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  •  विधायक विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कोविड-19 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बने क्वारंटाइन सेंटर से उत्पन्न हुए बायो मेडिकल वेस्ट की जानकारी चाही
  • वन मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने माननीय विधायक को इस संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई गए
  • विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने प्रदेश में संचालित आईटीआई की जानकारी चाही गई कौशल विकास मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने सरकार की ओर से जानकारी दी गई
  • विधायक देशराज कर्णवाल ने वन विभाग तथा वन निगम को प्राप्त राजस्व के संबंध में पूछा गया वन मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने जानकारी दी कि वर्ष 2020-21  में माह जनवरी 2021 तक 321 करोड रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।
  • संसदीय कार्यमंत्री के तौर पर श्री मदन कौशिक ने बताया कि उत्तराखण्ड की दर अन्य राज्य की तुलना में कम है। इस सम्बन्ध में उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पैट्रोल एवं डीजल की कीमतें वर्तमान में भारत सरकार की नीति के अनुसार प्रतिदिन के आधार पर Petroleum Planning and Analysis cell के द्वारा की गई निर्धारण के आधार पर ऑयल कम्पनियों द्वारा निर्धारित की जाती है।



उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मात्र वैट लिया जाता है। आज की तिथि में पैट्रोल का रिटेल मूल्य उत्तराखण्ड राज्य में 89.71 रू0 तथा डीजल 81.97 रू0 है। जबकि पंजाब में पैट्रोल 90.21 रू0 है तथा मुम्बई में पैट्रोल 97.57 रू0 तथा डीजल 88.60 रू० है, जयपुर (राजस्थान) में पैट्रोल 97.72 रू0 तथा डीजल 89.98 रू० है।

उन्होंने बताया कि आज की तिथि में खाद्य तेल के दाम उत्तराखण्ड राज्य में अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक नहीं है । देहरादून में वर्तमान में सरसों का तेल 122 रू0 तथा वनस्पति घी 112 रू0 किग्रा० है जबकि लुधियाना में यह दरें सरसों का तेल 145 रू0 तथा वनस्पति घी 119 रू0 है । मुम्बई में सरसों का तेल 151 रू0 तथा वनस्पति घी 137 रू0 है ।

आज की तिथि में प्याज की दरें उत्तराखण्ड राज्य के देहरादून में 49.00 रू0 प्रति किलो जबकि लुधियाना में रू0 50.00, मुम्बई में रू0 62.00 तथा कलकत्ता में रू0 67.00 है ।

उत्तराखण्ड राज्य द्वारा राज्य उज्जवला योजना के अन्तर्गत निःशुल्क गैस कनैक्शन वितरित किये जा रहे है । अभी तक 7,761 गैस कनैक्शन वितरित किये जा चुके है तथा इस वर्ष और अधिक निशुल्क गैस कनेक्शन हेतु 1.00 करोड़ रू0 की धनराशि जनपदों को वितरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री उज्जवला गैस योजना के अन्तर्गत राज्य में 4,04,713 निशुल्क गैस कनैक्शन वितरित किये गये हैं। 

संसदीय मंत्री श्री मदन कौशिक ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा महंगाई कम करने हेतु आवश्यक अनुसूचित वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं मूल्य निर्धारण तथा किसानों को मूल्य समर्थन योजना का लाभ दिये जाने हेतु आवश्यक कदम उठाये गये हैं। अत्त्योदय अन्न योजना के तहत गुलाबी राशन कार्डधारक 1.80लाख है। मासिक नियमित देयता प्रतिकार्ड 35 कि०ग्रा० खाद्यान्न है जिसमें 02 रू0 प्रति कि0ग्रा० की दर से 13.300 कि0ग्रा0 गेहूँ एवं 03 रू0 प्रति कि0ग्रा0 की दर से 21.700 कि0ग्रा0 चावल उपलब्ध कराया जाता है एवं प्राथमिक परिवार के अन्तर्गत प्रदेश में सफेद राशन कार्ड धारक कुल संख्या 11.67 लाख हैं। जिनकी मासिक नियमित देयता प्रति यूनिट 05 कि०ग्रा० खाद्यान्न है जिनमें 02 रू0 प्रति कि0ग्रा0 की दर से 02 कि0ग्रा0 गेहूँ एवं 03 रू0 प्रति कि0ग्रा0 की दर से 03 कि0ग्रा0 चावल उपलब्ध कराया जाता है।  


उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा माह अप्रैल, 2020 से जून, 2020 हेतु (प्रति यूनिट प्रतिमाह 05 कि0ग्रा0 चावल की दर से) 92,864.85 मी0टन चावल का आवंटन किया गया, जिसके सापेक्ष 60,50,394 लाभार्थियों को 89830.99 मी0टन चावल का वितरण किया गया।

द्वितीय चरण में माह जुलाई, 2020 से नवम्बर, 2020 हेतु (प्रति यूनिट प्रतिमाह 03 कि0ग्रा0 गेहूँ व 02 कि0ग्रा0 चावल की दर से) 94,910 मी0टन गेहूँ एवं 61,940 मी०टन चावल का आवंटन किया गया, जिसके सापेक्ष 60,03,704 लाभार्थियों को 90,467.384 मी0टन गेहूँ एवं 61,722.56 मी0टन चावल का निशुल्क वितरण किया गया।

उक्त योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा माह अप्रैल, 2020 से नवम्बर, 2020 (प्रति राशन कार्ड 01 कि0ग्रा0 दाल निःशुल्क) हेतु 10,771.448 मी0टन दाल का आवंटनH किया गया, जिसके सापेक्ष 13,49,309 राशन कार्डधारक परिवारों को 10,415.708 मी0टन दाल का निःशुल्क वितरण किया गया।

उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत भारत सरकार द्वारा अवरूद्ध/प्रवासियों को 02 माह (मई एवं जून 2020) हेतु प्रति व्यक्ति 05 कि0ग्रा० निशुल्क चावल तथा 01 कि०ग्रा० प्रति परिवार निःशुल्क दाल का वितरण किये जाने हेतु 3097.895 मी०टन चावल व 270.524 मी0टन दाल का आवंटन किया गया, जिसके सापेक्ष 13673 प्रवासियों को 387.913 मी0 टन चावल एवं 38.925 मी0टन दाल का निःशुल्क वितरण किया गया।

राज्य खाद्य योजना के तहत लगभग 10 लाख पीला राशन कार्ड धारकों को, जिनकी मासिक नियमित देयता प्रति राशन कार्ड 7.50 कि०ग्रा० खाद्यान्न है जिनमें 8.60 रू0 प्रति कि0ग्रा० की दर से 05 कि0ग्रा0 गेहूँ एवं 11.00 रू0 प्रति कि०ग्रा० की दर से 2.50 कि0ग्रा0 चावल उपलब्ध करा जा रहा है। 

कोविड-19 के दृष्टिगत लॉकडाउन की अवधि में राज्य खाद्य योजना के लगभग 10 लाख परिवारों को मंहगाई से राहत दिये जाने के उद्देश्य से 12.50 कि०ग्रा० खाद्यान्न प्रति राशन कार्ड माह अप्रैल, 2020 से जून, 2020 तक अतिरिक्त रूप से वितरित किया गया है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना का शुभारम्भ करते हुये माह सितम्बर, 2019 से नवम्बर, 2020 तक लगभग 23 लाख राशन कार्डधारको परिवारों को सस्ती दरों पर उचित दर विक्रेताओं के माध्यम से 02 कि0ग्रा० दाल प्रति राशन कार्ड प्रतिमाह उपलब्ध करायी जा रही है।

सितम्बर, 2019 से माह नवम्बर, 2020 तक लगभग 23 लाख परिवारों को   2.86 लाख कु0 विभिन्न प्रकार की दालों का वितरण सुनिश्चित किया गया है।

 विधायक चंदन राम दास ने सभी जिलों में बंदर बाड़े बनाए जाने  के बारे में प्रश्न पूछा जिस पर वन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में सरकार की ऐसी कोई योजना नही है कि सभी जिलों में बंदर बाड़े बनाये जाएं, उन्होंने जानकारी दी के वर्तमान में प्रदेश के तीन स्थानों चिड़ियापुर, रानीबाग, और अल्मोड़ा में बंदर बाड़े बनाए गए हैं।

12:34 पर  प्रश्नकाल समाप्त हुआ।

शून्यकाल प्रारंभ तत्पश्चात विधानसभा की कार्यवाही 3 बजे तक के लिये स्थगित की गई।


प्रदेश में आने वाली आपदाओं के सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा की जाने वाली तैयारियों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक ने बताया कि उक्त विषय पर आपदा प्रबन्धन विभाग, आई0आई0टी0 रूड़की के सहयोग से राज्य में भूकम्प चेतावनी व्यवस्था का संचालन कर रहे हैं ऐसा करने वाला उत्तराखण्ड राज्य का एक मात्र राज्य है। इससे भूकम्प की स्थिति से समय से चेतावनी पहुँचा कर जीवन की क्षति को कम किया जा सकता है इसके अतिरिक्त जनपद नैनीताल मुक्तेश्वर में डॉप्लर रडॉर की स्थापना की जा चुकी है। शीघ्र ही एक अन्य डॉप्लर रडॉर राज्य में स्थापित किया जायेगा। इससे हमें बादल फटने की चेतावनी समय से मिल पायेगी। इसके अतिरिक्त मौसम सम्बन्धित चेतावनियों हेतु राज्य के 176 स्थानों में अत्याधुनिक उपकरण स्थापित किये गये हैं।

उन्होंने बताया कि आपदा प्रबन्धन विभाग समय-समय पर Wadia, IIRS, IIT, CBRI आदि संस्थानों के वैज्ञानिकों से परामर्श एवं विभिन्न कार्यो हेतु उनका सहयोग लेते हैं। वर्तमान में वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान गंगोत्री ग्लेश्यिर की निगरानी कर रहा है।

मौसम विज्ञान विभाग के द्वारा निश्चित ही समय-समय पर मौसम सम्बन्धित पूर्वानुमान व चेतावनियाँ उपलब्ध करवायी जाती हैं। जिसके आधार पर जन-समुदाय को सावधान किये जाने के साथ ही प्रशासन व प्रतिवादन बलों को तैयारी के उच्च स्तर पर रखा जाता है।

अतः उक्तानुसार आपदा प्रबन्धन विभाग विशेषज्ञों व अनुभवी लोगों को अपने साथ जोड़ते हुये अत्याधुनिक तकनीक अपना रहा है तथा इस हेतु योजनायें तैयार की जा रही हैं एवं जनमानस को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।

आयुष्मान भारत/अटल आयुष्मान, उत्तराखण्ड योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य के समस्त राजकीय कार्मिकों एवं पेंशनर्स को राज्यSGHS (State Government Health Scheme) के अन्तर्गत चिकित्सकीय उपचार को प्रभावी बनाये जाने हेतु पूर्व निर्गत शासनादेशों में संशोधन करके चिकित्सा सुविधा को अधिक प्रभावशाली बनाया गया है।  

यह जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक ने बताया कि उक्त योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य में समस्त परिवारों को निःशुल्क चिकित्सा उपचार प्रदान किये जाने हेतु पूर्व में जारी आयुष्मान भारत योजनान्तर्गत प्रदान किया जा रहा है तथा उत्तराखण्ड राज्य के समस्त राजकीय कार्मिकों एवं पेंशनर्स को राज्यSGHS (State Government Health Scheme)     के अन्तर्गत चिकित्सकीय उपचार को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधायें सुलभ कराया जा रहा है।

प्रदेश में स्थित सूचीबद्ध राजकीय एवं निजी चिकित्सालय में सीधे उपचार- उत्तराखंड राज्य के समस्त राजकीय कार्मिकों/पेंशनर्स एवं उनके परिवार के सदस्यों एवं आश्रितों को प्रदेश में स्थित सूचीबद्ध निजी चिकित्सालय में उपचार (अस्पताल में भर्ती होने पर) हेतु किसी राजकीय चिकित्सालय से संदर्भण Referral आवश्यक नहीं है। 

सभी कार्मिकों / पेंशनरों से समान CGHS दरों पर अंशदान लिया जायेगा, जिसका अंशदान लिया जायेगा यदि पति-पत्नी दोनों राजकीय कार्मिक / पेंशनर्स हैं, तो दोनों के माता-पिता, जो उन पर आश्रित है, परिवार में सम्मिलित होंगे, इस योजना में शामिल किया गया है तथा अपरिहार्य परिस्थिति में आकस्मिकता के दृष्टिगत गैर सूचीबद्ध चिकित्सालयों में चिकित्सकीय उपचार हेतु अग्रिम आहरण चिकित्सालय द्वारा उपलब्ध कराये गये आगणन के 75 प्रतिशत तक अनुमन्य किया जायेगा। तथा ओ0पी0डी0 अथवा अपरिहार्य परिस्थिति में गैर सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कराये जाने की व्यवस्था है। 


प्रदेश के बाहर चिकित्सा उपचार की भी व्यवस्था का प्रबन्ध है। जिसके अन्तर्गत प्रदेश के बाहर अस्पताल में भर्ती होने की दशा में उपचार के लिए राजकीय कार्मिकों एवं पेंशनर्स को उत्तराखण्ड में स्थित किसी राजकीय / सूचीबद्ध निजी चिकित्सालय से रेफर कराना होगा। आपात स्थिति में उपचार हेतु सन्दर्भण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

कार्यरत राजकीय कार्मिकों/पेंशनर्स के गोल्डन कार्ड बनवाने की प्रकिया भी गतिमान है। कार्यरत अधिकारी /कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्यों के गोल्डन कार्ड आहरण एवं वितरण अधिकारी अपने कार्यालय के स्टाफ के सहयोग से तैयार करायेंगें।

सदन की कार्यवाही 04 मार्च ,2021सुबह 11 बजे तक स्थगित

मंत्रिमण्डल बैठक दिनांक 05 मार्च, 2021 को  1:30 बजे अपराहन अथवा विधान सभा सत्र के दौरान भोजनावकाश के समय भराड़ीसैंण स्थित विधान सभा के सभाकक्ष,चमोली  में होगी |

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