हरिद्वार;
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निर्मल आश्रम ज्ञान दान एकेडमी, ऋषिकेश के कक्षा पांच के 67 विधार्थियों को धार्मिक संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से विद्यालय प्रबन्धन परम पूज्य महाराज के आशीर्वाद से बच्चों को हरिद्वार शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों का भ्रमण करवाया।
स्कूल प्रधानाचार्य श्री रणबीर सिंह नेगी व प्रधानाध्यापिका श्रीमती अमृत पाल डंग ने स्कूल से हरी झंडी देकर बच्चो को भ्रमण हेतु रवाना किया ।
स्कूल के बच्चों ने हरिद्वार के भूपतवाला स्थित पावन धाम में काँच का मन्दिर, श्रीकृष्ण मन्दिर, राम मंदिर, शिवालय मंदिर व श्री भूमा निकेतन आश्रम एवं घाट, जैसे पौराणिक मंदिरों में पहुंच पूजा-अर्चाना की विधि व मंदिरों के इतिहास के बारे में जानने का प्रयास किया।
बच्चों को भ्रमण करवाने वाली कमेटी में स्कूल शिक्षकगण दिनेश पैन्यूली, जुही सचदेवा, सारिका अरोड़ा, विजेता, ज्योति वर्मा मुख्य रूप से साथ ही सहायक गण में हेमा थापा, वासुदेव पोखरियाल, घनानंद रौतेला, प्रवीण पंवार, श्याम सिंह सरीयाल मौजूद थे ।
बच्चों के इस भ्रमण कार्यक्रम के बारे में बताते हुए स्कूल की प्रधानाध्यापिका श्रीमती अमृत पाल डंग ने कहा कि बच्चे हमारे समाज और देश का उज्जवल भविष्य है। ऐसे में इन बच्चों में हमारे इतिहास, परंपराएं और धार्मिंक संस्कारों का ज्ञान रूपी भंडारण किए जाने की हमारी विशेष जिम्मेवारी बनती है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा का मंदिर अर्थात स्कूल ही एकमात्र ऐसा माध्यम रह गया है, जहां बच्चों को नैतिकता का भी पाठ पढ़ाते हुए उन्हें विभिन्न मुद्दों से जोड़ा जाता है। स्कूल प्रबंधन का यह प्रयास रहता है कि बच्चों को शिक्षा ज्ञान के साथ-साथ बड़ों का आदर-सत्कार, धार्मिक संस्कारों आदि से भी अवगत करवाया जाए ताकि उनके प्रबुद्ध नागरिक बनने की नींव छोटी कक्षाओं से ही शुरू हो सके। उन्होंने बच्चों के इस धार्मिक स्थल भ्रमण को उत्साहजनक करार देते हुए आगे भी इस प्रकार के प्रयास जारी रहने की बात कही।
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निर्मल आश्रम ज्ञान दान एकेडमी, ऋषिकेश के कक्षा पांच के 67 विधार्थियों को धार्मिक संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से विद्यालय प्रबन्धन परम पूज्य महाराज के आशीर्वाद से बच्चों को हरिद्वार शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों का भ्रमण करवाया।
स्कूल प्रधानाचार्य श्री रणबीर सिंह नेगी व प्रधानाध्यापिका श्रीमती अमृत पाल डंग ने स्कूल से हरी झंडी देकर बच्चो को भ्रमण हेतु रवाना किया ।
स्कूल के बच्चों ने हरिद्वार के भूपतवाला स्थित पावन धाम में काँच का मन्दिर, श्रीकृष्ण मन्दिर, राम मंदिर, शिवालय मंदिर व श्री भूमा निकेतन आश्रम एवं घाट, जैसे पौराणिक मंदिरों में पहुंच पूजा-अर्चाना की विधि व मंदिरों के इतिहास के बारे में जानने का प्रयास किया।
बच्चों को भ्रमण करवाने वाली कमेटी में स्कूल शिक्षकगण दिनेश पैन्यूली, जुही सचदेवा, सारिका अरोड़ा, विजेता, ज्योति वर्मा मुख्य रूप से साथ ही सहायक गण में हेमा थापा, वासुदेव पोखरियाल, घनानंद रौतेला, प्रवीण पंवार, श्याम सिंह सरीयाल मौजूद थे ।
बच्चों के इस भ्रमण कार्यक्रम के बारे में बताते हुए स्कूल की प्रधानाध्यापिका श्रीमती अमृत पाल डंग ने कहा कि बच्चे हमारे समाज और देश का उज्जवल भविष्य है। ऐसे में इन बच्चों में हमारे इतिहास, परंपराएं और धार्मिंक संस्कारों का ज्ञान रूपी भंडारण किए जाने की हमारी विशेष जिम्मेवारी बनती है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा का मंदिर अर्थात स्कूल ही एकमात्र ऐसा माध्यम रह गया है, जहां बच्चों को नैतिकता का भी पाठ पढ़ाते हुए उन्हें विभिन्न मुद्दों से जोड़ा जाता है। स्कूल प्रबंधन का यह प्रयास रहता है कि बच्चों को शिक्षा ज्ञान के साथ-साथ बड़ों का आदर-सत्कार, धार्मिक संस्कारों आदि से भी अवगत करवाया जाए ताकि उनके प्रबुद्ध नागरिक बनने की नींव छोटी कक्षाओं से ही शुरू हो सके। उन्होंने बच्चों के इस धार्मिक स्थल भ्रमण को उत्साहजनक करार देते हुए आगे भी इस प्रकार के प्रयास जारी रहने की बात कही।
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