राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं पुराना दरबार, हाउस ऑफ आर्किऑलाजिकल एण्ड मटीरियल कलेक्शन ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में पाँच दिवसीय कार्यशाला के द्वितीय दिन के उद्घाटन सत्र में आज बादशाहीथौल, नई टिहरी में उत्तराखण्ड में अभी तक की ज्ञात सबसे लम्बी,29 फ़ीट , ठा० भवानी प्रताप सिंह पंवार के द्वारा संरक्षित, उनके पूर्वज गढ नरेश ठा० विचित्र शाह की जन्म कुंडली, सन १८८० , का प्रदर्शन किया गया ।
बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्बोधन में प्रोफ़ेसर महेन्द्र प्रताप सिंह बिष्ट, निदेशक उत्तराखण्ड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र ने अपनी इन बेसकीमती धरोहरों को संरक्षित एवं शोध करने की आवश्यकता पर बल दिया । जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी को इसका लाभ मिल सकेगा ।
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