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 डोईवाला;

  • 10,000 पेड़ो के संरक्षण की मुहिम और तेज़ ।
  •  पेड़ो व क्षेत्रीय जनता के साथ संगठन - मोहित उनियाल



आज राजीव गांधी पंचायत राज संगठन,डोईवाला कांग्रेस,युवा कांग्रेस,एनएसयूआई व किसान कांग्रेस द्वारा जॉलीग्रांट, देहरादून एयरपोर्ट विस्तारीकरण से पर्यावरण व क्षेत्रीय जनता को हो रहे नुकसान के संबंध में डोईवाला उपजिलाधिकारी के द्वारा  मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया ।

पंचायत संगठन के प्रदेश संयोजक मोहित उनियाल ने कहा कि जॉलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिये एयरपोर्ट से लगती हुई करीब 215 एकड़ जमीन एयरपोर्ट ऑथोरिटी को हस्तांतरण करने की तैयारी की जा रही है जिससे थानों वन रेंज के  करीब 10,000 पेडों के साथ विस्थापित क्षेत्र की जनता का अस्तित्व खतरे में है  । 

   

एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए सरकार करीब 10,000 पेडों को काटने की तैयारी कर रही है । जॉलीग्रांट,देहरादून एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए पूर्व में भी वन के बड़े हिस्से को खत्म किया गया है और अब वन विभाग द्वारा शिवालिक एलीफैंट रिज़र्व के 215 एकड़ वन भूमि के हस्तांतरण का प्रस्ताव तैयार किया है । प्रस्ताव के मुताबिक इसमें कुल 9745 पेड़ कटेंगे जिसमे खैर,शीशम,सागौन, गुलमोहर व कई अन्य प्रजाति के पेड़ काटने का प्रस्ताव भेजा गया है । पेड़ो के कटान से वन में मौजूद हाथी,गुलदार,चीतल,सांभर व अन्य वन्य जीवों के भविष्य के लिए बड़ा खतरा पैदा होगा । थानों रिज़र्व वन बर्ड वाचिंग के लिए भी विश्वप्रसिद्ध है । हर साल कई विदेशी पर्यटक वहाँ पहुंचते हैं । इससे पक्षियों के अस्तित्व को भी खतरा पैदा होगा ।

 सरकार का मानना है की थानों वन में दुर्लभ वन्य जीव नही है । वहीं दूसरी और आये दिन जॉलीग्रांट एयरपोर्ट रन-वे पर कई जंगली जानवर जख्मी होने के साथ अपनी जान गंवा चुके है । आये दिन एयरपोर्ट के पास राज्यमार्ग पर जंगली हाथी घूमते हुए पाए गए हैं ।

डोईवाला गन्ना समिति अध्यक्ष मनोज नौटियाल व कांग्रेस नगर अध्यक्ष राजबीर खत्री ने कहा कि यही नही एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए दी जाने वाली जमीन राजाजी नेशनल पार्क के इको सेंसेटिव जोन के 10 किमी के दायरे में पड़ती है और इसके 3 किमी के दायरे में एलीफैंट कॉरिडोर है । इतनी भारी संख्या में पेड़ो के कटने से डोईवाला व देहरादून क्षेत्र के मौसम में भारी बदलाव होगा जिससे बड़ी मुश्किल पैदा हो सकती है ।

उनियाल ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है । अगर सरकार अथवा बड़े उद्योगपतियों द्वारा कहीं भी किसी बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी की जाती है तो क्षेत्रीय जनता व जन प्रतिनिधियों की राय ली जाती है व उन्हें आपत्ति का समय दिया जाता है, मगर एयरपोर्ट के लिए 215 एकड वन व आवासीय भूमि हस्तांतरण करने से पहले क्षेत्र की जनता से राय नही ली गई जो आम नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का हनन है । सरकार को कोई भी बड़ा कदम लेने से पहले एक बार फिर सोचना चाहिये ।

केंद्र सरकार द्वारा पर्यावरण को कमजोर करने के लिए पहले ही पर्यावरण प्रभाव आंकलन अधिसूचना लाई गई है जिसके खिलाफ पूरे देश मे विरोध किया जा रहा है ।  

दो दिन पूर्व कई एनजीओ व आम नागरिकों के द्वारा एयरपोर्ट के समीप प्रदर्शन कर विरोध दर्ज किया गया जिसे संगठन ने अपना समर्थन भी दिया है ।

  हमारी सरकार से मांग है कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिये इन पेड़ों को ना काटा जाए,विस्थापित व डोईवाला क्षेत्र की जनता को अपनी आपत्ति दर्ज करने का उचित समय दिया जाए । अगर सरकार फिर भी अपनी मनमानी करती रही तो संगठन के द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा ।

ज्ञापन देने वालो में पंचायत सगठन के प्रदेश संयोजक मोहित उनियाल,डोईवाला गन्ना समिति अध्यक्ष मनोज नौटियाल,डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष राजबीर खत्री,युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव मनीष यादव,युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष राहुल सैनी,युवा कांग्रेस नगर अध्यक्ष महेश लोधी,नगरपालिका सभासद गौरव मल्होत्रा,युवा कांग्रेस जिला महासचिव अमित सैनी,जिला सचिव रवि बिष्ट, डोईवाला एनएसयूआई विधानसभा अध्यक्ष सावन राठौर,डोईवाला एनएसयूआई नगर अध्यक्ष आरिफ अली,डोईवाला किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उमेद वोरा,भारत भूषण कौशल, आशिक़ अली,हिमांशु पाल,राजन थापा, शुभम काम्बोज,आसिफ हसन,अनीश अहमद,रोहित नेगी,शंकर महरालु,सतनाम सिंह आदि उपस्थित थे ।

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