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 कुंभ  मेले के दौरान  श्रद्धालु डिस्पोजल मास्क इधर उधर ना फेंके,अपने साथ लेकर  जाएं; मेलाधिकारी दीपक रावत  


हरिद्वार:



 मेलाधिकारी दीपक रावत ने मंगलवार को सीसीआर  के आसपास के क्षेत्र और घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी लोगों से हाथों को सेनेटाइज करने और मास्क लगाने की अपील की। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि महाशिवरात्रि स्नान को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जारी एसओपी के गाइडलाइंस का श्रद्धालुओं को हर हाल में पालन करना चाहिए, यह सभी के लिए हितकर होगा। उन्होंने बताया कि यह एसओपी 10 से 12 मार्च तक प्रभावी रहेगी। उन्होंने बताया कि 40 से अधिक टीमें कोविड टीकाकरण के लिए लगाई गई हैं। मेलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालु प्लास्टिक कैरी बैग न.लेकर आएं और जो लोग भी  डिस्पोजल मास्क लगाकर आ रहे हैं उसे प्रयोग के बाद इधर उधर न  फेंके, अपने साथ लेकर जाएं। उन्होंने सीसीआर के समीप शिवघाट पर लगे चेंजिंग रूम को देखकर उन्हें सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। मेलाधिकारी ने सीएसआर फंड से एक निजी कंपनी की ओर से मेला नियंत्रण भवन गेट पर लगाए गए हैंडसेनेटाइजर पोस्ट और मेले में जगह जगह घूमकर 100 से अधिक हैंड सेनेटाइजर मशीन से लोगों को सेनेटाइज करने के कार्य की सराहना की। साथ ही एसडीआरएफ के स्वयं सेवकों की ओर से कुंभ मेले के प्रचार प्रसार और जागरूकता अभियान की भी प्रशंसा की। उन्होंने सीसीआर के पास शाल क्षेत्र में पड़े मलबे को हटवाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी रामजी शरण शर्मा, उप मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, तकनीकी प्रकोष्ठ के अधीक्षण अभियंता हरीश पांगती आदि उपस्थित थे।



  अपर मेलाधिकारी डाक्टर ललित नरायण मिश्र के नेतृत्व में महाशिवरात्रि स्नान के दृष्टिगत मंगलवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान हरकी पैड़ी से लेकर ललतारौ पुल तक चलाया गया।  अपर मेलाधिकारी ने रास्ते से तार, मलवा हटवाने, गढ्ढा भरने, रास्तों से कूड़ा हटवाने और नालों की सफाई के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि इस महाकुंभ का पहला शाही स्नान 11 मार्च महाशिवरात्रि के दिन है। इससे पहले सभी व्यवस्था पूर्ण हो जानी चाहिए। अतिक्रमण हटाओ  अभियान के दौरान सेक्टर मजिस्ट्रेट योगेश मेहरा, पुलिस क्षेत्राधिकारी और निरीक्षक आदि उपस्थित थे।


 महाशिवरात्रि स्नान, 11 मार्च को लेकर मंगलवार को अधिकारियों एवं सुरक्षा कार्मिकों की ब्रीफिंग पन्ना लाल भल्ला कालेज स्टेडियम में हुई। 






इस मौके पर मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि महाशिवरात्रि पर्व का शाही स्नान सकुशल और निर्विघ्न कराना हम सभी की प्राथमिकता है। हमें अपनी जिम्मेदारियों को पूरी कर्तव्य निष्ठा और ईमानदारी से निभाना होगा। उन्होंने कहा कि घाटों पर भीड़ नियंत्रण पहली प्राथमिकता है, इसमें पूरी तत्परता बरतने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्था में यदि कोई मामूली कमी हो, तो  उसे तुरंत दूर करें, गलियों में अतिक्रमण नहीं रहना चाहिए तथा आपसी तालमेल में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। 

दीपक रावत ने कहा कि यदि कहीं भी व्यवस्था में कोई व्यवधान उत्पन्न हो तो उसकी जानकारी तुरंत अपने उच्चाधिकारियों को दें। उन्होंने कहा कि आप सभी का व्यवहार सौम्य और मर्यादित होना चाहिए। 

मेलाधिकारी ने कहा कि शौचालयों का पर्याप्त इंतजाम है, इसकी जानकारी साइनेज के माध्यम से श्रद्धालुओं को देने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से शांत चित्त से ड्यूटी पर अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मेले को सकुशल संपन्न कराने में लगे स्वयं सेवी संगठनों के स्वयं सेवकों को भी असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखना चाहिए।     

 जिलाधिकारी सी0 रविशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि अभी तक के स्नानों को अच्छे और व्यवस्थित तरीके से कराने में आप सभी का महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन महाशिवरात्रि का शाही स्नान बड़ा स्नान है, इसे चुनौती मानकर सेक्टर मजिस्ट्रेट और सेक्टर पुलिस अधिकारी आपसी तालमेल से जिम्मेदारी निभाएं। 

कोविड-19 का जिक्र करते हुये जिलाधिकारी ने कहा कि स्नान के लिए जो भी श्रद्धालु बाहर से आयेंग, उन्हें 72 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लेकर ही आना होगा तथा मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंशिंग का पालन भी करना होगा। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस, निकटतम फायर स्टेशन और निकटतम अस्पताल की जानकारी सभी को होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि स्नान के बाद आगामी स्नान से पहले व्यवस्था को परखने के लिए माक ड्रिल भी कराया जाएगा।        

आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने अपने संबोधन में कहा कि महाशिवरात्रि के शाही स्नान का रूट शहर के मुख्य मार्ग से होकर होगा, इसलिए उन मार्गों के साथ ही गलियों की भी पूरी गंभीरता और सतर्कता से निगरानी करें। उन्होंने कहा कि पहले शाही स्नान की आपकी ड्यूटी अव्वल होनी चाहिए तथा अति आत्मविश्वास भी नहीं पालना चाहिये। उन्होंने कहा कि  किसी असुविधा की स्थिति में अपने सम्बन्धित अधिकारी के संपर्क में हमेशा रहें। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला ड्यूटी पुण्य कार्य है, इस भाव से अपना उत्कृष्ट योगदान आप सभी को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण के लिए जरूरी है कि भीड़ का ठहराव एक ही स्थान पर न हो।  उन्होने कहा कि भीड़ को मैनेज करने की दिशा में आप कार्य करेंगे तो इसमें कोई परेशानी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि हमें पूर्व के कटु अनुभवों से भी सीख लेना चाहिये। 

एसएसपी कुंभ जन्मेजय खंडूड़ी ने कहा कि सुरक्षा बलों का मुख्य कार्य भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखना है। उन्होंने कहा कि शाही स्नान के दिन एक ही स्थान पर भीड़ जुटने न दें, उन्हें आगे बढ़ाते हुए स्थान खाली कराते रहें। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारी प्लान को पूरी तरह देखकर उसका अनुपालन सुनिश्चित कराएं। पार्किंग में भी व्यवस्थित इंतजाम से वाहनों को खड़ा कराएं और निकलवाएं। उन्होने कहा कि जीरो जोन में कोई वाहन लावारिस हालत में खड़ा न रहे, जिससे यातायात में व्यवधान पड़े, इसलिए इसको आज ही सुनिश्चित करा लें। छतों पर कम से कम लोग खड़े रहें, भीड़ जुटाने की अनुमति भवन स्वामियों को कतई न दें। 

ब्रीफिंग के दौरान पुलिस उपाधीक्षक प्रकाश देवली ने महाशिवरात्रि स्नान के लिए विभिन्न स्थानों से आने वाले वाहनों के डायवर्जन और पार्किंग की जानकारी दी। 

इस मौके पर सहायक निदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव ने मीडिया के प्रतिनिधियों के लिए जारी होने वाले पास के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।

अधिकारियों एवं सुरक्षा कार्मिकों की ब्रीफिंग का संचालन पुलिस उपाधीक्षक प्रकाश देवली ने किया। 

इस अवसर पर अपर मेलाधिकारी डा0ॅ ललित नारायण मिश्र, हरबीर सिंह, रामजी शरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी के0के मिश्र, बी0के मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, सी0ओ0 सिटी अभय सिंह के अलावा आर्म्ड फोर्सेज के अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट व सेक्टर पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।


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