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रूद्रप्रयाग:
 भूपेन्द्र भण्डारी




 रूद्रप्रयाग जनपद में अवैध खनन के जरिए सरकार को करोड़ों रूपये का चूना लगा रहे हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को सब कुछ ंपता होने के बाद भी आँख मूँदे बैठे हैं। जरा इस रिपोर्ट को देखिए और समझने की कोशिस करें की आखर अवैध खनन के इस खेल में किसकी संलिप्ता है।
दूरस्थ क्षेत्रों में नदियों पर अवैध खनन करने वाले माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन पर सवाल उठाने वालों के साथ मार-पीट कर उन्हें शांत करा देते हैं। ताजा मामला रूद्रप्रयाग जनपद के अगस्त्यमुनि विकासखण्ड के सारी गाँव का है जहाँ पिछले तीन वर्षों से अलकनंदा नदी और सारी गाड पर करीब 5 सौ मीटर के दायरे में अवैध खनन कर सरकार को करोड़ों रूपये के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। लेकिन ताजुब की बात देखिए क्षेत्रीय पटवारी और अन्य अधिकारियों के संज्ञान में मामला होने के बाद भी कोई कार्यावाही नहीं की जा रही है।

 खनन माफियाओं द्वारा करीब हर रोज यहां से 70 हजार से 1 लाख रूपये तक का अवैध बालू बेचा जाता है। ऐसे में साफ जाहिर हो रहा है कि सरकार को हर महिने लाखों रूपये का चूना लग रहा है। उधर खनन माफिया बेखौफ दिन-रात खुले आम अवैध खनन कर रहे हैं उन्हें न तो प्रशासन का डर है और न ही किसी नियम कायदों की परवाह। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि मींिडया के माध्यम से यह मामला संज्ञान में आया है इसकी जाँच कर कार्यवाही की जायेगी। ?

 यह पहला मामला नहीं है जब माफिया प्रशासन और सरकार के तमाम नियम-कायदों को धत्ता बताकर अवैध खनन के कारोबार में फलफूल रहे हैं। बल्कि रूद्रप्रयाग में मंदाकिनी नदी, मधुगंगा समेत कई गाड गदेरों पर भी अवैध खनन का खेल खुले आम चल रहा है लेकिन इन माफियाओं को रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। ऐसे में अब देखना होगा कि जिलाधिकारी अब इस मामले में कार्यावाही करते हैं या फिर जिलाधिकारी की यह कार्यावाही केवल टीवी चैनलों और अखबारोें की खुर्खियां बनकर रह जाती है।

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