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 मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में कुंभ मेला की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि अवशेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाय। सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाय। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कर ली जाय। स्वच्छता अभियान में स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक संस्थाओं एवं जनता का सहयोग भी लिया जाय। कोविड-19 के मानकों का पूर्णतः पालन कराया जाय। जनवरी के अन्त तक स्थाई प्रकृति के सभी कार्य पूर्ण किये जाए। कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कुंभ के दृष्टिगत व्यापक जन जागरूकता अभियान संचालित करने के भी निर्देश दिये हैं।




मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वच्छ, सुन्दर एवं सुरक्षित कुंभ के आयोजन के लिए मेला प्रशासन के साथ सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। मेला क्षेत्र में मास्क एवं सेनेटाइजर की उचित व्यवस्था की जाए। कोविड से सतर्कता के लिए भी मेला एवं जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाय। अस्थाई प्रकृति के अवशेष कार्यों को भी जल्द पूर्ण किया जाय एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य भी समय से पूर्ण किए जाए। आगामी कुंभ पर्वों में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। इसके दृष्टिगत भी सभी व्यवस्थाएं पहले से ही योजना बनाकर तैयार रखी जाय।

शहरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक ने कहा कि कुंभ मेला श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि कुभ मेला में राष्ट्रीय एवं प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आस्था से संबंधित विभिन्न पक्षों को सामने लाया जायेगा। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिये कि  दिव्य एवं भव्य कुंभ के आयोजन के संबंध में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाय। 

शासन स्तर पर कुंभ मेले की जानकारी देते हुए सचिव नगर विकास श्री शैलेश बगोली ने कहा कि कुंभ मेले से संबधित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।  इस संबंध में स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष तत्काल निर्णय लेते हुए बजट आंवटित किया जा रहा है।

मेलाधिकारी श्री दीपक रावत ने कुंभ में किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि स्थाई प्रकृति के अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं, अवशेष कार्य जल्द पूर्ण हो जायेंगे। सड़क एवं पुलों से संबधित अधिकतर कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के सभी आवश्यक कार्य जल्द पूर्ण किये जायेंगे। 

बैठक में मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश, डीजीपी श्री अशोक कुमार,, सचिव श्री अमित नेगी, श्री नितेश झा, डॉ. पंकज पाण्डेय, श्री एस.ए. मुरूगेशन, आईजी मेला श्री संजय गुंज्याल एवं कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की पेयजल टेरिफ पुनरीक्षण के लिए समिति गठित


मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में पेयजल टेरिफ पुनरीक्षण के लिये नगर विकास मंत्री श्री मदन कौशिक एंव उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा0 धन सिंह रावत की समिति गठित करने के निर्देश दिये हैं। समिति इस प्रकरण में विस्तृत रूप से तथ्यो का आकलन कर शीघ्र अपनी संस्तुति मुख्यमंत्री को उपलब्ध करायेगी, इसके पश्चात् इस सम्बन्ध में नीतिगत निर्णय लिया जाएगा।

शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में पेयजल टेरिफ पुनरीक्षण से सम्बन्धित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल मूल्य एवं सीवर अनुरक्षण दरों हेतु वर्तमान में लागू टेरिफ दरों की जटिलता का सरलीकरण किया जाना जरूरी है। इसके लिये उन्होंने नगर विकास एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री को इस सम्बन्ध में सभी तथ्यों का आकलन कर अपनी संस्तुति देने को कहा है। 

बैठक में जल के अनाधिकृत प्रयोग को रोकने की दृष्टि से, बोरिंग कर भूजल के माध्यम से अथवा अन्य जल संयोजनों से पेयजल प्राप्त करने वाले उपयोगकर्ताओं से वार्षिक जलकर लिये जाने, जहां सीवर सम्बन्धी व्यवस्था संचालित हो और किसी भवन/प्रतिष्ठान द्वारा सीवर संयोजन नहीं लिया जा रहा है, ऐसे भवन/प्रतिष्ठानों से भवन के वार्षिक मूल्याकन के आधार पर वार्षिक सीवर कर लिये जाने के साथ ही भूजल एंव सतही जल के दोहन के दुरूपयोग को रोकने के दृष्टिगत किराये के टेंकरों से जलापूर्ति के लिये पंजीकरण की व्यवस्था किये जाने पर भी चर्चा की गई।

बैठक में नगर विकास मंत्री श्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा0 धन सिंह रावत, मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश, सचिव वित्त श्री अमित नेगी, सचिव पेयजल श्री नितेश झा, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डा0 पराग मधुकर धकाते के साथ ही पेयजल विभाग के विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।

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