग सेक्‍टर को अविश्वास और धोखाधड़ी से बाहर निकालने में बहुत बड़ी मदद की है और सभी हितधारकों की मदद की है तथा उन्‍हें सशक्त बनाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एलईडी स्ट्रीट लाइट लगने से शहरी निकायों के भी हर साल करीब 1000 करोड़ रुपये बच रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब ये राशि विकास के दूसरे कार्यों में उपयोग में लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि एलईडी ने शहर में रहने वाले लोगों का बिजली बिल भी बहुत कम किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में पिछले 6-7 वर्षों में शहरी क्षेत्र में बहुत बड़ा परिवर्तन प्रौद्योगिकी से आया है। उन्‍होंने कहा कि देश के 70 से ज्‍यादा शहरों में आज जो इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर चल रहे हैं, उसका आधार टेक्‍नोलॉजी ही है। प्रधानमंत्री ने अपनी संस्कृति के लिए मशहूर शहर में टिप्पणी करते हुए कहा, ‘आज हमें ‘प्रौद्योगिकी पहले’- टेक्नोलॉजी फर्स्ट’ कहना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को, स्‍ट्रीट वेंडर्स को बैंकों से जोड़ा जा रहा है। इस योजना के माध्यम से 25 लाख से ज्‍यादा लाभार्थियों को 2500 करोड़ रुपये से अधिक की मदद दी गई है। इसमें भी यूपी के 7 लाख से ज्‍यादा लाभार्थियों ने स्वनिधि योजना का लाभ लिया है। उन्होंने डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए वेंडरों की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने आज कहा कि इंडिया मेट्रो सर्विस का देश भर के प्रमुख शहरों में तेजी से विस्तार हो रहा है। वर्ष 2014 में, मेट्रो सेवा 250 किलोमीटर से कम रूट की लंबाई पर चलती थी, आज मेट्रो लगभग 750 किलोमीटर रूट की लंबाई में चल रही है। उन्होंने कहा कि देश में अभी 1000 किलोमीटर से ज्यादा मेट्रो ट्रैकों पर काम चल रहा है।

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