रविवार 17 नवंबर को शांयकाल 5 बजकर 13 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद होंगे।
- श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में आयोजित समारोह में हुई घोषणा
- श्री मद्महेश्वर जी के कपाट 21 नवंबर को प्रात: बंद होंगे।
- 24 नवंबर को मद्महेश्वर मेला
- श्री तुंगनाथ जी के कपाट
- 6 नवंबर को प्रात: 11.30 बजे बंद होंगे।
उखीमठ: :
इस यात्रा वर्ष ग्यारहवें ज्यौर्तिलिंग भगवान केदारनाथ जी के कपाट 29 अक्टूबर को प्रात: 8 .30 बजे भैयादूज के अवसर पर बंद होंगे। श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा आयोजित समारोह में धर्माचार्यों की उपस्थिति में आयोजित समारोह में तिथि का ऐलान किया गया। यह जानकारी श्री बद्रीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने दी उन्होंने ने बताया कि
इसी दिन बाबा केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली रात्रि प्रवास हेतु रामपुर पहुंचेगी। 30 अक्टूबर गुप्तकाशी तथा 31 अक्टूबर को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी।
इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट शीतकाल हेतु 21 नवंबर प्रातः बजे बंद होंगे। डोली इसी दिन प्रथम पड़ाव गौंडार पहुंचेगी 22 नवंबर को राकेश्वरी मंदिर रांसी तथा 23 नवंबर को गिरिया प्रवास 24 नवंबर शीतकाल गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। 24 नवंबर को उखीमठ में भब्य मद्महेश्वर मेला आयोजित होगा।
तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल हेतु 6 नवंबर प्रात: 11.30 बजे को बंद हो जायेंगे। इसी दिन उत्सव डोली चोपता पहुंचेगी।
7नवंबर को भनकुन प्रवास 8 नवंबर शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ पहुंचेगी।
श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में आयोजित समारोह में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक खत्री, कार्याधिकारी एन.पी.जमलोकी, मंदिर सुपरवाइजर पुजारी शिवशंकर लिंग, अभ्युदय जमलोकी, आचार्य हर्ष जमलोकी, वेदपाठी यशोधर मैठाणी, पंचगाई प्रतिनिधि शिवानंद पंवार, पं. सत्य प्रसाद सेमवाल,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वचन सिंह रावत, वरिष्ठ सहायक प्रेम सिंह रावत, देवानंद गैरोला, विदेश शैव नवीन शैव , देवी प्रसाद तिवारी, भगवती शैव,मनीष तिवारी, आदि मौजूद रहे। जबकि श्री तुंगनाथ जी के शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में आयोजित समारोह में मठापति रामप्रसाद मैठाणी, प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, बलबीर नेगीआदि मौजूद रहे।
रविवार 17 नवंबर को शांयकाल 5 बजकर 13 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद होंगे।
* श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में विजय दशमी के दिन आयोजित समारोह में हुई घोषणा।
श्री बदरीनाथ :
बद्रीनाथ धाम के कपाट इस यात्रा वर्ष 17 नवंबर, रविवार, कर्क लग्न में
शायंकाल 5 बजकर 13 मिनट को शीतकाल हेतु बंद कर दिये जायेंगे। श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में आज विजय दशमी के दिन आयोजित भब्य धार्मिक समारोह में पंचांग गणना के पश्चात आचार्यों की उपस्थित में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने कपाट बंद होने की घोषणा की गयी। तथा श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी के पांडुकेश्वर जाने एवं आदि गुरू शंकराचार्य जी के नृसिंह मंदिर जाने की तिथि 18 नवंबर तय हुई।
इस अवसर पर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, भाजपा महामंत्री पंकज डिमरी, सदस्य चंद्रकला ध्यानी, सदस्य धीरज पंचभैया मोनू, रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी,मुख्य कार्याधिकारी बी.डी.सिंह, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, अपर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, सहायक अभियंता विपिन तिवारी, सहायक मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान, थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह नेगी कोषाध्यक्ष भगवती डिमरी, अवर अभियंता गिरीश रावत कमेटी सहायक संजय भट्ट, प्रबंधक राजेन्द्र सेमवाल, अजय सती, मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़, दफेदार कृपाल सनवाल सहित बाबा उदय सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद शर्मा, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष राकेश कुमार डिमरी, पत्रकार प्रकाश कपरवाण, किशोर पंवार, पीतांबर मोल्फा,दुर्गा प्रसाद ध्यानी, दिनेश डिमरी, विनोद डिमरी एवं हक हकूकधारी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री मौजूद रहे।
श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया इस तरह रहेगी
दिनांक- 13 नवंबर प्रातः श्री गणेश जी की पूजा आराधना एवं शाम को भगवान गणेश जी के कपाट बंद होंगे।
दिनांक 14 नवंबर आदिकेदारेश्वर पूजा एवं दिन में कपाट बंद।
दिनांक 15 नवंबर खडग, पुस्तक पूजन शाम से वेद ऋचाओं का पाठ बंद हो जायेगा।
दिनांक 16 नवंबर श्री महालक्ष्मी पूजन एवं लक्ष्मी जी को न्यौता।
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