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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश की ओपीडी में मरीजों के लिए स्वस्थ खानपान तथा स्वस्थ जीवन के लिए पोषण जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान की आहार एवं पोषण विशेषज्ञ द्वारा मरीजों व उनके तीमारदारों को सही खानपान और दिनचर्या की जानकारी दी गई।                                           

इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि आहार एवं पोषण का महत्व हमारी सामान्य जीवनशैली में कितना अहम होता है। निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने सही पोषण नहीं मिलने पर होने वाले रोगों जैसे चयापचय (मैटावोलिज्म) रोगों की रोकथाम में सही पोषण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। 

संस्थान की ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए डीन एकेडमिक एवं रेडिएशन ओंकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मनोज गुप्ता जी की देखरेख में स्वस्थ जीवन के लिए पोषण जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

             इस अवसर पर डीन प्रोफेसर मनोज गुप्ता जी ने बताया कि स्वस्थ्य भोजन से ही हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है तथा सही भोजन से ही हमारा शारीरिक तथा आर्थिक विकास होता है। कार्यक्रम में एम्स फैकल्टी तथा न्यूट्रिशन सोसायटी ऑफ इंडिया की सदस्य प्रो. सत्यवती राणा, डॉ. किरण मीणा व डाॅ. अनु अग्रवाल ने भी विशेषरूप से प्रतिभाग किया। 

इस अवसर पर डिपार्टमेंट ऑफ रेडिएशन ओंकोलॉजी की आहार एवं पोषण विशेषज्ञ डा. अनु अग्रवाल ने ओपीडी में आए मरीजों तथा उनके तीमारदारों को पोषण तथा जीवनशैली को लेकर जागरुक किया। उन्होंने मरीजों को खाद्य पदार्थों के समूहों की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि हमारे खाने के साथ खाद्य समूहों को किस प्रकार से अपने प्रतिदिन के आहार में लेना चाहिए। जिसमें उन्होंने खान समूह जैसे अनाज, दाल फल सब्जियों घी तेल चीनी तथा मेवे के अलग अलग प्रकार के बारे में बताया कि  किस तरह से इन सभी खाद्य पदार्थों के सभी प्रकार को अपने आहार में सुनिश्चित किया जाए।                                                                                                                                         इस अवसर पर उन्होंने खाद्य समूह के बाबत बताया कि इन खाद्य समूहों के उपयोग से किस प्रकार से हम अपने शरीर में सामान्य पोषण तत्वों की कमी को पूरा कर सकते हैं। इस मौक पर उन्होंने भोजन से मिलने वाले पोषण तत्व जैसे कार्बोहाईड्रेट्स, प्रोटीन्स, रेशे, पानी तथा सुक्ष्म पोषण तत्व जैसे बिटामिन्स, खनिज पदार्थ की उपयोगिता के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।                                                                                                                                                                            

सही जीवनशैली के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने मरीजों को बताया कि सुबह सोकर उठने से लेकर रात्रि विश्राम से पहले तक किस तरह से अपने खाने को छोटे छोटे मील्स में विभाजित करें तथा भोजन के बाद की जाने वाली क्रियाओं वॉकिंग आदि पर भी चर्चा की, ताकि मरीज मोटापे तथा भविष्य में होने वाली चयापचय संबंधी बीमारियों  से अपनेआप को सुरक्षित कर सके। 

साथ ही मरीजों को यह भी बताया गया ​कि घर से बाहर निकलते वक्त, अस्पताल आते वक्त अथा अस्पताल में कुछ दिन रुकने की स्थिति में किस तरह का आहार को व्यवस्थित करना चाहिए जिससे हमारे शरीर को सभी तरह के पोषण तत्व मिल सकें।

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