नैनीताल :
वन महोत्सव सप्ताह के अन्तर्गत शनिवार को वन विभाग द्वारा हनुमान गढ़ी में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में मण्डलायुक्त राजीव रौतेला, डीआईजी जगत राम जोशी, मुख्य वन संरक्षक डाॅ’.विवेक पाण्डेय द्वारा कैमोलिया, देवदार के पौधों का रोपण किया गया। श्री रौतेला ने कहा कि बढ़ रहे वैश्विक तापमान तथा जल संकट से निपटने के लिए वृहद्ध स्तर पर पौधारोपण करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण से ही इस धरा का आवरण हैं, इससे ही धरा की सुन्दरता भी बनती है।
कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए मण्डलायुक्त श्री रौतला ने कहा कि हमें वनों को बढ़ाने के साथ ही उन्हें संरक्षित करना होगा। पेड़ ही मानव जीवन के साथ ही जीव-जन्तुओं के जीवन चक्र से जुड़ा है। पर्यावरण शुद्धता के साथ ही स्वच्छ हवा, पानी भी इन्हीं पेड़ पौधे के कारण मिलती है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण का वृहद्ध अभियान के साथ ही जल संचय, संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य किए जा रहे हैं। पौध लगाने के साथ ही उन्हें जीवित रखने के लिए हमें उनकी देखरेख भी करनी होगी। उन्होंने कहा कि पौधा रोपण हेतु सही मोसम के साथ ही क्षेत्रीय वातावरण के अनुसार ही पौधों का चयन कर रोपित किया जाए।
सीसीएफ कुमाऊॅ डाॅ.विवेक पाण्डेय ने कहा कि पौधारोपण किसी विशेष दिवस पर न कर, वर्ष भर मौसम के अनुसार किया जाना चाहिए। पौधारोपण के साथ ही उन्हें बचाना अत्यावश्यक है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण अभियान से बच्चों को जोड़ना चाहिए ताकि वे पौधों के महत्व को समझते हुए पौधों को बचाने में सहयोग कर सकेें। उन्होंने कहा प्रत्येक नागरिक को वन एवं वन्य जीवों के महत्व को समझना होगा तथा उनके संरक्षण हेतु जागरूक होना होगा, यही वन महोत्सव का उद्देश्य है। कार्यक्रम में विभिन्न प्रजाति के 200 पौंधे लगाए गए।
डीआईजी जगत राम जोशी, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएन पाण्डेय, वन संरक्षक डाॅ.पराग मधुकर धकाते, तेजस्विनी पाटिल धकाते, प्रभागीय वनाधिकारी टीआर बीजूलाल, नितिश मणि त्रिपाठी, आरएस बिष्ट, रचिता जुयाल, अपर आयुक्त संजय कुमार खेतवाल, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या राजेन्द्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
वन महोत्सव सप्ताह के अन्तर्गत शनिवार को वन विभाग द्वारा हनुमान गढ़ी में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में मण्डलायुक्त राजीव रौतेला, डीआईजी जगत राम जोशी, मुख्य वन संरक्षक डाॅ’.विवेक पाण्डेय द्वारा कैमोलिया, देवदार के पौधों का रोपण किया गया। श्री रौतेला ने कहा कि बढ़ रहे वैश्विक तापमान तथा जल संकट से निपटने के लिए वृहद्ध स्तर पर पौधारोपण करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण से ही इस धरा का आवरण हैं, इससे ही धरा की सुन्दरता भी बनती है।
कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए मण्डलायुक्त श्री रौतला ने कहा कि हमें वनों को बढ़ाने के साथ ही उन्हें संरक्षित करना होगा। पेड़ ही मानव जीवन के साथ ही जीव-जन्तुओं के जीवन चक्र से जुड़ा है। पर्यावरण शुद्धता के साथ ही स्वच्छ हवा, पानी भी इन्हीं पेड़ पौधे के कारण मिलती है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण का वृहद्ध अभियान के साथ ही जल संचय, संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य किए जा रहे हैं। पौध लगाने के साथ ही उन्हें जीवित रखने के लिए हमें उनकी देखरेख भी करनी होगी। उन्होंने कहा कि पौधा रोपण हेतु सही मोसम के साथ ही क्षेत्रीय वातावरण के अनुसार ही पौधों का चयन कर रोपित किया जाए।
सीसीएफ कुमाऊॅ डाॅ.विवेक पाण्डेय ने कहा कि पौधारोपण किसी विशेष दिवस पर न कर, वर्ष भर मौसम के अनुसार किया जाना चाहिए। पौधारोपण के साथ ही उन्हें बचाना अत्यावश्यक है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण अभियान से बच्चों को जोड़ना चाहिए ताकि वे पौधों के महत्व को समझते हुए पौधों को बचाने में सहयोग कर सकेें। उन्होंने कहा प्रत्येक नागरिक को वन एवं वन्य जीवों के महत्व को समझना होगा तथा उनके संरक्षण हेतु जागरूक होना होगा, यही वन महोत्सव का उद्देश्य है। कार्यक्रम में विभिन्न प्रजाति के 200 पौंधे लगाए गए।
डीआईजी जगत राम जोशी, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएन पाण्डेय, वन संरक्षक डाॅ.पराग मधुकर धकाते, तेजस्विनी पाटिल धकाते, प्रभागीय वनाधिकारी टीआर बीजूलाल, नितिश मणि त्रिपाठी, आरएस बिष्ट, रचिता जुयाल, अपर आयुक्त संजय कुमार खेतवाल, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या राजेन्द्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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