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उत्तराखंड में आज कोरोना पॉजिटिव के 174 मामले आए हैं।  जिसे मिलाकर उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के कुल मामले अब 4276 हो गए हैं। जिसमें सक्रिय केसों की संख्या 10108 है आज 60  लोग ठीक हो चुके है, रिकवर मामलों की संख्या 3081 है। अभी तक 52 लोगों मृत्यु हो चुकी है, आज 3062 लोगों के सैंपल रिपोर्ट  नेगेटिव पाए गए हैं।  उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के ठीक होने की दर घटकर 72.05 % हो गयी है।

उत्तराखंड में कंटेनमेंट जोन घटकर   97 हो गए है। आज देहरादून जनपद से 50, अल्मोड़ा से 07 , हरिद्वार से 27, नैनीताल से 36, उधमसिंह नगर से 45 और  टिहरी, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी से 03 -03  कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं।

 21 व्यक्ति पहले से संक्रमित व्यक्तियों  के संपर्क
(10जवान) में  आने से कोरोना के शिकार हुए हैं, 08 हेल्थ केयर वर्कर है, 02 बुखार क्लिनिक मरीज़ ,114 लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री ज्ञात नहीं है , 
02 गर्भवती महिलाएं भी है बाकी सब प्रवासी उत्तराखंड है।



  • मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की और जिलाधिकारियों से कोविड-19 से संबंधित सेम्पलिंग, टेस्टिंग, ट्रेसिंग की जानकारी ले रहे हैं।
  • वीडियो कांफ्रेंसिग  में शासन के वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी मौजूद।
  • कोविड-19 से लड़ाई में समय पर रेस्पोंस सबसे महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्र
  • संक्रमित व्यक्ति के ईलाज और उसके सम्पर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग में न देरी न हो।
  • फ्रंटलाईन कार्मिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।



मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कोविड-19 के फ्रंटलाईन कार्मिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। गम्भीर कोरोना संक्रमित मामलों पर जिलाधिकारी खुद नजर रखें। समय पर रेस्पोंस सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। कोरोना संक्रमित व्यक्ति को तत्काल इलाज उपलब्घ करवाना, जल्द से जल्द उसके सम्पर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी टेस्टिंग कराना सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी प्रकार की देरी नहीं की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सचिवालय परिसर में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम तथा बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की।

जनप्रतिनिधियों, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों से संवाद रखें

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कोविड के पाॅजिटिव मामलों में हुई वृद्धि को देखते हुए चार जिलों में शनिवार और रविवार को लाॅकडाउन लागू किया गया है। आवश्यकता हुई तो आगे भी इस पर विचार किया जाएगा। पूर्व में देहरादून में दो दिन लाॅकडाउन के अच्छे परिणाम मिले थे। इसे देखकर अन्य राज्यों ने भी अपने यहां लागू किया था। कोविड-19 में आम जन का सहयोग बहुत जरूरी है। इसके लिए जिलाधिकारी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संगठनों से लगातार सम्पर्क बनाए रखें। लोगों से संवाद बना रहना चाहिए।

आक्सीजन सपोर्ट पर विशेष ध्यान दिया जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर पहले से काफी मजबूत हुआ है। आई.सी.यू., वेंटिलेटर, आक्सीजन सपोर्ट, टेस्टिंग मशीन व लेब आदि सुविधाओं में बढोतरी हुई है। जिलाधिकारी इनकी क्षमताओं की जांच भी करा ले। ये सुनिश्चित कर लिया जाए कि इनके संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हैं। आक्सीजन सपोर्ट पर विशेष ध्यान दिया जाए। कोरोना संक्रमण के मामले आएंगे परंतु सही समय पर इलाज मिल जाना चाहिए। गम्भीर मामलों को चिकित्सक व्यक्तिगत तौर पर देखें और जिलाधिकारी भी इसकी माॅनिटरिंग करें। मृत्यु दर को बढ़ने नहीं देना है।

बीमारी के प्रति संवदेनशील लोगों की सतत जानकारी रखी जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेम्पलिंग और टेस्टिंग में लगातार वृद्धि हुई है। इसे और बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। सर्विलांस में जिलों ने अच्छा काम किया है। सर्विलांस में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त रहने वालों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जाए। हमारे फ्रंटलाईन वर्करों को लगातार प्रोत्साहित करें। उनको हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाए। ये सुनिश्चित कर लिया जाए कि आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए स्वीकृत की गई प्रोत्साहन राशि उनके खातें में चली गई है।

डेंगू को लेकर हो विशेष अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू पर भी सतर्क और सावधान रहना है। हर रविवार को विशेष अभियान चलया जाए। लोगों को प्रेरित किया जाए कि हर रविवार को केवल 15 मिनिट का समय निकालें और अपने घर में या घर के आसपास इकट्ठा पानी को हटा दें। डेंगू को न पनपने दें।

धार्मिक उत्सवों के अवसर पर भीड़ न जुटे, धर्मगुरूओं का लें सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-समय पर धार्मिक त्यौहार, उत्सव और स्थानीय मेले होते हैं। इनमें लोगों की भीड़ न हो, इसके लिए समाज के गणमान्य लोगों और धार्मिक गुरूओं का सहयोग लिया जाए। मेलों और उत्सवों के आयेाजकों को भी बातचीत से विश्वास में लें और कोविड-19 के लिए निर्धारित प्रोटोकाल का पालन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को राज्य में लौटे प्रवासियों का ग्राम पंचायत वार  विवरण संकलन करने के निर्देश दिए। इससे इन लोगों के लिए योजनाएं बनाने में और आसानी होगी। वासुकीताल में ट्रेकरों के लापता होने की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेकरों का अनिवार्य पंजीकरण किया जाना चाहिए। ऐसा मैकेनिज्म बनाया जाए ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।

राज्य में आने वाले पर्यटकों से हो नम्रतापूर्वक व्यवहार

मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों से सहानुभूतिपूर्वक और विनम्रता के साथ व्यवहार किया जाए। जो भी जरूरी जांच हो, उसे तत्काल किया जाए ताकि पर्यटकों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। कोशिश करें कि पर्यटक यहां से अच्छी यादें लेकर जाएं। मुख्य सचिव ने कहा कि जिलों में फंड की कोई कमी नहीं है। फिर भी केाविड-19 के लिए यदि किसी मद से व्यय किया जाना सम्भव न हो तो शासन स्तर पर बताया जाए। मुख्यमंत्री राहत कोष का इसके लिए उपयोग किया जा सकता है। टेस्टिंग के लिए प्राईवेट लेब का भी उपयोग किया जाए ताकि बेकलाॅग की स्थिति न हो।

कोविड-19 के लिए सारे संसाधन उपलब्ध

सचिव स्वास्थ्य श्री अमित सिंह नेगी ने प्रदेश में कोविड-19 की अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के दृष्टिगत तैयारियों में कोई कमी नहीं है। सारे आवश्यक संसाधन जिलों को उपलब्ध करवाए गए हैं। जांच के लिए ट्रूनेट मशीनें दी गई हैं। जल्द ही कुछ और इस प्रकार मशीनें दे दी जाएंगी। जिलाधिकारी इन मशीनों का उपयोग भी पूरी क्षमता के साथ करें। सभी जिलों केा एंटीजन किट भी उपलब्ध करवाए गए हैं। ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार केा टेस्टिंग बढ़ाने की जरूरत है। कोविड केयर सेंटर में मानकों के अनुरूप आक्सीजन सपोर्ट की व्यवस्था कर ली जाए। कार्मिकों की आवश्यकता होने पर जिलाधिकारी अपने स्तर पर आउटसोर्स पर रख सकते हैं। कान्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए आरोग्य सेतु और एनआईसी के ‘‘इतिहास’’ एप का उपयोग भी किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर ने काशीपुर और बाजीपुर में एक साथ अनेक मामले आने पर की गई कार्यवाही पर प्रस्तुतिकरण दिया। वीडियो कान्फ्रेसिंग में डीजी लाॅ एंड आर्डर श्री अशोक कुमार, सचिव श्री शैलेश बगोली, आयुक्त गढ़वाल श्री रविनाथ रमन, आयुक्त कुमायूं श्री अरविंद सिंह ह्यांकि, डा. पंकज कुमार पाण्डेय, आई जी गढ़वाल श्री अभिनव कुमार, आई जी श्री संजय गुन्ज्याल सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी उपस्थित थे।

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