जिनके कार्यक्रम देखकर , लड़कियां मीडिया और दूरदर्शन में अपना भविष्य ढूंढ़ती थी. ऐसी सौम्य एंकर नीलम शर्मा आज हमारे बीच नहीं रही.
कुछ समय पूर्व ही उन्हें ब्रेस्ट कैंसर के विषय में पता चला था. एम्स के अनुसार ये आखिरी चरण में था. नहीं पता था कि राष्ट्रपति के हाटों पुरस्कार ग्रहण करने वाली तेजस्वनी यूँ चली जाएगी।
https://youtu.be/f0xjGSn8hPc
प्रसार भारती सीईओ शशि शेखरन की संवेदनाएं-
हमने अपनी तेजस्वनी को खो दिया है। उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना। मैं यह सुनकर हैरान हूं कि दूरदर्शन की मशहूर एंकर नीलम शर्मा अब नहीं रहीं। वह वास्तव में नारी शक्ति की प्रतीक थी जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से मिला ।
वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया का ट्वीट -
नारी शक्ति की मिसाल थी नीलम शर्मा, 2003 में दूरदर्शन के फाउंडिंग एडिटर के तौर पर नीलम शर्मा जी के साथ कई बाऱ एंकरिंग करने का मौका मिला! सौम्य, सरल,प्रखर वक्ता के अलावा उन्होंने हर रुप में एक शानदार भूमिका निभाई। सच में वो दूरदर्शन की कमल थी,
.png)

एक टिप्पणी भेजें