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हरिद्वार ,सत्यवाणि,

आज 17 मई भारत को आध्यात्मिक एकता के सूत्र में बाँधने वाले सन्यास परम्परा के प्रवर्तक भगवान आद्य शंकराचार्य महाराज की जन्म जयंती पर आद्य शंकराचार्य स्मारक समिति के तत्वावधान में हरिद्वार के षड् दर्शन साधु समाज एवं समस्त अखाडो के प्रतिनिधियों के सानिध्य में शंकराचार्य चौक पर आद्य शंकराचार्य महाराज के श्रीविग्रह का पूजन किया गया।



 भगवान आद्य शंकराचार्य स्मारक समिति के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज के मार्गदर्शन और महामंत्री श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में सन्यासी अखाडो के साथ -साथ वैष्णव सम्प्रदाय, निर्मल और उदासीन अखाडे के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर जूना अखाडे के पूर्व सचिव एवं आद्य शंकराचार्य स्मारक समिति के महामंत्री श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि भगवान शंकराचार्य सन्यास परम्परा के प्रवर्तक थे जिन्होंने संतान धर्म की रक्षा के लिए सन्यासी अखाडो की स्थापना की । 

निरंजनी अखाडे के महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज ने कहा कि हरिद्वार में आद्य शंकराचार्य स्मारक समिति के माध्यम से ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज, स्वामी कल्याणा नंद, स्वामी देव मुनि स्वामी गणेशा नंद, स्वामी ब्रह्मा नंद महाराज ने भगवान शंकराचार्य चौक एवं श्रीविग्रह की स्थापना करवा कर हरिद्वार में भगवान आद्य शंकराचार्य महाराज को गरिमा प्रदान की और एक स्थान प्रदान किया। महामंडलेश्वर स्वामी दिव्या नंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद गिरि महाराज ने भगवान आद्य शंकराचार्य महाराज को नमन करते हुए कहा कि सनातन वैदिक हिन्दू धर्म भगवान आद्य शंकराचार्य महाराज के कारण ही अस्तित्व में है उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। 


अग्नि अखाडे के सचिव श्रीमहंत साधना नंद ब्रह्मचारी, बड़ा अखाड़ा उदासीन के कोठारी महंत दामोदर दास महाराज ने कहा कि देश में चार शंकराचार्य पीठ स्थापित कर भगवान आद्य शंकराचार्य महाराज ने भारत को धार्मिक , सांस्कृतिक ,आध्यात्मिक एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया और भारत अखंडता प्रदान की। इस अवसर पर पंडित मणि राम के आचार्यत्व में विप्रजनो ने वैदिक मंत्रो के उच्चारण के साथ श्रीविग्रह का षोडशोपचार, पूजन अर्चन किया। इस अवसर पर समिति के सह सचिव महंत धीरेन्द्र पुरी, स्वामी कमला नंद, मानव कल्याण आश्रम के महंत स्वामी दुर्गेशानंद सरस्वती, निरंजनी अखाडे के मुख्तयार महंत आशुतोष पुरी, साध्वी लक्षमी बहन, वैष्णव संप्रदाय से महंत विष्णु दास, महंत प्रेम दास, महंत जगजीत सिंह, महंत बाबा कमल दास, महंत कृष्णानंद, महंत सुतीक्षण मुनि, स्वामी हर्षानंद सरस्वती, स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती, माता रेणुका बेन, भाजपा नेता नरेश शर्मा, पार्षद अनिल मिश्रा, शिव दास दूबे, कपिल तिवारी, सुरेन्द्र मिश्रा आदि  उपस्थित रहे।

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