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देहरादून;


जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन ने अवगत कराया है कि जनपद में क्षेत्र पंचायत एंव जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन/परिसीमन का अनन्तिम प्रकाशन  कर दिया गया है, जिसके क्रम कोई भी नागरिक यदि अपनी आपत्ति दर्ज करना चाहता है तो 01 से 03 जनवरी 2019 तक किसी भी कार्य दिवस में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी एवं जिला पंचायतीराज अधिकारी कार्यालय में दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा कि विकासखण्ड चकराता, कालसी एवं विकासनगर विकासखण्डों की आपत्तियों की सुनवाई 4 जनवरी तथा विकासखण्ड सहसपुर, रायपुर एवं डोईवाला की अपत्तियों की सुनवाई 5 जनवरी 2019 को प्रातः 11 बजे से विकासभवन सभागार में की जायेगी।  उन्होंने यह भी अवगत कराया कि पुनर्गठन/परिसीमन के तहत् सभी विकासखण्डों में क्षेत्र पंचायत के 40-40 वार्ड है तथा जिला पंचायत के चकराता  विकासखण्ड में 6 वार्ड, कालसी में 5, विकासनगर 7, सहसपुर 5, डोईवाला 5 और रायपुर विकासखण्ड में 2 वार्ड हैं।


देहरादून;

 जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन की अध्यक्षता में मनरेगा योजना के तहत् विभिन्न कार्यों में (सिक्योर के अन्तर्गत) श्रमिक दरों में बढोतरी करने और योजना को अधिक कारगर बनाने के सम्बन्ध में विकासभवन सभागार में ग्राम्य विकास, सिंचाई, लो.नि.वि, आरईएस, इत्यादि सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों के साथ  बैठक आयोजित की गयी। 
बैठक में जनपद में वर्तमान समय में निर्माण सामग्री के मुकाबले श्रमांश कम होने के कारणों पर चर्चा करते हुए मनरेगा योजना में श्रमांश बढाने, स्थानीय संसाधनों का बेहतर सदुपयोग करने, और कम लागत में प्रभावी परिणाम निर्गत करने के सम्बन्ध में उपस्थित विभिन्न विभागीय अधिकारियों से सुझाव आमंत्रित किये गये तथा प्राप्त सुझावों पर अमल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर विस्तृत चर्चा की गयी। 
बैठक में चर्चा के दौरान श्रमांश कम होने के विभिन्न कारणों में  जो प्रकाश में उसके तहत् ग्राम पंचायतों द्वारा तैयार वार्षिक कार्ययोजना में श्रमिक प्रदान कार्यों का सम्मिलित न होना व पशु शैड निर्माण, बकरीबाड़ा, मुर्गी बाड़ा जैसे व्यक्तिगत कार्यों में न्यूनतम श्रमांश का होना तथा श्रमिकों की श्रेणी, मनरेगा श्रमिक दर, सिविल निर्माण कार्यों की दरें, आकस्मिक व्यय  तथा अन्य तकनीकी पहलु शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि श्रमिक दरें (लेबरिंग) बढाने, स्थानीय सामग्री व संसाधनों का योजना में नियोजित तरीके से उपयोग करने तथा कम लागत से योजना को वित्तीय और अन्य पहलुओं से प्रभावी बनाने के लिए सामने आये विभिन्न सुझावों के आधार पर आपसी समन्वय से मार्डन स्टीमेट तैयार करते हुए तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि अधीनस्थ फिल्ड कार्मिकों के माध्यम से ग्राम पंचायतों में किये जा रहे मनरेगा तथा अन्य योजना के तहत् विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रभावी माॅनिटिरिंग करें, साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से श्रमिक दरों को बढाने के प्रयास करें। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये कि नये स्टीमेट बनाते समय योजना के तहत् पुरानी कार्य प्रणाली के स्थान पर नई कार्यप्रणाली और तौर-तरीके अपनाने से होने वाले वित्तीय, तकनीकी लाभ तथा कारगर प्रभावों को भी सम्मिलित करते हुए आंगणन तैयार करें। 
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जी एस रावत, जिला विकास अधिकारी प्रदीप पाण्डेय, जिला पंचायतराज अधिकारी एम जफर खान, लो.नि.वि निर्माण खण्ड अधिशासी अभियन्ता आर.एस नेगी, अधिशासी अभियन्ता लघु सिंचाई, रविन्द्र प्रसाद, जनपद के खण्ड विकास अधिकारियों सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

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