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     दिनाँक 19 फरवरी को उत्तराखंड  शासन के  दिशानिर्देशों के क्रम में आज   श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल  पुलिस उपमहानिरीक्षक SDRF एवम अपर मुख्य कार्य कारी अधिकारी  यू .एस.डी.एम.ए.  उत्तराखंड  ने  SDRF एवमं  वैज्ञानिको के  14 सदस्यीय दल को आज  हिमालयी क्षेत्र अन्तर्गत  जलभराव क्षेत्र (झील ) को आवश्यक निर्देशों के साथ रवाना किया  , यह सम्पूर्ण दल विगत कुछ दिनों तक सम्बंधित क्षेत्र में ही कैम्पिंग करेगा जिसका मूल उद्देश्य   झील  से उत्पन्न खतरे का आकलन करना तथा उक्त आकलन पश्चात इसका निराकरण हेतु तकनीकी परामश दिया जाना है.

       इस दल के साथ आवश्यक साजो सामान ले जाने हेतु 10 पोर्टर  को भी भेजा गया है SDRF उत्तराखंड पुलिस के 7 सदस्यीय दल में दो इंस्पेक्ट गजेंद्र परवाल ओर इंस्पेक्टर अनिरुद्ध भंडारी  सम्मलित है .

SDRF दल का वैज्ञानिक दस्ते के साथ जाने का उद्देश्य गेल्शियर क्षेत्र में वेज्ञानिको को सुरक्षा प्रदान करना, निर्धारित स्थान तक सभी को सुरक्षित पहुंचाना एवम लाना साथ ही सर्वेक्षण हेतु आवश्यक संसाधनों को जुटाना भी है.



  ज्ञातव्य हो कि दिनांक 17 फरवरी को भी  डीआरडीओ  के 3 वैज्ञानिकों का एक दल एसडीआरएफ दल के साथ झील क्षेत्र को रवाना हुआ था जो वर्तमान समय मे झील इलाके में रुकाहुआ है, यह दोनों दल सम्पूर्ण आंकड़े इक्कठा करने तक सम्बंधित क्षेत्र में बनें रहेंगे।

 इससे पूर्व तपोवन त्रासदी के दौरान जनसमुदाय में  फैली भ्रंतियों को समाप्त करने श्री नवनीत भुल्लर सेनानायक एसडीआरएफ के नेतृत्व में एक टीम   झील क्षेत्र में पहुंची थी । जिनके द्वारा   वहां  पानी के प्रेशर को कम करने के लिए  झील के मुहाने को आइस एक्स के माध्यम से  खोला  गया था । साथ ही   वापसी के दौरान टीम के द्वारा बीहड़ एवम ग्लेशियर वाले स्थानों पर रोप, हुक भी बाँध कर छोड़ दी । जिससे अन्य आने वाली टीमों को  दिक्कतों का सामना न करना पड़े ।  इस क्षेत्र तक पहुंचने वाला यह प्रथम मॉन्ट्रेनियिंग  दल था जो पैदल मार्गों से जलभराव क्षेत्र तक पहुंचा था।

 सम्बंधित  वैज्ञानिक दस्ते के साथ रवाना सभी एसडीआरएफ कर्मी माउंटेनिरिंग दल के सदस्य है । जिन्हें पूर्व में हाई एल्टीट्यूड स्थानों में कार्य एवम रेस्कयू का अनुभव है पूर्व में एसडीआरएफ  टीम के द्वारा अनेक हिमालयी शिखरों का सफल आरोहण भी किया जा चुका है।

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