संस्कृति
कुंभ नामक यह सबसे बड़ा सांस्कृतिक उत्सव उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में
कुंभ मेला क्षेत्र के मुख्य परिसरों में भारत की आध्यात्मिक चेतना और
सांस्कृतिक विरासत के संगम का उत्सव है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार देश
की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का इसके सभी समृद्ध और विविध आयामों में सभी
आयामों जैसे कला, लोक नृत्य जनजातीय एवं शास्त्रीय कलाओं, हस्तशिल्प,
व्यंजन और प्रदर्शनियों आदि का एक ही स्थान पर प्रदर्शन करने के उद्देश्य
से इस संस्कृति कुंभ का आयोजन कर रहा है।
उद्घाटन
समारोह में संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री राम नाईक ने कहा कि कुंभ
दुनिया की सबसे पुरानी परम्पराओं में से एक है जो हमारे देश की एकता में
विविधता को दर्शाता है। मुझे कुंभ के दौरान अपनी परम्पराओं के वैभव को बहाल
करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं। संस्कृति कुंभ भारत की गौरवशाली संस्कृति
की भावना का जश्न मना रहा है।
केन्द्रीय
संस्कृति राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि कुंभ आध्यात्मिक चेतना और
सांस्कृतिक विरासत का संगम है जहां हम भारत की सांस्कृतिक जीवंतता का
प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम प्रधानमंत्री की कल्पना के अनुसार
भारत की सभी समृद्ध परम्पराओं का भी प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने
संस्कृति मंत्रालय के सभी अधिकारियों और पूरी टीम को ऐसे शानदार आयोजन के
लिए बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति की सभी विधाओं का एक ही
स्थान पर अनुभव करने का लोगों को अवसर प्रदान करेगा। उद्घाटन समारोह में
सभी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्रों के 250 कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रम
प्रस्तुत किया।
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