धनौल्टी :
देवेंद्र बेलवाल
तहसील और थौलधार के गांव दर्जनों गांवो आज भी जगलता की टूटी-फूटी सड़क पर चलने को मजबूर हैं । वनविभाग ने आपने लियें कच्ची सड़क बनाईं थी ,धनौल्टी से नाग टिब्बा तक चालीसा साल पहले।
मगर आजादी के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की कई सरकारें आयी ,इस सड़क मार्ग पर किसी नेता ने और न सरकार ने ध्यान नहीं दिया। जबकि इस मार्ग पर कई दुर्घटना हो चुकी है। फिर भी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है । यहाँ के स्थानीय लोगों ने कई बार शासन प्रशासन से वन विभाग से लोनिवि को हस्तांतरित करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में नगदी फसलों के बहुत होती है, जिससे मण्डी भेजने में भारी परेशानी होती है। किसी तरह तो पक्की सड़क तक पहुंचाया जा है ,मगर धोडे खच्चरों के द्वारा किसी प्रकार ,देहरादून भेजते है , तो उसकी सही दाम नहीं मिल पाते है।
यहां के लोगों कहना है कि धनौल्टी से मोरिरण तक भी बनती, तो उत्तरकाशी वाली सड़क से यह सड़क जुड़ जाती और देहरादून से उत्तरकाशी नज़दीक होता साथ ही इस मार्ग मे यात्री और पर्यटकों आने से लोगों को रोजगार मिलता ।
स्थानीय लोगों प्रधान सुमित्रा देवी क्षेत्र पंचायत सदस्य तपेन्दर बेलवाल ,प्रधान व्यापार मण्डल अध्यक्ष रधुवीर रमोला, वीपीन नेगी ,जयबीर राणा, रणबीर सिंह राणा ,सज्जन प्रधान, डान्डा की बैली, देवेन्द्र बेलवाल, कुलदीप नेगी, मनोज उनियाल ,सोवन गुसांईं ,महीपाल बेलवाल आदि ने सड़क के निर्माण का सरकार से आग्रह किया है.
देवेंद्र बेलवाल
तहसील और थौलधार के गांव दर्जनों गांवो आज भी जगलता की टूटी-फूटी सड़क पर चलने को मजबूर हैं । वनविभाग ने आपने लियें कच्ची सड़क बनाईं थी ,धनौल्टी से नाग टिब्बा तक चालीसा साल पहले।
मगर आजादी के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की कई सरकारें आयी ,इस सड़क मार्ग पर किसी नेता ने और न सरकार ने ध्यान नहीं दिया। जबकि इस मार्ग पर कई दुर्घटना हो चुकी है। फिर भी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है । यहाँ के स्थानीय लोगों ने कई बार शासन प्रशासन से वन विभाग से लोनिवि को हस्तांतरित करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में नगदी फसलों के बहुत होती है, जिससे मण्डी भेजने में भारी परेशानी होती है। किसी तरह तो पक्की सड़क तक पहुंचाया जा है ,मगर धोडे खच्चरों के द्वारा किसी प्रकार ,देहरादून भेजते है , तो उसकी सही दाम नहीं मिल पाते है।
यहां के लोगों कहना है कि धनौल्टी से मोरिरण तक भी बनती, तो उत्तरकाशी वाली सड़क से यह सड़क जुड़ जाती और देहरादून से उत्तरकाशी नज़दीक होता साथ ही इस मार्ग मे यात्री और पर्यटकों आने से लोगों को रोजगार मिलता ।
स्थानीय लोगों प्रधान सुमित्रा देवी क्षेत्र पंचायत सदस्य तपेन्दर बेलवाल ,प्रधान व्यापार मण्डल अध्यक्ष रधुवीर रमोला, वीपीन नेगी ,जयबीर राणा, रणबीर सिंह राणा ,सज्जन प्रधान, डान्डा की बैली, देवेन्द्र बेलवाल, कुलदीप नेगी, मनोज उनियाल ,सोवन गुसांईं ,महीपाल बेलवाल आदि ने सड़क के निर्माण का सरकार से आग्रह किया है.
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