डोईवाला;
पूरा वर्ष भर बीत गया है, दाबड़ा गांव को सरकार से दुहाई देते हुए कि बरसात से पूर्व उनके घरों को मलबे से बचाने का इंतजाम कर दें।यहां तक कि कोर्ट के आदेश को भी नकार दिया प्रशासन ने। आखिरकार आज , अत्यंत बारिश के चलते महादेव खाले ने रौद्र रूप ले लिया। जिस कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। न्यायालय की अवमानना, समय पर पुस्ता निर्माण न करवाना, पिछले वर्ष के मलबे को न उठवाना और महादेव खाले की सही निकासी नही कराना , प्रशासन कि विफलता को दर्शाता है।
आज ,महादेव खाले का पानी व मलवा लोगों के घरों में घुस गया है तथा मौसम को देखते हुए और बरसात होने की संभावना है ।जिससे खाले में आने वाले पानी तथा मालवे से ग्राम वासियों के घरों को जनधन की भारी क्षति होने की संभावना है। जिससे लोगों में डर और भय का माहौल बना हुआ है़।
पूर्व प्रधानाचार्य शकुंतला नेगी के अनुसार महादेव खाला जिस के संबंध में पिछले कुछ समय से संबंधित विभाग तथा शासन को लगातार अवगत कराया जा रहा है और इसकी शिकायत शासन से निरंतर की जा रही है।
परंतु शासन द्वारा कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं की गयी है।
महादेव खाला जो कि ग्राम बागी से शुरू होते हुए ग्राम भोगपुर सारंगघरवाला तेलपूरा होते हुए रानीपोखरी तक जाता था। वर्तमान में कुछ ग्रामीणों द्वारा खाले की भूमि पर अवैध कब्जा कर इस पर अतिक्रमण कर इसकी चौड़ाई को 5 से 6 मीटर कर दिया गया है। जिससे कारण इसमें आने वाला पानी वह मलवा काफी तीव्र गति से आ रहा है। जिससे ग्राम दाबड़ा भोगपुर के कुछ घरों तथा खेतों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
जिससे काफी मात्रा में जनधन की हानि हो रही है तथा खाले के पानी और मलबे की कोई निकासी किए बिना सिंचाई खंण्ड देहरादून द्वारा खाले के दोनों तरफ बिना पैमाइश के पुस्ता निर्माण कर अतिक्रमण को बढ़ावा दिया गया और खाले को कुछ घरों के मुंह पर लाकर छोड़ दिया है और उन घरों की सुरक्षा के लिए कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किए जिसका विरोध कुछ ग्राम वासियों द्वारा किया गया और इसकी शिकायत अपर अभियंता सिंचाई खंड देहरादून उप जिलाधिकारी ऋषिकेश तथा जिलाधिकारी देहरादून को भी की गई थी।
परंतु राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण इस विषय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, सिर्फ संबंधित विभागों द्वारा खोखले आश्वासन दिए जा रहे हैं तथा अभियंता सिंचाई खंड देहरादून के कुछ अधिकारीगण का कहना है कि मुख्यमंत्री जी के आदेश पर पुस्ता निर्माण कार्य किया गया है ।
ग्रामीणों का कहना है कि खाले में पड़े मलबे की सफाई नही की गयी है क्योंकि कुछ असमाजिक तत्व द्वारा इस मलवे को अवैध रूप से खनन किया जाता है।
जिसकी सूचना शासन को भी प्राप्त है। परन्तु इस विषय पर शासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है ।शासन द्वारा इस विषय पर की जा रही लापरवाही से तंग आकर कुछ ग्रामीणों द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है।
जिसके बाद संबंधित विभाग द्वारा कुछ समय पूर्व टूटी फूटी कार्रवाई की गई और संबंधित महादेव खाले की पैमाइश कर अतिक्रमण को चिन्हित किया गया। परंतु कुछ असामाजिक राजनीतिक तत्वों द्वारा इसका राजनीतिकरण किया जा रहा है और राजनीति हस्तक्षेप के कारण संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कारवाही नहीं की जा रही है। जिससे महादेव खाले में आने वाले पानी तथा मलबे से ग्राम दाबड़ा भोगपुर के कुछ घरों व खेतों को नुकसान हो रहा है ।
पूरा वर्ष भर बीत गया है, दाबड़ा गांव को सरकार से दुहाई देते हुए कि बरसात से पूर्व उनके घरों को मलबे से बचाने का इंतजाम कर दें।यहां तक कि कोर्ट के आदेश को भी नकार दिया प्रशासन ने। आखिरकार आज , अत्यंत बारिश के चलते महादेव खाले ने रौद्र रूप ले लिया। जिस कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। न्यायालय की अवमानना, समय पर पुस्ता निर्माण न करवाना, पिछले वर्ष के मलबे को न उठवाना और महादेव खाले की सही निकासी नही कराना , प्रशासन कि विफलता को दर्शाता है।
आज ,महादेव खाले का पानी व मलवा लोगों के घरों में घुस गया है तथा मौसम को देखते हुए और बरसात होने की संभावना है ।जिससे खाले में आने वाले पानी तथा मालवे से ग्राम वासियों के घरों को जनधन की भारी क्षति होने की संभावना है। जिससे लोगों में डर और भय का माहौल बना हुआ है़।
पूर्व प्रधानाचार्य शकुंतला नेगी के अनुसार महादेव खाला जिस के संबंध में पिछले कुछ समय से संबंधित विभाग तथा शासन को लगातार अवगत कराया जा रहा है और इसकी शिकायत शासन से निरंतर की जा रही है।
परंतु शासन द्वारा कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं की गयी है।
महादेव खाला जो कि ग्राम बागी से शुरू होते हुए ग्राम भोगपुर सारंगघरवाला तेलपूरा होते हुए रानीपोखरी तक जाता था। वर्तमान में कुछ ग्रामीणों द्वारा खाले की भूमि पर अवैध कब्जा कर इस पर अतिक्रमण कर इसकी चौड़ाई को 5 से 6 मीटर कर दिया गया है। जिससे कारण इसमें आने वाला पानी वह मलवा काफी तीव्र गति से आ रहा है। जिससे ग्राम दाबड़ा भोगपुर के कुछ घरों तथा खेतों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
जिससे काफी मात्रा में जनधन की हानि हो रही है तथा खाले के पानी और मलबे की कोई निकासी किए बिना सिंचाई खंण्ड देहरादून द्वारा खाले के दोनों तरफ बिना पैमाइश के पुस्ता निर्माण कर अतिक्रमण को बढ़ावा दिया गया और खाले को कुछ घरों के मुंह पर लाकर छोड़ दिया है और उन घरों की सुरक्षा के लिए कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किए जिसका विरोध कुछ ग्राम वासियों द्वारा किया गया और इसकी शिकायत अपर अभियंता सिंचाई खंड देहरादून उप जिलाधिकारी ऋषिकेश तथा जिलाधिकारी देहरादून को भी की गई थी।
परंतु राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण इस विषय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, सिर्फ संबंधित विभागों द्वारा खोखले आश्वासन दिए जा रहे हैं तथा अभियंता सिंचाई खंड देहरादून के कुछ अधिकारीगण का कहना है कि मुख्यमंत्री जी के आदेश पर पुस्ता निर्माण कार्य किया गया है ।
ग्रामीणों का कहना है कि खाले में पड़े मलबे की सफाई नही की गयी है क्योंकि कुछ असमाजिक तत्व द्वारा इस मलवे को अवैध रूप से खनन किया जाता है।
जिसकी सूचना शासन को भी प्राप्त है। परन्तु इस विषय पर शासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है ।शासन द्वारा इस विषय पर की जा रही लापरवाही से तंग आकर कुछ ग्रामीणों द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है।
जिसके बाद संबंधित विभाग द्वारा कुछ समय पूर्व टूटी फूटी कार्रवाई की गई और संबंधित महादेव खाले की पैमाइश कर अतिक्रमण को चिन्हित किया गया। परंतु कुछ असामाजिक राजनीतिक तत्वों द्वारा इसका राजनीतिकरण किया जा रहा है और राजनीति हस्तक्षेप के कारण संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कारवाही नहीं की जा रही है। जिससे महादेव खाले में आने वाले पानी तथा मलबे से ग्राम दाबड़ा भोगपुर के कुछ घरों व खेतों को नुकसान हो रहा है ।
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