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डोईवाला:


 राज्य के अशासकीय विघालयो के चार हजार से ज्यादा शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों को विगत तीन माह से अपने वेतन का  इन्तजार है। शासन से बजट स्वीकृत न होने के कारण वेतन की बाट जोह रहे शिक्षकों को आर्थिक दुशवारियो से जूझना पड़ता रहा है, वेतन न मिलने से कर्मचारियों में आक्रोश भी पनप रहा है। गौरतलब है कि राज्य के अशासकीय विघालयो को सरकार से केवल वेतन मिलने के अलावा किसी भी प्रकार मदद नहीं मिलती है, जबकि ये विघालय बोर्ड परीक्षाओ मे बेहतर परिणाम देने के साथ केंद्र एवं राज्य के सभी दिशा निर्देशों का पालन करते हैं। तमाम कार्यो के बावजूद इन विघालयो के शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों को कभी समय से वेतन नहीं मिल पाता है, जून माह से वेतन न मिलने के चलते आज शिक्षकों को काफी परेशानियो से दो चार होना पड़ रहा है, जबकि अन्य सभी शिक्षकों को सरकार समय पर वेतन दे रही है.

 उतराखण्ड माध्यमिक शिक्षक संघ की पब्लिक इंटर कालेज इकाई के मंत्री अश्विनी गुप्ता का कहना है कि आज कोरोना काल में अशासकीय विघालयो के तमाम शिक्षक,कर्मचारी कोविड19 की ड्यूटी का कार्य लम्बे समय से कर रहे हैं, तथा विघालयो के बंद होने  के बावजूद  मिड डे मिल का    राशन तथा धनराशि अपने छात्र छात्राओं को उपलब्ध करा रहे है,उसके बावजूद उन्हे तीन-तीन माह वेतन के लिए इतजार करना पड़ रहा है। शिक्षक ओमप्रकाश काला,भुवनेश वर्मा, डी एस कंडारी, रतनेश कुमार, चेतन कोठारी, आशुतोष डबराल ने सरकार से शीघ्र वेतन जारी करने की मांग की है।

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