डोईवाला;
आदर्श औद्योगिक स्वायत्तता सहकारिता डोईवाला की अध्यक्ष आशा कोठारी को 8 अगस्त को देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों उत्तराखंड का सर्वोच्च तीलू रौतेली पुरस्कार मिलेगा। उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर प्रतिवर्ष समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को यह सम्मान दिया जाता है। उत्तराखंड से 16 महिलाओं का इस सम्मान के लिए चयन किया गया है। जिसमें डोईवाला की आशा कोठारी का नाम भी शामिल है।
तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए नाम चयनित होने पर आशा कोठारी ने कहा कि पिछले 13 वर्षों से वे आदर्श संस्था के माध्यम से समाज के उत्थान की दिशा में निस्वार्थ सेवा भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि वीरांगना तीलू रौतेली का जन्म पौड़ी गढ़वाल के गुराड़ गांव में 8 अगस्त 1661 में श्री भूप सिंह रावत के घर में हुआ था। उत्तराखण्ड की एक ऐसी वीरांगना जो केवल 15 वर्ष की उम्र में रणभूमि में कूद पड़ी थी। सात साल तक जिसने अपने दुश्मन राजाओं को कड़ी चुनौती दी थी। 15 से 20 वर्ष की आयु में सात युद्ध लड़ने वाली तीलू रौतेली संभवत विश्व की एक मात्र वीरांगना है। तीलू रौतेली उर्फ तिलोत्तमा देवी भारत की भारत की रानी लक्ष्मीबाई, चांद बीबी, झलकारी बाई, बेगम हजरत महल के समान ही देश ही नही विदेश में ख्याति प्राप्त हैं।
मुख्यमंत्री के ओएसडी धीरेंद्र पंवार, भाजपा जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, नगीना रानी, मंजू चमोली, आशा सेमवाल, सोनी उपाध्याय, आरती लखेडा, सुषम चौधरी, मंजू चमोली, नवीन चौधरी, संपूर्ण सिंह रावत, श्रवण सिंह प्रधान, संस्था के संरक्षक मनोज नौटियाल, रमेश सोलंकी, दीवान सिंह रावत, दिनेश सजवान, संजय चौहान, मनवर सिंह नेगी, मंदीप बजाज, विजय बख्शी, दिनेश कक्कड़, संस्कार भारती के अध्यक्ष ईश्वर चंद्र अग्रवाल, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गौरव चौधरी, ईश्वर चंद पाल, महेश रावत, सभासद गौरव मल्होत्रा, राजवीर खत्री, पन्नालाल गोयल आदि ने भी बधाई दी है।
आदर्श औद्योगिक स्वायत्तता सहकारिता डोईवाला की अध्यक्ष आशा कोठारी को 8 अगस्त को देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों उत्तराखंड का सर्वोच्च तीलू रौतेली पुरस्कार मिलेगा। उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर प्रतिवर्ष समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को यह सम्मान दिया जाता है। उत्तराखंड से 16 महिलाओं का इस सम्मान के लिए चयन किया गया है। जिसमें डोईवाला की आशा कोठारी का नाम भी शामिल है।
तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए नाम चयनित होने पर आशा कोठारी ने कहा कि पिछले 13 वर्षों से वे आदर्श संस्था के माध्यम से समाज के उत्थान की दिशा में निस्वार्थ सेवा भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि वीरांगना तीलू रौतेली का जन्म पौड़ी गढ़वाल के गुराड़ गांव में 8 अगस्त 1661 में श्री भूप सिंह रावत के घर में हुआ था। उत्तराखण्ड की एक ऐसी वीरांगना जो केवल 15 वर्ष की उम्र में रणभूमि में कूद पड़ी थी। सात साल तक जिसने अपने दुश्मन राजाओं को कड़ी चुनौती दी थी। 15 से 20 वर्ष की आयु में सात युद्ध लड़ने वाली तीलू रौतेली संभवत विश्व की एक मात्र वीरांगना है। तीलू रौतेली उर्फ तिलोत्तमा देवी भारत की भारत की रानी लक्ष्मीबाई, चांद बीबी, झलकारी बाई, बेगम हजरत महल के समान ही देश ही नही विदेश में ख्याति प्राप्त हैं।
मुख्यमंत्री के ओएसडी धीरेंद्र पंवार, भाजपा जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, नगीना रानी, मंजू चमोली, आशा सेमवाल, सोनी उपाध्याय, आरती लखेडा, सुषम चौधरी, मंजू चमोली, नवीन चौधरी, संपूर्ण सिंह रावत, श्रवण सिंह प्रधान, संस्था के संरक्षक मनोज नौटियाल, रमेश सोलंकी, दीवान सिंह रावत, दिनेश सजवान, संजय चौहान, मनवर सिंह नेगी, मंदीप बजाज, विजय बख्शी, दिनेश कक्कड़, संस्कार भारती के अध्यक्ष ईश्वर चंद्र अग्रवाल, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गौरव चौधरी, ईश्वर चंद पाल, महेश रावत, सभासद गौरव मल्होत्रा, राजवीर खत्री, पन्नालाल गोयल आदि ने भी बधाई दी है।
.png)

एक टिप्पणी भेजें