मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) ने .एयर फोर्स स्टेशन येलहंका, बेंगलुरु में आयोजित यूएवी की पहली 'ड्रोन ओलंपिक प्रतियोगिता के साथ एयरो इंडिया 2019 में धमाकेदार प्रवेश किया है। एयरो इंडिया प्रदर्शनी की विषयवस्तु ‘रनवे टू ए बिलियन अपॉर्चुनिटीज’ है। इसने अंतर्राष्ट्रीय विमान क्षेत्र में व्यापार को बढ़ाने और भारत की विमानन प्रगति का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराया है। इसमें पहले से ही भारत और विदेशों से बड़ी संख्या में पंजीकरण हो चुके हैं। अपने बैनर के तहत रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित ड्रोन ओलंपिक्स का उद्देश्य यूएवी उद्योग को देश में संभावित खरीददारों और व्यापार भागीदारों के साथ जोड़ना तथा यूएवी की क्षमताओं का आकंलन करने के लिए सशस्त्र बलों को अवसर उपलब्ध कराना भी है। इसकी भूमिका रक्षा क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। यह आसूचना निगरानी, टोही, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और मिशनों को लागू करने के लिए आदर्श मंच है। इस प्रतियोगिता में कंपनियों और व्यक्तियों दोनों से ही भारी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। 120 से भी अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 57 आवेदकों को उपयुक्त पाए जाने पर भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था।
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प्रतियोगिता के प्रारंभिक दौर 18 से 19 फरवरी, 2019 तक बेंगलुरू के जक्कुर एरोड्रम में आयोजित किये गए। प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न कंपनियों की टीमों और व्यक्तिगत रूप से डिजाइन किए गए विभिन्न चुनौतियों के दौरान ड्रोन कार्य करते हुए देखे गए। इन चुनौतियों में निगरानी प्रतियोगिता, आपूर्ति ड्रोप और उड़ान चुनौतियों के निर्माण का मूल्यांकन किया गया। प्रतियोगिता के फाइनल 21 फरवरी, 2019 को एयर फोर्स स्टेशन येलहंका बेंगलुरु में आयोजित किए गए, जहाँ सभी फाइनलिस्टों ने विभिन्न श्रेणियों में भाग लिया। इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में नवाचार समाधान और प्रतिभागियों द्वारा नवीनतम तकनीकी प्रगति के अनुभव समाधानों के उपयोग को देखा गया। प्रत्येक प्रतियोगिता के विजेताओं को पदक और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने वाली टीमों का प्रतियोगिता-वार विवरण निम्नानुसार है:
प्रतियोगिता की किस्म
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स्वर्ण पदक
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रजत पदक
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कांस्य पदक
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निगरानी: निश्चित वीटीओएल
(मल्टीरोट) <4 किग्रा
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सागर रक्षा
(नकद पुरस्कार 3,00,000/ - रु)
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ड्रोवेंजर क्वाड
(नकद पुरस्कार 1,50,000/ - रु)
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टीम एस्टेरिया
(नकद इनाम
50,000 / -रुपये)
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निगरानी: निश्चित वीटीओएल
(मल्टीरोट)> 4 किग्रा
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ड्रोवेंजर क्वाड
(नकद पुरस्कार 3,00,000/ - रु)
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टीम धक्शा
(नकद पुरस्कार 1,50,000/ - रु)
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मॉडल एविएशन (नकद इनाम
50,000 /- रुपये)
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निगरानी: हाइब्रिड डिज़ाइन 4-20 किलोग्राम
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टीम धक्शा
(नकद पुरस्कार 3,00,000/ - रु)
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लक्ष्य फ्लाइंग सिस्टम –आईआईएससी
(नकद पुरस्कार 1,50,000/ - रु)
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टीम शैक इमरान (नकद इनाम
50,000 /- रुपये)
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आपूर्ति ड्रॉप चैलेंज
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थानोस टेक्नोलॉजीज (नकद पुरस्कार 5,00,000/ - रु)
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सागर रक्षा
(नकद पुरस्कार 3,00,000/ - रु)
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आईआईटी कानपुर(नकद पुरस्कार 1,50,000/ - रु)
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फ्लाइंग फॉर्मेशन
चुनौती
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यूएएस दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय
(नकद पुरस्कार 5,00,000/ - रु)
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धक्शा
(नकद पुरस्कार 3,00,000/ - रु)
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एफपीवी बैंगलोर
(नकद पुरस्कार 1,50,000/ - रु)
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एटीएल ड्रोन मॉड्यूल का उद्देश्य भारत के युवाओं को प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी देना और ड्रोन को एक उपकरण के रूप में उपयोग करते हुए समुदाय मुद्दों की पहचान करने और उनका समाधान करने में मदद करना है। इस प्रतियोगिता के विजेताओं को इस वर्ष के अंत में यूएसए में आयोजित लॉकहीड मार्टिन की अल्फा पायलट रेस के दौरान मानव मशीन की सर्वश्रेष्ठ बातचीत के प्रदर्शन के दौरान आमंत्रित किया जाएगा।
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