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मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के अनुरोध पर दिल्ली में रह रहे प्रवासी लोगों को उत्तराखण्ड वापस लाने के लिए रेल उपलब्ध कराने हेतु रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सहमति दी है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल से इस संबंध में बात हुई है। उन्होंने रेल मंत्री से अनुरोध किया कि दिल्ली में 40 हजार के करीब उत्तराखण्ड के प्रवासी उत्तराखण्ड वापस आना चाहते हैं। रेल मंत्री नेे विशेष अनुरोध को स्वीकर करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपना प्लान बनाकर दे, तद्नुसार रेल उपलब्ध करवा दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा दो स्थान पर रेल रोके जाने के अनुरोध को भी रेल मंत्री ने स्वीकार किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजीकरण कराने वाले प्रवासियों को लाने के लिए राज्य सरकार मेडिकल नार्म का पालन सुनिश्चित करते हुए हर सम्भव प्रयास कर रही है। प्रवासियों को रेल व बस से लाने पर होने वाले व्यय का भार, राज्य सरकार वहन कर रही है। 

08 मई की सांय तक विभिन्न राज्यों से 23794 प्रवासियों को उत्तराखण्ड लाया जा चुका है। इनमें हरियाणा से 11482, चण्डीगढ़ से 4838, उत्तर प्रदेश से 3526, राजस्थान से 2409, दिल्ली से 482, पंजाब से 327, गुजरात से 319 और अन्य राज्यों से 411 लोगों का लाया गया है। शनिवार को मीडिया सेंटर, सचिवालय में प्रेस ब्रीफिंग में सचिव श्री शैलेश बगोली ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक अन्य राज्यों से उत्तराखण्ड आने के लिए 179615 लोगों ने आनलाईन पंजीकरण कराया है। उत्तराखण्ड के एक जनपद से दूसरे जनपद में जाने वालों की कुल संख्या 34886 है। उत्तराखण्ड से अन्य राज्यों को जाने के लिए 21717 लोगों ने आनलाईन पंजीकरण कराया है। इनमें से 6378 लोगों को भेजा जा चुका है। श्री बगोली ने कहा कि बाहर से प्रवासियों को लाने की प्रक्रिया नियोजित तरीके से होती है। इसमें जिलों में एक दिन में कितने लोगों की व्यवस्था हो सकती है, उसके आधार पर टाईमटेबल बनाया जाता है। उसी के आधार पर लोगों को लाया जा सकता है। जिन लोगों ने भी आने के लिए पंजीकरण कराया है, उन सभी को लाने के लिए राज्य सरकार व्यवस्थाएं कर रही हैं। परंतु इसमें मेडिकल जांच, सोशल डिस्टेंसिंग, क्वारेंटाईन आदि तमाम तरह की सावधानियां भी बरतनी हैं।  
स्चिव श्री शैलेश बगोली ने कहा कि सूरत, अहमदाबाद, पुणे, बैंगलोर आदि स्थानों से प्रवासियों को लाने के लिए ट्रेन के लिए भी बात हुई हैं। राजस्थान से भी टेªन की बात चल रही है। उत्तराखण्ड के प्रवासी लोगों को लाने के लिए टेªन, बस का व्यय उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। रेलवे के पास 50 लाख रूपए एडवांस के तौर पर जमा भी कर दिया गया है। अभी तक 8 ट्रेन का अनुरोध किया हुआ है। इसका प्लान किया जा रहा है। कतिपय मीडिया में एक निश्चित दिनांक को ट्रेन चलने की खबर के बारे में पूछे जाने पर श्री बगोली ने बताया कि यह समाचार सही नहीं है। अभी कोई तिथि तय नहीं हुई है। जल्द ही रेल मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकार से समन्वय कर ट्रेन से प्रवासियों को लाने का भी टाईमटेबल बना दिया जाएगा। जैसे ही तिथि तय हो जाएगी, संबंधित प्रवासियों को एसएमएस के माघ्यम से सूचित कर दिया जाएगा।
निदेशक, एनएचएम श्री युगल किशोर पंत ने बताया कि कोविड-19 के संबंध में आज 221 सेम्पल की रिपोर्ट आई है, इनमें से 04 पाॅजिटिव केस हैं। ये चारों लोग ऊधमसिंहनगर की सीमा पर पुलिस द्वारा पकड़े गए थे। पकड़ते ही उन्हें संस्थागत क्वारेंटाईन रखा गया था। इनमें 02 महाराष्ट्र, 01 गुजरात व 01 हरियाणा से आ रहे थे। श्री पंत ने बताया कि राज्य में पाॅजिटिव केस की दर 0.76 प्रतिशत है। रिकवरी रेट 69 प्रतिशत है जो कि राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। हमारे यहां औसत रिकवरी टाईम 16 दिन है। हमारी फेटैलिटी (मृत्यु) रेट 1.49 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय दर 3.32 है। आज 04 पाॅजिटीव केस आने से हमारी डबलिंग रेट 38 दिन है। देश की डबलिंग रेट 10.9 है।

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