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जैसा कि प्रधानमंत्री ने  लॉक डाउन पार्ट 2 के भाषण में कहा था की 30 अप्रैल से देश के कुछ क्षेत्रों में लौंग दा उनसे छूट दी जा सकेगी इसको राज्य ने अनुसार व्यवस्थित करेंगे। इसी कड़ी में ,उत्तराखंड  में 20 अप्रैल से  लोगों को लॉकडाउन में मिलेगी बड़ी राहत, शनिवार को देहरादून जिला प्रशासन ने नई गाइडलाइन जारी की है।



परन्तु ,इस गाइडलाइन के अनुसार  सोमवार से नगर निगम देहरादून, डोईवाला तथा कैंटोनमेंट जोन को छोड़कर राहत दी गई है।

सार्वजनिक स्थानों और कार्य स्थल पर मास्क लगाना जरूरी होगा।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। किसी भी संस्थान या सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ जमा करने की इजाजत नहीं होगी।  सभी संस्थानों में कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करनी होगी। लंच के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष तौर पर ध्यान रखना होगा।

शादी या अंतिम संस्कार पर सिटी मजिस्ट्रेट या एसडीएम का निर्देश मान्य होगा।

पब्लिक प्लेस पर थूकने पर सजा के साथ जुर्माना भी होगा। शराब, गुटखा और तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।

किसी भी संस्थान में या शादी-विवाह में पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर रोक रहेगी।

अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, टेलीमेडिसिन सेवाएं, डिस्पेंसरी, केमिस्ट, फार्मेसी, जन औषधि केंद्रों समेत सभी तरह की दवा की दुकानें और मेडिकल इक्विपमेंट की दुकानें, मेडिकल लैब और कलेक्शन सेंटर, फार्मा और मेडिकल रिसर्च लैब, कोरोना से जुड़ी रिसर्च करने वाले संस्थान, वेटनरी अस्पताल, डिस्पेंसरी क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब, टीकों और दवाओं की बिक्री, कोरोना रोकने के लिए जरूरी सेवाएं देने वाले सभी अधिकृत निजी संस्थान, होम केयर, डायग्नोस्टिक और अस्पतालों के लिए काम करने वाली सप्लाई चेन, दवा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, मेडिकल ऑक्सीजन, उससे जुड़ा पैकेजिंग मटेरियल और रॉ मटेरियल बनाने वाली मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स, एंबुलेंस समेत मेडिकल, हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, सभी तरह की मेडिकल, वेटनरी सेवाओं से जुड़े लोग, साइंटिस्ट, नर्सें, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, मिड वाइव्स और एंबुलेंस समेत अस्पताल से जुड़ी सेवाओं को करने वाले लोगों का राज्य के अंदर और बाहर मूवमेंट जारी रहेगा। इसकी अनुमति एसडीएम देंगे।

खेतों में काम करने वाले किसान और खेती का काम करने वाले अन्य लोग, एमएसपी ऑपरेशंस समेत कृषि उपज की खरीद करने वाली एजेंसियां, राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित मंडियां, खेती की मशीनें और उनके स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुल सकेंगी।



फार्म मशीनरी से कस्टम हायरिंग सेंटर संबद्ध रहेंगे। उर्वरक, कीटनाशक और बीजों का बनना और वितरण जारी रहेगा।

दूध और दुग्ध उत्पाद का कलेक्शन, प्रोसेसिंग, वितरण, ट्रांसपोर्टेशन हो सकेगा। पोल्ट्री फॉर्म समेत अन्य पशुपालन गतिविधियां चालू रहेंगी।


आरबीआई, इससे संचालित वित्तीय बाजार और एनपीसीएल, सीसीआईएल, पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स काम करेंगे। बैंक की शाखाएं, एटीएम खुलेंगे।

बच्चों, दिव्यांग, मानसिक रूप से अस्वस्थ, बुजुर्ग, निराश्रितों, महिलाओं, विधवाओं के आश्रय स्थल के लिए कामकाज जारी रहेगा। ऑब्जर्वेशन होम्स और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए स्थानों पर भी काम जारी रहेगा। बुजुर्गों/ विधवाओं/ स्वतंत्रता सेनानियों को पेंशन मिलेगी।



कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत दी जाने वाली पेंशन और प्रोविडेंड फंड सेवाएं भी जारी रहेंगी। आंगनवाड़ी ऑपरेशन मसलन लाभार्थियों (बच्चों और दुग्धपान कराने वाली मां) को 15 दिन में एक बार उनके घर तक खाना और पोषाहार पहुंचाना जारी रहेगा। इसके लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।

सभी तरह के सामानों की आवाजाही हो सकेगी। रेलवे के जरिये सामान और पार्सल भेजा जा सकेगा। विमानों का भी कार्गो, मदद और लोगों को निकालने के लिए इस्तेमाल हो सकेगा। ट्रकों-गाड़ियों की आवाजाही हो सकेगी। सामान पहुंचाकर ट्रक खाली या दोबारा सामान भरकर लौट सकेगा। ट्रक रिपेयर के लिए हाईवे पर दुकानें और ढाबे खुलेंगे। इसकी अनुमति एसडीएम जारी करेंगे।

जरूरी चीजों की सप्लाई करने वाली चेनों फिर चाहे वे मैन्युफेक्चरिंग, होलसेल या रिटेल में हों, को सभी सुविधाएं मिलेंगी। ई-कॉमर्स कंपनियां भी काम कर सकेंगी।

किराना-राशन दुकानें, फल-सब्जी-दूध की दुकानें, पोल्ट्री, मीट-मछली, पशुओं के चारे की दुकानें खुलेंगी। इनके भी खुलने-बंद होने पर प्रतिबंध नहीं रहेगा, पर सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी होगी। जिले के अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि सामान की ज्यादा से ज्यादा होम डिलीवरी हो, ताकि लोग घरों के बाहर कम निकलें। इसकी अनुमति सिटी मजिस्ट्रेट से लेनी होगी।


प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डीटीएच और केवल सर्विस। आईटी और इससे जुड़े सर्विस सेक्टर को 50 फीसदी स्टाफ के साथ काम करना होगा। केवल सरकारी गतिविधियों के लिए डाटा और कॉल सेंटर काम करेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी से अनुमति प्राप्त कॉमन सर्विस सेंटर चालू रहेंगे।

स्वरोजगार से जुड़ी सेवाओं में लगे लोग जैसे- इलेक्ट्रीशियन, आईटी रिपेयर्स, प्लंबर, मोटर मैकेनिक और कारपेंटर को काम की छूट रहेगी। इसकी अनुमति एसडीएम जारी करेंगे।

इमरजेंसी सर्विस में लगी प्राइवेट गाड़ी, मेडिकल और जरूरी सामान लेकर जाने वाले वाहन को रोका नहीं जाएगा। इन गाड़ियों में ड्राइवर के अलावा एक व्यक्ति को बैठने की छूट रहेगी। इसकी अनुमति एसडीएम देंगे।

भारत सरकार तथा उनके अधीनस्थ कार्यालय, राज्य सरकार के कार्यालय एवं स्वायत, अधीनस्थ कार्यालय खुलेंगे। इसकी अनुमति एडीएम प्रशासन देंगे। पुलिस, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, अग्नि और आपातकालीन सेवाएं, आपदा प्रबंधन, जेल, नगर निगम व नगर पालिका, वन कार्यालय, चिड़ियाघर, नर्सरी आदि भी खुलेंगे।

किराना एवं राशन की दुकानें, फल एवं सब्जियां, पशु चारा, मछली, मुर्गा, मांस आदि की दुकानें सुबह सात से दोपहर एक बजे तक खुलेंगी। इसके लिए एसडीएम व संबंधित थानाध्यक्ष की ओर से पास जारी किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने लॉकडाउन का पालन कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट समेत कई अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। जिनके माध्यम से पास जारी किए जाएंगे।

वहीं अगर कोई व्यक्ति लॉकडाउन के नियमों को तोड़ता है तो उसके खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 की धारा 51 से 60 और आईपीसी की धारा 188 के तहत केस दर्ज किया जाएगा।

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