रुद्रप्रयाग :
भूपेंद्र भंडारी
कुरता पायजामा पहने , कंधे पर बैग टाँगे एक तीर्थ यात्री कुछ खोई खोई नज़रों से आपको अकेले खड़ा हुआ और कुछ ढूंढ़ता हुआ नज़र आये. अनावश्यक ही आप से गाड़ियों के विषय में पूछताछ करे तो जानिए कलेक्टर साहब है.
जी हाँ अभिनय के द्वारा सच्चाई से रूबरू होना और भेष बदलकर आम जनता के बीच में जाकर समस्याओं को खुद ही देखना अगर किसी को आता है तो वे है, रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल।
चारधाम यात्रा में विशेष तौर से समस्याओं की सच्चाई तक पंहुचने के लिए इस वर्ष भी डीएम रुद्रप्रयाग ने वेश बदला और चल दिए तीर्थ यात्रा पर ----
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल अपने सौम्य व्यवहार और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सकारात्मक रूप में कार्य करवाने के लिए जाने जाते हैं लेकिन पिछले कुछ समय से जिलाधिकारी के इसी व्यवहार के कारण अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निवर्हन सही से नहीं कर रहे थे, केदारनाथ यात्रा पर भी कुछ ऐसा ही हो रहा है ऐसे में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने सख्त रूप अपनाने के साथ ही नये तरीके भी ढूंढा है।
वैसे तो रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल नये-नये तौर-तरीकों से कार्य करने में अक्सर सुर्खिंयों में रहते हैं। उनके काम करने की शैली सबसे अलग प्रशासकों में है। अपनी सौम्य, सरल, सहज स्वभाव के कारण हर कोई उनका मुरीद बना हुआ है। लेकिन प्रशासनिक तंत्र जिलाधिकारी का गलत फायदा उठा रहे हैं जिस कारण वे अपनी जिम्मेदारियों का निवर्हन सही से नहीं कर रहे हैं। लेकिन जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने इसका भी तोड़ निकाला और यात्री बनकर केदारनाथ में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर एक्शन मोड़ में नजर आए।
कुर्ता-पहजाम और सर पर टोपी, कंधे पर बैग लटकाए जब सोनप्रयाग से केदारनाथ की तरफ पैदल ही जिलाधिकारी यात्री बनकर निरीक्षण पर निकले तो उन्होंने कहीं अव्यवस्थायें पाई। जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग अनुसार पानी की व्यवस्था न होने पर उन्होंने जल संस्थान पर दस हजार के जुर्माना के साथ ही अवर अभियंता को निलंबन करने की संस्तुति भी दी है।
जबकि पैदल रास्ते पर सफाई व्यवस्था न होने पर सुलभ इंटरनेशनल पर 5 लाख का जुर्माना करने के साथ ही संबंधित कार्मिंक को हटाने के निर्देश दिए। जबकि गौरीकुण्ड पुलिस चैकी प्रभारी पर लापवाही बरने के कारण उन्हें वहां से हटाये जाने की संस्तुत दी गई।
केदारनाथ की यात्रा में पैदल वेश बदलकर गए जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने रात्रि विश्राम गौरीकुण्ड घोड़ा पड़ाव पर किया। जिलाधिकारी एक आम श्रद्धालु की तरह वहां रहे और उन्होंने विभिन्न व्यवस्थओं का जायदा लिया। सोनप्रयाग पार्किंग में गंदगी पर उन्होंन पार्किंग मालिक पर 15 हजार का जुर्माना लिया। जबकि सोनप्रयाग में पुलिस के जवानों द्वारा अच्छी ड्यूटी पर भी डीएम ने खुशी जताई साथी अच्छे कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने को भी कहा।
हेली टिकटों की कालाबाजारी की खबरों के चलते यहां के सभी हेली पैड़ों पर वे यात्री के वैश में गए और उन्होंने ब्लैक टिकटों की मांग की लेकिन स्थानीय स्तर पर उन्हें कालाबाजारी की पुष्टि नहीं हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि बाहर के एजेंटों द्वारा हेली के नाम पर यात्रियों को ठगा जा रहा है।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल द्वारा पिछले वर्ष भी हेलीपेडो पर यात्री बनकर गए थे तब उन्होंने कई हैली कम्पनियों द्वारा अनिमिताएं बरतने पर उन्हें जुर्माना किया था। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की इस कार्य से जनता में खुशी है और प्रशासनिक तंत्र में हडकंम्प मचा हुआ है। निश्चित रूप से इस प्रकार की कार्यवाही से सकारात्मक परिणाम निकलेंगे और व्यवस्थाएं सुधरेंगी।
भूपेंद्र भंडारी
कुरता पायजामा पहने , कंधे पर बैग टाँगे एक तीर्थ यात्री कुछ खोई खोई नज़रों से आपको अकेले खड़ा हुआ और कुछ ढूंढ़ता हुआ नज़र आये. अनावश्यक ही आप से गाड़ियों के विषय में पूछताछ करे तो जानिए कलेक्टर साहब है.
जी हाँ अभिनय के द्वारा सच्चाई से रूबरू होना और भेष बदलकर आम जनता के बीच में जाकर समस्याओं को खुद ही देखना अगर किसी को आता है तो वे है, रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल।
चारधाम यात्रा में विशेष तौर से समस्याओं की सच्चाई तक पंहुचने के लिए इस वर्ष भी डीएम रुद्रप्रयाग ने वेश बदला और चल दिए तीर्थ यात्रा पर ----
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल अपने सौम्य व्यवहार और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सकारात्मक रूप में कार्य करवाने के लिए जाने जाते हैं लेकिन पिछले कुछ समय से जिलाधिकारी के इसी व्यवहार के कारण अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निवर्हन सही से नहीं कर रहे थे, केदारनाथ यात्रा पर भी कुछ ऐसा ही हो रहा है ऐसे में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने सख्त रूप अपनाने के साथ ही नये तरीके भी ढूंढा है।
वैसे तो रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल नये-नये तौर-तरीकों से कार्य करने में अक्सर सुर्खिंयों में रहते हैं। उनके काम करने की शैली सबसे अलग प्रशासकों में है। अपनी सौम्य, सरल, सहज स्वभाव के कारण हर कोई उनका मुरीद बना हुआ है। लेकिन प्रशासनिक तंत्र जिलाधिकारी का गलत फायदा उठा रहे हैं जिस कारण वे अपनी जिम्मेदारियों का निवर्हन सही से नहीं कर रहे हैं। लेकिन जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने इसका भी तोड़ निकाला और यात्री बनकर केदारनाथ में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर एक्शन मोड़ में नजर आए।
कुर्ता-पहजाम और सर पर टोपी, कंधे पर बैग लटकाए जब सोनप्रयाग से केदारनाथ की तरफ पैदल ही जिलाधिकारी यात्री बनकर निरीक्षण पर निकले तो उन्होंने कहीं अव्यवस्थायें पाई। जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग अनुसार पानी की व्यवस्था न होने पर उन्होंने जल संस्थान पर दस हजार के जुर्माना के साथ ही अवर अभियंता को निलंबन करने की संस्तुति भी दी है।
जबकि पैदल रास्ते पर सफाई व्यवस्था न होने पर सुलभ इंटरनेशनल पर 5 लाख का जुर्माना करने के साथ ही संबंधित कार्मिंक को हटाने के निर्देश दिए। जबकि गौरीकुण्ड पुलिस चैकी प्रभारी पर लापवाही बरने के कारण उन्हें वहां से हटाये जाने की संस्तुत दी गई।
केदारनाथ की यात्रा में पैदल वेश बदलकर गए जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने रात्रि विश्राम गौरीकुण्ड घोड़ा पड़ाव पर किया। जिलाधिकारी एक आम श्रद्धालु की तरह वहां रहे और उन्होंने विभिन्न व्यवस्थओं का जायदा लिया। सोनप्रयाग पार्किंग में गंदगी पर उन्होंन पार्किंग मालिक पर 15 हजार का जुर्माना लिया। जबकि सोनप्रयाग में पुलिस के जवानों द्वारा अच्छी ड्यूटी पर भी डीएम ने खुशी जताई साथी अच्छे कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने को भी कहा।
हेली टिकटों की कालाबाजारी की खबरों के चलते यहां के सभी हेली पैड़ों पर वे यात्री के वैश में गए और उन्होंने ब्लैक टिकटों की मांग की लेकिन स्थानीय स्तर पर उन्हें कालाबाजारी की पुष्टि नहीं हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि बाहर के एजेंटों द्वारा हेली के नाम पर यात्रियों को ठगा जा रहा है।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल द्वारा पिछले वर्ष भी हेलीपेडो पर यात्री बनकर गए थे तब उन्होंने कई हैली कम्पनियों द्वारा अनिमिताएं बरतने पर उन्हें जुर्माना किया था। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की इस कार्य से जनता में खुशी है और प्रशासनिक तंत्र में हडकंम्प मचा हुआ है। निश्चित रूप से इस प्रकार की कार्यवाही से सकारात्मक परिणाम निकलेंगे और व्यवस्थाएं सुधरेंगी।
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