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श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी कॉलेजों द्वारा स्वीकृत सीटों से अधिक छात्रों को प्रवेश देने को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कड़ा रूख अख्तियार कर पूरे प्रकरण के जांच के आदेश दे दिये हैं। शासन स्तर पर गठित जांच समिति दो सप्ताह के भीतर जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। उसके बाद इस प्रकरण में दोषी कार्मिकों के विरूद्ध कार्रवाही अमल में लाई जायेगी। 


मीडिया को जारी बयान में आज डा. धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित निजी शिक्षणों द्वारा तय सीमा से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रवेश देना नियम विरूद्ध है जबकि सरकार ने  तत्काल संज्ञान लेते हुए शासन को उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिये हैं। जांच में संबंधित विश्वविद्यालय के जो भी अधिकारी एवं कर्मचारी दोषी पाये जाये जायेंगे उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाही की जायेगी। इसके अलावा निजी शिक्षण संस्थानों के दोषी पाये जाने पर उन पर भी कार्रवाही अमल में लाई जायेगी। वहीं दूसरी ओर इस पूरे प्रकरण में छात्र हितों का भी ध्यान रखा जायेगा। 

  • उच्च शिक्षण संस्थानों में पहली सितम्बर से होंगे प्रवेश : डा. धनसिंह रावत
  • यूजीसी गाइडलाइन के तहत एक अक्टूबर से प्रारम्भ होगा नया शैक्षणिक सत्र
  •  विश्वविद्यालयों को 30 अक्टूबर तक जारी करने होंगे सभी परीक्षा परिणाम
  •  नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए होम वर्क शुरू करने के निर्देश
  • श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय प्रकरण में विभागीय मंत्री ने दिये जांच के आदेश

देहरादून:



राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में एक सितम्बर से नए प्रवेश शुरू होंगे, जबकि एक अक्टूबर से नया शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ होगा। सभी राजकीय विश्वविद्यालयों को 30 अक्टूबर तक समस्त परीक्षा परिणाम घोषित करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा राज्य में नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए गठित टास्क फोर्स को होम वर्क शुरू करने के लिए कहा गया है। 


उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में आयोजित राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों की बैठक में कई अहम फैसले लिये गये। बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य के समस्त उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रथम वर्ष एवं प्रथम सेमेस्टर के प्रवेश पहली सितम्बर से प्रारम्भ कर दिये जायेंगे। जबकि यूजीसी गाइडलाइन का पालन करते हुए एक अक्टूबर से नया शिक्षण सत्र शुरू करना होगा। इसी क्रम में सभी राजकीय विश्वविद्यालयों को 30 अक्टूबर तक समस्त परीक्षा परिणाम घोषित करने के निर्देश दिये गये हैं। कोविड नियमों का पालन करते हुए मेडिकल, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कालेजों को अगस्त माह में खोले जाने की मांग पर अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में राज्य में नई शिक्षा नीति लागू करने के उद्देश्य से गठित टास्क फोर्स को अभी से होम वर्क शुरू करने के निर्देश दिये गये। राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस एवं रेडक्रास सोसाइटी की ईकाइयां स्थापित करने के लिए कुलपतियों को निर्देशित किया गया। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में जागरूता अभियान के अंतर्गत घटते हुए लिंगानुपात पर सेमिनार आयोजित करने, नमामि गंगे परियोजना के तहत 3-डी पेंटिंग हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त करने, जल जीवन मिशन के तहत विज्ञान प्रयोगशाला प्रस्ताव भेजने के निर्देश कुलपतियों को दिये। ब्लॉक स्तर पर सार्वजनिक पुस्तकालय खोले जाने हेतु नेशनल लाइब्रेरी कोलकता के सहयोग से सेमीनार आयोजित करने हेतु विश्वविद्यालयों को कहा गया। कोविड-19 गाइडलाइन के अंतर्गत अक्टूबर माह में सभी राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों को दीक्षांत समारोह आयोजित करने के निर्देश दिये गये। 


बैठक में सचिव उच्च शिक्षा दीपेन्द्र चौधरी, कुलपति प्रो. ओ.पी.एस. नेगी, डा. पी.पी.घ्यानी, प्रो. एन.के. जोशी, प्रो. एन.एस. भण्डारी, प्रो. सुरेखा डंगवाल, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. कुमकुम रौतेला, अपर सचिव एम.एम. सेमवाल, सलाहकार रूसा प्रो. एम.एस.एम रावत, प्रो. के.डी. पुरोहित, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डा. पी.के. पाठक,  निजी विवि के कुलपति डा. विजय धस्माना, प्रो. संजय जसोला, प्रो. नरेन्द्र शर्मा, प्रो. शरद पाण्डे, डा. राजेश मिश्रा, प्रो. आर.के. सिंह, प्रो. जे.पी. पचौरी, डा. महावीर अग्रवाल, अमित डैन, रजिस्ट्रार डा. महावीर सिंह रावत, डा. एम.एस. मद्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 




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