ऋषिकेश :
उत्तम सिंह
ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। लोग बंदरों के आतंक से परेशान है।आबादी क्षेत्र में बंदरों की दखल से मनुष्य व बंदरों के बीच संघर्ष भी बढ़ रहा है। बन्दर लोगों पर हमला कर जख्मी कर रहे है। सामाजिक कार्यकर्ता यशवंत सिंह भंडारी ने प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून से इन उत्पाती बंदरों के आतंक से निजात दिलाये जाने की मांग की है। चेताया है कि बंदरों के हमले से किसी भी प्रकार की दुर्घटना के लिए वन विभाग जिम्मेदार होगा।
हाथी व गुलदार के आतंक के बाद श्यामपुर क्षेत्र में बंदरों के आतंक ने लोगो का जीना दुश्वार कर दिया है। बन्दर खेत खलिहान से लेकर घर आंगन में जमकर उत्पात मचा रहे है। बन्दर खेतों में फसल, घर के आंगन मे धमाचौकड़ी मचाकर फल सब्जियों को बर्बाद कर चौपट कर रहे है। क्षेत्र में बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि डर के मारे लोग अपने बच्चों को घर से बाहर अकेले भेजने से घबरा रहे है। बन्दर कई बार लोगों पर झपटकर सामान छीन कर भाग जाते है। सामान झपटने के चक्कर मे कई बार लोगों पर हमला कर जख्मी कर देते है। महिलाओं का कहना है कि अब उन्हें घर से बाहर निकलने में डर लगने लगा है। बन्दर उन्हें काटने को कई बार झपट चुका है। बन्दर घरों की छत व बालकनी पर कब्जा जमा लेते है। व मौका मिलते ही घरों में घुसकर खाने की तलाश में सारा सामान बिखेर देते है। भगाने पर हमला करते है। डी एफ ओ को लिखे पत्र में यशवंत सिंह भंडारी ने बताया कि पूर्व में भी उन्होंने बंदरों के आतंक के बाबत अवगत करा विभाग से निजात दिलाये जाने की माँग की है। लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। उन्होंने चेताया कि यदि बंदरों के आतंक के चलते कोई दुर्घटना हुई तो उसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
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