सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही आर्थिक जनगणना का शुभारम्भ ,आज उत्तराखण्ड राज्य में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों से हुआ.यह देश की 7 वी आर्थिक जनगणना है.सातवीं आर्थिक जनगणना (7 वां ईसी) सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है
अतः आर्थिक जनगणना में आर्थिक गतिविधियों में लगे हुए घरों, प्रतिष्ठानों और दुकानों कार्यालयों आदि की जनगणना की जाएगी.आर्थिक जनगणना भौगोलिक प्रसार में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान करती है,
आर्थिक गतिविधियों, स्वामित्व पैटर्न, लगे हुए व्यक्ति आदि के समूह,आर्थिक गतिविधियों में लगे प्रतिष्ठान, इसके अंतर्गत चिन्हित किये जायेंगे।जन सेवा केन्द्र(csc) द्वारा लगे पर्यवेक्षकों को मोबाइल एप्लिकेशन पर डेटा एकत्र करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है
डेटा कैप्चर, सत्यापन, रिपोर्ट निर्माण और प्रसार के लिए विकसित किया गया। राज्य में
उत्तराखंड, समन्वय, पर्यवेक्षण, प्रशिक्षण और अनुमोदन का संपूर्ण कार्य अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय, DI, MSME और NSO (FOD) भारत सरकार द्वारा रखा जाना है।
प्रत्येक घर और घर के दरवाजे , सांख्यिकी अधिनियम 2008 के प्रावधानों के तहत व्यावसायिक प्रतिष्ठान के सर्वेक्षण के माध्यम से डेटा एकत्र किया जाएगा।
एकत्र किए गए घरेलू और स्थापना स्तर के आंकड़ों को कड़ाई से गोपनीय रखा जाएगा और
केवल राज्य / संघ राज्य क्षेत्र और केंद्र सरकारों द्वारा विकास संबंधी योजना और सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है।
(enumerator) प्रगणकों द्वारा एकत्र किए गए डेटा को बाद की यात्रा में पर्यवेक्षकों (supervisor)द्वारा सत्यापित किया जाएगा।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से देश के अन्तर्गत सप्तम आर्थिक गणना के अन्तर्गत समस्त प्रकार की आर्थिक गतिविधियों की क्रियात्मक एवं सरचंनात्मक तथ्यों की सूचना एकत्र की जायेगी। राज्य में आर्थिक गणना के अन्तर्गत आर्थिक गतिविधियों का भौगोलिक विवरण उनका स्वामित्व स्थाई संरचना तथा संलग्न व्यक्तियों की संख्या ज्ञात हो पायेगी
राज्य के अन्तर्गत सप्तम आर्थिक गणना हेतु समस्त प्रकार के कॉर्डिनेशन पर्यवेक्षण प्रशिक्षण एवं आकडों के अनुमोदन हेतु अर्थ एवं संख्या निदेशालय नियोजन विभाग, उद्योग एवं राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय देहरादून की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
सप्तम आर्थिक गणना हेतु राज्य के अन्तर्गत क्षेत्रीय कार्मिंकों एवं नागरिकों के शंका समाधान हेतु टोल फ्री नम्बर
((1800-3000-3468) पर सहायता ली जा सकती है। इसके अतिरिक्त
विस्तृत विवरण हेतु निम्न वेब पेज ((http://mospi.nic.in/7theconomic-census)
का सहयोग लिया जा सकता है।
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