Halloween party ideas 2015

देहरादून:


राजकीय महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्त पोषित बीएड एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के संचालन में आ रही समस्याओं एवं शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मियों की नियुक्ति व वेतन संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान निकाल लिया जायेगा, इसके लिए अधिकारियों को शीध्र ही प्रबंध कार्यकारिणी की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये गये। इसके अतिरिक्त राज्य के प्रत्येक महाविद्यालयों में रोजगारपरक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के संचालन के भी निर्देश दिये गये हैं। यह जानकारी उच्च शिक्षा, सहकारिता, दुग्ध विकास एवं प्रोटोकाॅल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय में समीक्षा बैठक के उपरांत दी।
समीक्षा बैठक में वर्ष 2008 से राज्य के 17 राजकीय महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्त पोषित बीएड एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के संचालन में आ रही समस्याएं पर विस्तृत चर्चा की गई। जिसमें विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गढ़वाल मंडल के 08 व कुमाऊ मंडल के 09 महाविद्यायों में स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन छात्र संख्या कम होने के कारण कई महाविद्यालयों में संविदा पर तैनात शिक्षण एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों का वेतन नहीं निकल पा रहा है। जबकि इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने के लिए प्रत्येक महाविद्यालय में विभागाध्यक्ष सहित शिक्षकों के 08 एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के 06 पद स्वीकृत हैं। जिनका वेतन छात्रों से ली जाने वाली फीस से दिया जाता है। लेकिन लगातार छात्र संख्या कम होने से कई महाविद्यालयों में कार्मिकों के वेतन का संकट पैदा हो गया है। जिसका समाधान प्रबंध कार्यकारिणी की आगामी बैठक में निकाले जाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। राज्य के प्रत्येक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अधिकतम 05 व स्नातक महाविद्यालयों में 02 स्ववित्त पोषित व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किये जाय। ताकि छात्र-छात्राएं डिग्री कोर्स के साथ-साथ एक वर्ष का स्वरोजगारपरक डिप्लोमा व छह माह का सार्टिफिकेट कोर्स भी हासिल कर सकें। इसके लिए अपर सचिव उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। जिसमें संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. पी.के.पाठक, कुलसचिव सुधीर बुडाकोटी को शामिल किया गया है। समिति वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्वरोजगारपरक पाठ्यक्रमों को तैयार कर रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
बैठक में उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति दीप्ती रावत, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनंद वर्द्धन, अपर सचिव दीपेंद्र चैधरी, संयुक्त सचिव एम.एम. सेमवाल, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. पी.के.पाठक, कुलसचिव सुधीर बुडाकोटी, उपनिदेशक डाॅ. ए.एस.उनियाल आदि विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

वी.पी. सिंह बिष्ट
पी.आर.ओ./मीडिया प्रभारी
उच्च शिक्षा मंत्री।

Post a comment

Powered by Blogger.