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देहरादून:




मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन (16 जून, 2013) केदारनाथ में भीषण आपदा आई थी जिसमें कई श्रद्धालुओं ने अपने प्राण गँवाए। त्रासदी के उस मंजर को पूरे सात साल बीत गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  के मार्गदर्शन में श्री केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया। उनके मार्गदर्शन में दिव्य और भव्य केदारपुरी का नया स्वरूप आज हम सभी के सामने है।
 प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के द्वारा आगे  भी भगवान श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ के विकास के लिए केन्द्र द्वारा हर सम्भव सहायता का आश्वासन दिया गया है। आपदा में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मैं बाबा केदार से प्रार्थना करता हूँं। 

उत्तराखंड बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री नरेश बंसल ने भी जून 2013 मे आज ही के दिन श्री केदारनाथ धाम में आई भीषण आपदा को याद किया। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं सकारात्मक पहल व राज्य सरकार के संकल्प से श्री केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया। दिव्य और भव्य केदारपुरी का नया स्वरूप आज हम सभी के सामने है तथा कुछ कार्य प्रगती पर है।
 नरेश बंसल जी ने आपदा में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मैं बाबा केदार से प्रार्थना की व श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उन्होंने पुनः निर्माण मे लगे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, मुख्य मंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी व सभी सरकारी-गैर सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों को साधुवाद दिया जिन्होंने वैश्विक आस्था के धाम का त्रासदी के बाद पुनर्निर्माण किया है।

पलायन आयोग की तीसरी बैठक , जनपद टिहरी की रिपोर्ट का विमोचन किया

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की तीसरी बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग द्वारा प्रस्तुत जनपद टिहरी की रिपोर्ट का विमोचन किया।
मुख्यमत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेशवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना हमारी शीर्ष प्राथमिकताओं में हैं। यह भी आकलन किया जाय कि उत्तराखण्ड में जो प्रवासी उत्तराखण्डी आये हैं, उनमें से कितने लोग प्रदेश में रहकर ही रोजगार करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के लिए महिलाओं को बैंक से लोन लेने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए भूमि खाताधारक के साथ उनकी पत्नी का नाम भी शामिल किया जाय।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्रदेशवासियों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराये जायेंगे। इसकी भी पूरी स्टडी की जाय कि किन क्षेत्रों में कार्य करने के लिए लोग अधिक रूचि दिखा रहे हैं। लोगों की आमदनी में कैसे वृद्धि की जा सकती है, किन क्षेत्रों में रोजगार की अधिक सम्भावना है। इसकी पूरी स्टडी की जाय। जो गांव अभी तक सड़क की सुविधाओं से नहीं जुड़ पाये हैं और जिन गांवों में पेयजल की समस्या है, उनको भी चिन्हित किया जाय। हमें स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उसकी, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग की दिशा में भी विशेष प्रयास करने होंगे। ग्रामीण क्षेत्र की योजनाओं एवं जन कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में और तेजी से कार्य करने की जरूरत है। चाल-खाल के निर्माण की दिशा में राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में हमें प्रयास करने होंगे।
उपाध्यक्ष ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग डॉ. एस.एस.नेगी ने अवगत कराया कि आयोग द्वारा अब तक तीन रिपोर्टें राज्य सरकार को प्रस्तुत की गई हैं, जिसमें पलायन को कम करने हेतु सिफारिशें दी गई हैं। आयोग द्वारा जनपद अल्मोड़ा के ग्राम पंचायतों में पलायन के विभिन्न पहलुओं पर अंतरिम रिपोर्ट जून 2019 प्रस्तुत की गई। सितम्बर 2019 में ग्राम्य विकास के क्षेत्र में योजनाओं एवं कार्यक्रमों का विश्लेषण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आयोग द्वारा सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत की गई। जनपद पिथौरागढ़ के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ बनाने एवं पलायन को कम करने से संबंधित रिपोर्ट आयोग द्वारा अक्टूबर 2019 में सरकार के समक्ष प्रस्तुत की गई।
ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग द्वारा आज जनपद टिहरी गढ़वाल के ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। आयोग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर बैठकें आयोजित की गई एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद किया गया। जनपद टिहरी की रिपोर्ट में विकास खण्ड वार सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का विश्लेषण एवं रूझान, पलायन की स्थिति, वर्तमान ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यक्रमों के बारे में विश्लेषण तथा सिफारिशें की गई हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी वर्ष में जनपद चमोली, रूद्रप्रयाग एवं बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन और सबंधित आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण कर सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ बनाने एवं पलायन को कम करने पर रिपोर्ट तैयार की जायेगी। कोविड-19 के प्रकोप के बाद उत्तराखण्ड राज्य में पर्वतीय जनपदों में घर लौटे प्रवासियों के आर्थिक पुनर्वास हेतु सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत करना आयोग की प्राथमिकता है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, मुख्यमंत्री के तकनीकि सलाहकार श्री नरेन्द्र सिंह, आर्थिक सलाहकार श्री आलोक भट्ट,अपर आयुक्त ग्राम्य विकास श्री रोशन लाल, उपायुक्त ग्राम्य विकास श्री.ए.के. राजपूत आदि उपस्थित थे।


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