रुद्रप्रयाग :
भूपेंद्र भंडारी
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बाद अब गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी अलकनन्दा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अलकनन्दा नदी का जलस्तर 623.7 मीटर तक पहुच गया है।
जबकि मंदाकिनी नदी का जलस्तर 622.55 मीटर तक पहुच गया है, अलकनन्दा नदी खतरे के निशान से 3.3 मीटर नीचे बह रही है। जबकि मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 3.45 मीटर नीचे बह रही है।
ऐसे में दोनों नदियों के किनारे बने घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गये हैं, नदियों के बढ़ते जलस्तर से मैदानी क्षेत्रों में तो दिक्कतें शुरू हो ही सकती है।
साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी खतरा बढ़ सकता है। जिला प्रशासन का कहना है कि दोनों नदियों के जलस्तर पर उनकी पूरी नजर बनी हुई है।
भूपेंद्र भंडारी
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बाद अब गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी अलकनन्दा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अलकनन्दा नदी का जलस्तर 623.7 मीटर तक पहुच गया है।
जबकि मंदाकिनी नदी का जलस्तर 622.55 मीटर तक पहुच गया है, अलकनन्दा नदी खतरे के निशान से 3.3 मीटर नीचे बह रही है। जबकि मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 3.45 मीटर नीचे बह रही है।
ऐसे में दोनों नदियों के किनारे बने घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गये हैं, नदियों के बढ़ते जलस्तर से मैदानी क्षेत्रों में तो दिक्कतें शुरू हो ही सकती है।
साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी खतरा बढ़ सकता है। जिला प्रशासन का कहना है कि दोनों नदियों के जलस्तर पर उनकी पूरी नजर बनी हुई है।
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