Halloween party ideas 2015

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  • हल्द्वाड़ी, लड़वाकोट, पलेड के बच्चे पढ़ाई के लिए रोज 16 किमी. पैदल चलते हैं ।
  • बच्चों की पीड़ा महसूस करने के लिए उनियाल ने उनके साथ पैदल यात्रा की ।



देहरादून/डोईवाला/ हल्द्वाड़ी :

 

 हल्द्वाड़ी के बच्चों को पढ़ाई के लिए रोजाना 16 किमी. पैदल चलना पड़ता है । बच्चों की मुश्किलों को महसूस करने के लिए राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के प्रदेश संयोजक मोहित उनियाल उनके साथ हल्द्वाड़ी से आठ किमी. पैदल चलकर धारकोट स्थित स्कूल पहुंचे । बच्चों ने उनके साथ रास्ते की मुश्किलों को साझा किया। 


उनियाल के अनुसार, हल्द्वाड़ी, लड़वाकोट, पलेड से बच्चे धारकोट स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल एवं राजकीय इंटर कालेज आते हैं । हल्द्वाड़ी में कक्षा पांच तक का स्कूल है । इसके बाद बच्चे आठवीं कक्षा तक पढ़ाई के लिए लड़वाकोट जाते हैं । आठवीं के बाद, इन गांवों के बच्चे धारकोट विद्यालय में जाते हैं । वहीं, पलेड गांव के बच्चे छठीं क्लास से धारकोट जाते हैं। इन बच्चों को एक तरफा करीब आठ किमी. चलना पड़ता है । 


उन्होंने बताया, दस से पंद्रह साल तक के बच्चों, जिनमें बालिकाएं भी शामिल हैं, को ऊबड़ खाबड़ रास्तों पर चलना होता है । रास्तेभर जौंक का खतरा रहता है । बच्चों के पैरों मं जौंक के हमले से खून निकल आता है । रास्ते में कई बार बच्चों को पैरों से जौंक निकालनी पड़ी । बच्चों ने उन्हें बताया कि बरसात में खराब रास्ते पर चलना मुश्किल हो जाता है । मलबे से रास्ता बंद हो जाता है । कई बार रास्ते में पेड़ भी गिर जाते हैं । बच्चों को स्कूल से छुट्टी करनी पड़ती है । 

उनियाल ने बताया कि बच्चे शॉर्टकट वाले जोखिम रास्तों से होकर स्कूल जाते हैं, जिन पर फिसलने का डर रहता है। इन रास्तों में झाड़ियां उगी हैं । बच्चों का कहना है कि अगर,सड़क बन जाती तो, वो साइकिलों से स्कूल जा सकते थे । बच्चों को रास्ते में कई जगह रुकना पड़ता है । रोजाना करीब 16 किमी. चलकर बच्चे काफी थक जाते हैं, इससे घर पर पढ़ाई नहीं कर पाते । गांव में घरों में लगे नलों में करीब डेढ़ साल से पानी नहीं आया, इस वजह से बच्चों को सुबह- शाम करीब डेढ़ किमी. स्रोत से पानी ढोना पड़ता है । 

संगठन के अनुसार बच्चों ने सड़क के करीब चार किमी. हिस्से में उनको स्कूल ले जाने और छोड़ने के लिए सरकारी स्तर पर वैन लगाने की मांग की है । इससे उनको कुछ राहत मिल जाएगी । उनियाल ने दूरस्थ गांवों के बच्चों के लिए स्कूल के पास बोर्डिंग की व्यवस्था कराने का भी सुझाव दिया है । उनका कहना है, यह गांव राजधानी से सिर्फ 30 किमी दूरी पर है मगर अभी तक सड़क व पानी की व्यवस्था नही है । यह सभी राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के लिए दुख का विषय है । सरकार, राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को बच्चों को सुविधाएं एवं राहत दिलाने के लिए पहल करनी होगी। जल्द ही इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन द्वारा आंदोलन किया जाएगा । पैदल यात्रा में संगठन के प्रदेश संयोजक मोहित उनियाल, हल्द्वाड़ी निवासी व सामाजिक कार्यकर्ता अरुण नेगी आदि मौजूद थे ।

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