Halloween party ideas 2015

   

   



       

                                                                                                                    
नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन एम्स ऋषिकेश एवं सीमा डेंटल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में गरीब पृष्ठभूमि के जरुरतमंद लोगों की सहायतार्थ निशुल्क वृहद स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। जिसके तहत ऋषिकेश व समीपवर्ती क्षेत्रों में 3500 से अधिक मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया। जबकि राज्यभर में 10 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए।               

रविवार को एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी की देखरेख में एनएमओ एम्स ऋषिकेश शाखा की ओर से आयोजित वृहद स्वास्थ्य शिविरों में एम्स, सीमा डेंटल कॉलेज, दून मेडिकल कॉलेज, श्रीगुरु रामराय मेडिकल कॉलेज, हिमालयन अस्पताल, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज आदि के चिकित्सकों ने अपना योगदान दिया। एम्स के डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो.यूबी मिश्रा व एनएमओ एम्स शाखा की अध्यक्ष डा.मीनाक्षी धर ने टीमों को हरीझंडी दिखाकर कैंपों के लिए रवाना किया।                               

इसके तहत एम्स के द्वारा विभिन्न स्थानों पर लगाए गए शिविरों में 3500 से अधिक मरीजों को देखा गया। इस अवसर पर अपने संदेश में निदेशक एम्स पद्मश्री प्रति. रवि कांत जी ने कोरोना महामारी के बाद पहली बार संस्थान के चिकित्सकों को जरूरतमंद व गरीब पृष्ठभूमि के मरीजों की चिकित्सा सेवा के लिए प्रोत्साहित किया।                                                

गौरतलब है कि 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश द्वारा हर वर्ष स्वास्थ्य शिविरों व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

छिददरवाला मे आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर मे ग्रामीणो को  सर्वाइकल   कैंसर के प्रति किया जागरूक  किया।

 नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन एम्स ऋषिकेश एवं सीमा डेंटल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर छिददरवाला मे आयोजित नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर का  आयोजन किया गया । जिसमें छिददरवाला क्षेत्र मे 100 मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया ।एम्स ऋषिकेश की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. अनुपमा बहादुर ने कहा की जनवरी माह का महीना सर्वाइकल कैंसर जागरूकता  के रूप मे मनाया जाता है । जिसमें महिलाओं मे किशोरावस्था मे टीकाकरण कर सर्वाइकल  कैंसर की रोकथाम की जा सकती है । एम्स  ऋषिकेश एवं सीमा डेन्टल के डाक्टर पायल,कानूह ,ऐश्वर्या, ओजस, खेताराम ने शिविर मे पहुंचे ग्रामीणो का ईलाज एवं दवाई ,मास्क का  वितरण किया । 
 इस मौके पर ब्लाक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेन्द्र नेगी , ग्राम प्रधान कमलदीप कौर ,शोबन कैन्तुरा,पूर्व प्रधान हरीश कक्कड,बलविंदर सिंह, लक्ष्मी प्रसाद नौटियाल,हरीश पैन्यूली,अतुल शर्मा कपिल कक्कड,सन्दीप नेगी ,पवन ब्यास,सुनील सेमवाल आदि मौजूद रहे ।


 आयोजित शिविरों में जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा.मीनाक्षी धर ने जिरिएटिक मेडिसिन विभाग की ओर से वरिष्ठ नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में एम्स ऋषिकेश की डॉ. अनुपमा बहादुर ने महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूक किया व बताया कि जनवरी माह गर्भाशयग्रीवा कैंसर जागरुकता (सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस) के रूप में मनाया जाता है, जिसमें बच्चेदानी के मुहं का कैंसर के रोकथाम की जा सकती है इसके लिए वैक्सीन उपलब्ध है जो कि रोग की प्राथमिक रोकथाम है!                                                                                    
इस मौके पर एनएमओ के क्षेत्रीय अधिकारी डा.विनोद ने बताया कि एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो.रवि कांत जी के निर्देशन में आयोजित किए गए स्वास्थ्य शिविरों का मुख्य उद्देश्य  उन गरीब एवं असहाय लोगों को उपचार सुविधा उपलब्ध कराना है जो अपने इलाज के लिए एम्स तक नहीं पहुंच पाते। उनके लिए स्वास्थ्य सेवा से राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ राज्य के विभिन्न हिस्सों में पहुंचकर लोगों की जांच की गई। 
उन्होंने बताया कि रविवार को खदरी श्यामपुर, रायवाला, गौहरीमाफी, छिद्दरवाला, इंदिरानगर, शिवाजीनगर, वाल्मीकि नगर,रानीपोखरी, मायाकुंड ऋषिकेश, पंचायत भवन गुमानीवाला, चंद्रेश्वर नगर,हरिपुरकलां, नरेन्द्रनगर ब्लॉक के गूलर आदि इलाकों में शिविर लगाए गए।                                                                             
एनएमओ एम्स ऋषिकेश की पहल पर आयोजित कार्यक्रम में डा.मधुर उनियाल, डा.मीनाक्षी धर, डा.विनोद, डा.संतोष कुमार,डा.अनुभा अग्रवाल,  डॉ. रवि राज,  डॉक्टर अश्वनी, डॉ. मनु, डॉ. दिव्यांशी, कौशल,  संकेत,  प्रतीक, बलराज सिंह, सीमा डेंटल कॉलेज के डा.हिमांशु ऐरन,डा.अमित अग्रवाल के अलावा डा.योगेश्वरी, डा.पुलकित, डा.ज्योत्सना आदि ने सहयोग प्रदान किया।

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