ऋषिकेश/खदरी;
कैमरामैन का आंखों देखा हाल--
दीपक रयाल
ये हाथी एक दांत वाला है और रात 9 बजे से पहले ही खदरी ग्रामसभा में घुस जाता है औऱ सुबह 5 बजे के बाद ही वापस जाता है। लेकिन किसी के भी घर को नुकसान नही पहुंचाता है। रास्ते रास्ते आता है और रास्ते रास्ते वापस चला जाता है।
बस खेतो और बगीचों में तो जाना उसका स्वाभाविक भी है वरना खायेगा क्या बेचारा। जानवरों की आमद अपने ही चिरपरिचित स्थानों पर होती है। उनके स्वभाव को जानना सरल नही मुश्किल होता है। फिर भी इंसानो को तंग किये बगैर चुपचाप अपने रास्ते चले जाना उन्हें ज्यादा अच्छा लगता है। प्रकृति प्रेमी लोगो के लिये ये शानदार जानदार वीडियो है परिणति ग्रामीणों को भयभीत कर सकती है। फिर भी निवेदन है कि विशलकय जानवर के सामने आने से बचें और अनावश्यक उसे नुकसान न पंहुचाये।
कैमरामैन का आंखों देखा हाल--
दीपक रयाल
ये हाथी एक दांत वाला है और रात 9 बजे से पहले ही खदरी ग्रामसभा में घुस जाता है औऱ सुबह 5 बजे के बाद ही वापस जाता है। लेकिन किसी के भी घर को नुकसान नही पहुंचाता है। रास्ते रास्ते आता है और रास्ते रास्ते वापस चला जाता है।
बस खेतो और बगीचों में तो जाना उसका स्वाभाविक भी है वरना खायेगा क्या बेचारा। जानवरों की आमद अपने ही चिरपरिचित स्थानों पर होती है। उनके स्वभाव को जानना सरल नही मुश्किल होता है। फिर भी इंसानो को तंग किये बगैर चुपचाप अपने रास्ते चले जाना उन्हें ज्यादा अच्छा लगता है। प्रकृति प्रेमी लोगो के लिये ये शानदार जानदार वीडियो है परिणति ग्रामीणों को भयभीत कर सकती है। फिर भी निवेदन है कि विशलकय जानवर के सामने आने से बचें और अनावश्यक उसे नुकसान न पंहुचाये।
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