ऋषिकेश :
उत्तम सिंह
रायवाला क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों राइका छिद्दरवाला, रायवाला, माँ आनंदमई स्कूल में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संकल्प नशा मुक्त देव भूमि अभियान का शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में प्रत्येक विद्यालय में एंटी ड्रग्स लीगल क्लिनिक का गठन भी किया गया।
संकल्प नशा देव भूमि अभियान के अंतर्गत क्षेत्र के विभन्न विद्यालयों ने विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर छात्रों को नशे से दूर रहने, बचाव, समाधान बारे में जानकारी देकर सुरक्षा के प्रति जागरूकता किया गया। विदित हो कि नशा मुक्त देव भूमि अभियान का शुभारंभ उत्तराखण्ड के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति रमेश रंग नाथन देहरादून में ओ एन जी सी के सभागार में विगत सितम्बर माह की 28 तारीख को किया था। जिसमे नैनिताल हाई कोर्ट के न्यायधीश सुशांशु धुलिया, न्यायमूर्ति लोकपाक, न्यायमूर्ति ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा व राज्य के मुख्य सचिव उत्तपल कुमार, डी जी पी अनिल रतूड़ी, डी आई जी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार भी उपस्तिथि हुए थे। छात्रों को अभियान के उद्देश्य की जानकारी देते हुए सूरजमणी सिलस्वाल ने बताया कि राज्य के समस्त शासकीय व अशासकीय विद्यालयों में नशा मुक्त देव भूमि अभियान के अंतर्गत जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही सभी विद्यालयों में एंटी ड्रग्स लीगल क्लिनिक की स्थापना की जा रही है। जिसमे नशे के प्रभाव व गिरफ्त में आये युवाओं का मनोवैज्ञानिक रीति से उपचार किया जाएगा।
एंटी डग्स क्लिनिक में 2 छात्र, 2 अभिभावक,2 शिक्षक व 1सदस्य डिस्ट्रिक लीगल सर्विस से नॉमिनेटेड पी एल वी होगा। इसी क्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून के निर्देशानुसार क्षेत्र के समस्त कालेज, विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव, मन व शरीर पर होने वाले नुकसान के बारे में अवगत कराते हुए इससे बचाव के तरीके बताये। बताया कि नशा किस प्रकार परिवार की खुशियां छीन लेता है। नशे की चपेट में आने से परिवार बिखरकर तबाह हो जाते है। कहा कि नशे को ना कहना व इससे दूर रहना ही इससे बचाव का सुरक्षित उपाय है। इस अवसर पर गठित एंटी डग्स क्लिनिक की जिम्मेदारी व कर्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके सदस्य नशे के प्रति आकर्षित हो रहे युवाओं को जागरूक कर इससे होने वाले नुकसान की जानकारी देंगे। तथा नशे दूर रहने रहने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही नशे की गिरफ्त में आये छात्रों, युवाओं को नशा नही करने के लिए प्रेरित कर उनके पुनर्वास में सहायता प्रदान करेंगे। मैत्री स्वयं सेवी संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी ने छात्रों से आग्रह किया कि शादी समारोह में झूठी शान का प्रतीक बनती जा रही मेहंदी की रश्म में कॉकटेल के नाम पर खुले आम शराब परोसी जा रही है। यह कुरीति समाज मे भयवाह रूप लेती जा रही है इसकी चपेट में युवा वर्ग आ रहे है। समाज मे फैल रही कुरीति को समाप्त करने के लिए युवाओ को ही आगे आना होगा। जिसका गांधीवादी तरीके से विरोध दर्ज करें। उन्होंने चेताया शराब व नशे का सबसे ज्यादा खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ता है। सामाजिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि यदि पुरुष शराब पीता है तो महिला को परेशानी उठानी पड़ती है। पति शराब पीता है तो पत्नी परेशान होती है। भाई शराब का सेवन करता है तो माँ व बहन परेशान होती है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य योगम्बर सिंह , अनुज कुमार थपलियाल, प्रशांत मिश्रा,रिया शर्मा, पारोमिता सरकार, प्रीतम गिरी, आदित्य शर्मा, मुस्कान रावत, अस्मिता त्यागी, भगवती प्रसाद सेमवाल, भास्करानंद भट्ट, ईशा भट्ट, नेहा कण्डारी, आशीष पाल, ओमकार सिंह , विद्यालय कर्मचारीगण, स्कूल के छात्र, छात्राएं व अभिभावक मौजूद रहे ।
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