हरिद्वार:
इसके पश्चात सन्तों के हर की पैड़ी ब्रहृमकुण्ड पहुंचने पर पूजा-अर्चना एवं विधि-विधान से शाही स्नान का शुभारम्भ हो गया। जूना अखाड़े की पेशवाई के बाद 08:58 सुबह पर निरंजनी अखाड़ा शाही स्नान के लिये हर की पैड़ी पहुंचा.
पहले क्रम में निरंजनी और आनन्द अखाड़े के कुम्भ शाही स्नान के बाद जूना,अग्नि और आव्हान अखाड़े का आगमन स्नान के लिये हर के पैड़ी पर पहुँचा।
फिर महानिर्वाणी, अटल अखाड़े का आगमन स्नान के लिये पहुँचा ।
वैरागियों के अखाड़े भी हर की पैड़ी पंहुचे .10:00 बजे तक सम्पूर्ण कुम्भ मेला क्षेत्र में स्नानार्थियों की संख्या 694351
12:00 बजे तक सम्पूर्ण कुम्भ मेला क्षेत्र में स्नानार्थियों की संख्या 887545
13:00 बैरागी अखाड़े का स्नान समाप्त और घाट की सफ़ाई शुरू
दोपहर 2 बजे तक सम्पूर्ण कुम्भ मेला क्षेत्र में स्नानार्थियों की संख्या 943452
शाम 6:00 बजे तक सम्पूर्ण कुम्भ मेला क्षेत्र में स्नानार्थियों की संख्या 13,51,631 रही,अभी तक कुल स्नान करने वालो की संख्या 13 लाख 51 हजार है जो सम्पूर्ण कुम्भ क्षेत्र के आंकड़े है .
शाही स्नान के तीसरे क्रम पर श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाण कनखल के श्रीमहंत रविन्द्र पुरी जी महाराज, महामंडलेश्वर महंत रूपेन्द्र प्रकाश जी महाराज और श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़े के संतजनों ने हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए शाही स्नान किया।
इसके बाद शाही स्नान के लिए तीनों बैरागी अखाडे़े अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अणि अखाड़ा, अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अणि अखाड़ा और अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़े के संतों ने शाही स्नान किया। सभी ने कल्याण की कामना की।
शाही स्नान के लिए आ रहे संतों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। वहीं भक्तों ने संतों का दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इसके बाद श्री पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन निर्वाण और इसके बाद श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा निर्वाण के साधु संतों ने स्नान किया। सबसे आखिर में श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा के साधु संतों ने जयघोष करते हुए शाही स्नान किया।
महाकुंभ 2021 के तीसरे शाही स्नान बैसाखी (मेष संक्रांति) पर बुधवार को सबसे पहले पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज, निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानंद गिरि और अखाड़े के अन्य पूज्य संतजन पहुंचे। उनके साथ आनंद अखाड़े के संत भी पहुंचे।
मेलाधिकारी दीपक रावत और एसएसपी कुम्भ जन्मजेय खंडूरी ने हरकी
पैड़ी ब्रह्मकुंड पहुंचने पर संतो का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके बाद
अपने इष्टदेव की पूजा अर्चना करने के बाद संतों ने शाही स्नान किया।
मेलाधिकारी दीपक रावत सुबह सात बजे से पहले ही मेला नियंत्रण भवन(सी0सी0आर0)अपने कार्यालय में पहुंच चुके थे। कार्यालय पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों को महाकुम्भ के सम्बन्ध में कई दिशा-निर्देश दिये। उसके पश्चात वे शाही स्नान रूट का निरीक्षण करते हुये हरकीपैड़ी ब्रह्मकुण्ड पहुंचे, जहां उन्होंने महाकुम्भ के सकुशल सम्पन्न होने के लिये माॅ गंगा व अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की।
पूजा-अर्चना
के समय श्रीगंगा महासभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, अपर मेलाधिकारी डाॅ0 ललित
नारायण मिश्र, हरवीर सिंह, सेक्टर मजिस्ट्रेट योगेश मेहरा, गंगा सभा के
अन्य पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
पूजा-अर्चना करने के पश्चात मेलाधिकारी दीपक रावत हरकीपैड़ी स्थित पुल नम्बर-1 पर पहुंचे, जहां पर उन्होंने आठ बजकर 56 मिनट पर शाही स्नान के लिये आ रहे सर्वप्रथम निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानन्द गिरी जी महाराज, अखाड़े के सचिव और मनसादेवी ट्रस्ट के सचिव श्रीमहंन्त रवीन्द्र पुरी जी महाराज, आनन्द अखाड़े के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी श्री बालकानन्द गिरिजी महाराज सहित अन्य सन्तों का स्वागत पुष्प वर्षा व पुष्प माला पहनाकर किया।
मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में मेलाधिकारी श्री दीपक रावत ने कुंभ मेले के सकुशल संपन्न होने पर कहा कि प्रशासन और पुलिस के आपसी तालमेल से तीसरा शाही स्नान निर्धारित समय पर संपन्न हो गया | स्नान के सकुशल संपन्न होने पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों को धन्यवाद प्रेषित किया ।कहा मीडिया कर्मियों ने लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
बताया कि बाहर से आने वाले लोगों की लगातार कोविड जांच की जा रही है बॉर्डर पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने बताया कि सेटेलाइट के माध्यम से ले गए चित्रों के आधार पर अनुमान है कि इस बार लगभग 13 लाख 56 हजार लोगों ने वैशाखी पर गंगा स्नान किया ।
कोविड-19 के चलते इस बार श्रद्धालुओं की संख्या 2010 के मुकाबले काफी कम रही । एक सवाल के जवाब में
मेलाधिकारी ने बताया कि कुंभ अपने निर्धारित समय पर ही समाप्त होगा। बताया कि पड़ोसी राज्यों से भी 12 और 14 अप्रैल को आयोजित होने वाले स्नान के लिए पुलिस फोर्स मांगा गया था, जिन्हें अब वापस भेजा जा रहा है .
राज्य के जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है वह मेला समाप्त होने तक हरिद्वार में ही तैनात रहेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महाकुम्भ मेला जनमेजय खण्डूरी, अपर मेलाधिकारी डाॅ0 ललित नारायण मिश्र, हरवीर सिंह सहित अन्य अधिकारीगण भी मौजूद थे। मेलाधिकारी हरकीपैड़ी से ही जहां पर जैसी आवश्यकता हो रही थी, अधिकारियों को निर्देश भी देते जा रहे थे।
कुम्भ मेला का मुख्य शाही स्नान सकुशल और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो
गया। मेष संक्रांति के स्नान पर विगत के कुम्भ मेलों में घटित कुछ अप्रिय
घटनाओं के इतिहास एवं कोविड की अभूतपूर्व चुनौतियों को देखते हुए शाही
स्नान को सुव्यवस्थित व निर्विघ्न संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा
था। इन चुनौतियों के बीच मुख्य शाही स्नान बिना किसी अप्रिय घटना के
सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सायं तक 13 लाख 51 हजार श्रद्धालु कुम्भ
क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर स्नान कर चुके थे।
मुख्यमंत्री श्री
तीरथ सिंह रावत ने कुम्भ मेले के मुख्य शाही स्नान के सकुशल सम्पन्न होने
पर मेले से जुडे़ अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों, स्वयं सेवी
संस्थाओं सहित सभी जनमानस को बधाई देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों का सामना करते हुए मेले
से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मिकों ने जिस मनोयोग से कुम्भ की व्यवस्थाओं को
संभाला तथा देश-विदेश के श्रद्वालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करायी, वह
सराहानीय है। शाही स्नान सकुशल सम्पन्न होने से राज्य सरकार की दिव्य-भव्य
एवं सुरक्षित कुम्भ की परिकल्पना भी साकार हुई है। मुख्यमंत्री ने कुम्भ
मेले से सफल आयोजन का सामूहिक प्रयासों का भी नतीजा बताते हुए साधु-संतों,
अखाडों, मेला क्षेत्र की जनता, व्यापारियों, गंगा सभा, तीर्थ पुरोहितों,
मीडियाकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों आदि का भी अत्यधिक उल्लेखनीय सहयोग रहा
है। जिसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र है।
मेला अधिकारी दीपक रावत
ने शाही स्नान सम्पन्न होने के बाद मीडिया सेंटर कुम्भ मेला में आयोजित
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुम्भ मेलों के बैसाखी के
शाही स्नानों में कुछ छोटी मोटी घटनाएं हुई थी, इसलिए मेला प्रशासन व पुलिस
के आपसी सहयोग से इसे सफल बनाने की पूरी कोशिश की थी और इसमें हम सब सफल
रहे। उन्होंने इस सफलता के लिए पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाओं व सफाई कर्मियों
के अलावा व्यापारी व आम जनता का भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि थोड़ी बहुत
परेशानी के बावजूद उन्होंने पूरे दिल से प्रशासन का साथ दिया। उन्होंने
बताया कि कोरोना के मध्यनजर जिला स्वास्थ्य विभाग व मेले में जुड़ी अन्य
एजेंसियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 50 हजार टेस्ट हो रहे हैं।
नोडल
अधिकारी सूचना मनोज श्रीवास्तव ने देशभर के मीडिया के साथ साथ स्थानीय
मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि खासकर स्थानीय मीडिया ने मेला प्रशासन
के मिलकर एक मेजबान की भूमिका भी निभाई और कुम्भ की महत्ता को पूरी दुनिया
के सामने प्रस्तुत किया।
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