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32 साल की अविवाहित एवं अत्यंत ही गरीब परिवार से एक रोगी स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय धर्मावाला में उपचार के लिए आई। रोगी को लगभग डेढ़ महीने से अत्यधिक समय से माहवारी की समस्या थी।

 डॉ. ताराश्री सिंघल द्वारा प्रारंभिक जाँच में पता चला कि रोगी का हीमोग्लोबिन स्तर 2.6 था त.था बच्चेदानी 38 हफ्ते के बच्चे के बराबर हो गयी थी, जिससे रोगी खुद अनभिज्ञ थी। रोगी काअल्ट्रासाउंड करने पर पता चला कि उसे बच्चेदानी की रसौली है। रोगी को एक हफ्ते भर्ती कर चिकित्सालय द्वारा व्यवस्था कर 6 यूनिट खून चढ़ाया गया, खून का स्तर सामान्य होने पर शुक्रवार को

सर्जन डॉ. नरेंद्र चौहान, सर्जन डॉ. वैभव प्रताप सिंह एवं एनेस्थेटिक डॉ. सी. बी. वर्मा द्वारा लगभग दोघंटे ऑपरेशन कर 5.5 किलोग्राम की बच्चेदानी की रसौली निकाली गई। रोगी का उपचार ना के बराबर खर्चे में किया गया। डॉक्टर के अनुसार थोड़ा और देर होने पर यह रोगी के लिए जानलेवा हो सकता था।


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