त्रिभाषा फार्मूला को लेकर कस्तूरीरंगन समिति ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का ड्राफ्ट कल सरकार को सौंपा।
समिति ने कहा कि संशोधित मसौदा अब 30 दिनों की अवधि के लिए राज्यों और जनता से प्रतिक्रिया के लिए अपलोड किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मसौदा सिफारिशी था और यह कहने के लिए संशोधित किया गया है कि छात्रों को स्कूलों में त्रि -भाषा मॉडल के तहत भाषा की पसंद पर लचीलापन दिया जाए। संशोधित मसौदे में उपलब्ध भाषाओं का चुनाव राज्य बोर्डों के लिए छोड़ दिया गया है।
मानव संसाधन विकास सचिव आर। सुब्रह्मण्यम ने दोहराया है कि मसौदा सरकार की नीति नहीं है, बल्कि समिति की सिफारिशें हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा था कि सभी हितधारकों - आम जनता और राज्य सरकारों - से तीनों पर अंतिम फैसला लेने से पहले उनसे सलाह ली जाएगी।
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