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 देहरादून :
 

 

 
02 अक्टूबर को देश की दो महानविभूतियों महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री ने जन्म लिया था। इन दोनों स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से आजाद कराने में अतिमहत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बापू ने हमें 'सत्य और अहिंसा' के मार्ग पर चलना सिखाया, तो शास्त्री जी ने 'जय जवान-जय किसान' का नारा दिया। 

अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 151वीं जयंती के अवसर पर, मैं कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूं।

प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर के दिन, भारत में ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व में गांधी जी का पावन स्मरण किया जाता है। वे संपूर्ण मानवता के प्रेरणा-स्त्रोत बने हुए हैं। उनकी अमर-गाथा, समाज के कमजोर से कमजोर व्यक्ति को शक्ति और संबल प्रदान करने वाली है। सत्य, अहिंसा और प्रेम का उनका संदेश समाज में समरसता और सौहार्द लाकर, विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने वाला है। उनके जीवन-मूल्य कल भी प्रासंगिक थे, आज भी प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी बने रहेंगे।

अब यह माना जाने लगा है कि बड़ी से बड़ी समस्या का हल गांधी जी द्वारा सुझाए गए सद्भावना और सहिष्णुत के मार्ग से निकाला जा सकता है। गांधी जी का अपना जीवन इस मार्ग पर चलने का उत्तम उदाहरण है। उन्होंने हमें सिखाया कि बुरा चाहने वालों के साथ भी हम अच्छा व्यवहार करें और सभी के प्रति प्रेम, दया और क्षमा का भाव रखें। हमारे विचारों, शब्दों और कर्मों में सामंजस्य हो।

गांधी जी अपने कार्यों में नैतिकता और साध्य व साधन की पवित्रता को बहुत महत्व देते थे। मुझे प्रसन्नता है कि देश के विकास के लिए किए जा रहे हमारी सरकार के अनेक प्रयास जैसे कि स्वच्छ भारत मिशन, महिला सशक्तिकरण, गरीबों और वंचित समूहों को सक्षम बनाना, किसानों की सहायता और गांवों में आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना आदि के मूल में गांधी जी के विचार और शिक्षाएं निहित हैं।

आइए, गांधी जयंती के इस शुभ अवसर पर हम सब पुनः यह संकल्प लें कि हम सत्य और अहिंसा के मंत्र का अनुसरण करते हुए, राष्ट्र के कल्याण और प्रगति के लिए समर्पित रहेंगे और एक स्वच्छ, समर्थ, सशक्त व समृद्ध भारत का निर्माण करके गांधी जी के सपनों को साकार करेंगे।

 

  मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
     मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसके पश्चात गांधी पार्क, देहरादून में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
     मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज देश के दो महान विभूतियों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश की आजादी के लिए अहिंसक आन्दोलन किया। उन्होंने अंहिसा के सिद्धान्त पर जनता को नागरिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता के प्रति आन्दोलन के लिए प्रेरित किया। पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री ने ‘‘जय जवान जय किसान’’ का नारा दिया और भारतीय सेना और किसानों की मजबूती के लिए कार्य किया। देश के स्वतंत्रता संग्राम और नवभारत के निर्माण में शास्त्री जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
     इस अवसर विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचन्द अग्रवाल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्षण श्री वंशीधर भगत,  विधायक श्री हरबंस कपूर, श्री खजान दास,  श्री मेयर श्री सुनील उनियाल गामा ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
 
     मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि शास्त्री जी ने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा देकर राष्ट्र को संकट की घड़ी में स्वाभिमान और एकजुटता के साथ मजबूती से खड़े होने का रास्ता दिखाया। उन्होंने राष्ट्र को एक उत्तम नेतृत्व प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी के सिद्धांत एवं आदर्शों का अनुसरण कर हम देश और प्रदेश को उन्नति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा सकते है।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने सार्वजनिक जीवन में सादगी, सत्यनिष्ठा, लगन, नैतिकता व राष्ट्र के प्रति समर्पण की जो अदभुत मिसाल कायम की, वह हम सबके लिए प्रेरक है। शास्त्री जी का व्यक्तित्व व कृतित्व देश की युवा पीढ़ी के लिये सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

 मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुजफ्फरनगर कांड (रामपुर तिराहा) की बरसी की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में कहा कि ’’उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों को मैं श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं,  अमर शहीदों की कुर्बानियों को सदैव याद रखा जायेगा।’’


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य को देश का आदर्श राज्य बनाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर कार्य करना है, जिससे कि राज्य आन्दोलन के शहीदों के सपनों के अनुरूप प्रदेश का चहुंमुखी विकास किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है।


    

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