हरिद्वार;
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है और बोलने की आजादी पर काले बादल मंडरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 बदलाव का वर्ष है और राहुल गांधी परिवर्तन के प्रतीक हैं।
बुधवार को ज्वालापुर के पैलेस में अपने सम्मान में आयोजित समारोह में रावत ने यह बात कही। देश में मॉब लिं¨चग की घटनाओं पर हरीश रावत ने कहा कि सनातन धर्म व भारत की वसुधैव कुटुंबकम, सहिष्णुता और सबको आदर देकर साथ चलने की परंपरा समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। कुछ लोग निहत्थों को घेरकर जान से मार डालते हैं। एक इंस्पेक्टर बुलंदशहर में अपने कर्तव्य का पालन करने के लिए ¨हसक भीड़ के आगे खड़ा हो जाता है तो उस पर कुल्हाड़ी व गोली से मार दिया जाता है।
समारोह में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक अली, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, पूर्व दर्जाधारी नईम अख्तर कुरैशी व मकबूल कुरैशी, छम्मन पीरजी, पार्षद सुहेल कुरैशी, इसरार सलमानी, राजीव चौधरी, मनीष कर्णवाल, एडवोकेट मनोहर लाल शर्मा नासिर परवेज वीरेंद्र ठाकुर सुधीर शांडिल्य अंशुल श्रीकुंज आदि मौजूद रहे। संचालन पुरुषोत्तम शर्मा व राजीव चौधरी ने सयुंक्त रूप से किया। वहीं स्वागत कार्यक्रम पर स्थानीय को लोकसभा चुनाव लड़ाए जाने की मांग का असर देखने को मिला पार्टी के विधायकों के अलावा में और पार्षद भी नहीं पहुंचे ।
यहां तक की स्वागत कार्यक्रम में कांग्रेस के तमाम पूर्व पदाधिकारी भी नदारद रहे। बता दें कि कांग्रेस भाजपा और बहुजन समाज पार्टी में इन दिनों स्थानीय नेता को लोकसभा चुनाव लड़ाए जाने की मांग जोर पकड़े हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते हैं ।आज का उनका स्वागत कार्यक्रम लोकसभा चुनाव की तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है। समझा जा रहा है कि असली स्थान ने नेता को चुनाव लड़ाए जाने की मांग करने वाले सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने स्वागत कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी।
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